8 साल बाद लौटे सीएम साहब तो बदली जारंग गांव की सूरत

8 साल बाद लौटे सीएम साहब तो बदली जारंग गांव की सूरत

बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर

बिहार के मुखयमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड के जारंग गांव में  अपनी विकास समीक्षा यात्रा के दौरान  222  योजनाओं का शिलान्यास और 125 योजनाओं का उद्घाटन किया ।  46060.1477 लाख रूपये की लगत वाली 222  योजनाओं की आधारशिला रखते हुए सीएम ने अधिकारियों की सख्त निर्देश दिया कि ये सभी योजनाएं एक साल के भीतर पूरी होनी चाहिए।

आपको याद दिला दें कि जारंग वहीं जगह है जहां 8 साल पहले सीएम नीतीश कुमार ने एक स्कूल को 12वीं तक करने की घोषणा की थी, लेकिन 7 साल तक स्कूल में बिल्डिंग के शिवाय कुछ भी नहीं हुआ, वो तो सीएम साहब 8 साल बाद दोबारा आए तो स्कूल में रौनक लौट आई । सवाल यही है कि अगर पुराने वादों की तरह ही अगर 222 योजनाओं के प्रगति की रफ्तार रही तो वो पूरी कब होंगी कोई नहीं जानात । शायद नीतीश कुमार भी इसी आशंका को समझते हुए एक साल में काम पूरा करने का निर्देश देना नहीं भूले । अपने इस कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने तीन पुस्तिकाओं- लोक शिकायत निवारण, बढ़ते कदम, संकल्प- स्वच्छता की राह में बढते कदम  और  विकसित बिहार के सात निश्चय का भी विमोचन किया। इस विकास समीक्षा यात्रा के दौरान जारंग पहुंचने पर मुख्यमंत्री का काफिला सबसे पहले जारंग पश्चिमी पंचायत के वार्ड नम्बर 8  में पहुंचा। वहां पिछले कुछ दिनों से हर घर नल का जल, हर घर शौचालय, वर्मी कम्पोस्ट वेड  हर, घर बिजली जैसी योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है । सीएम को आना था लिहाजा रंग-रोगन के साथ घरों को चमका दिया गया था । पशुओं को घर से दूर बांध दिया गया था ।

बदलते बिहार की ये तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री खुश नजर आ रहे थे । लिहाजा मंच से अपनी पुरानी यादों का जिक्र करना नहीं भूले, सीएम साहब ने कहा कि आज से 8 साल पहले  6 फरवरी 2009  को मैं इसी जगह आया था । रात यहीं टेंट में  बिताया। तब इस गांव की तस्वीर दूसरी थी। आज तस्वीर बदल चुकी है। गांव विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होने कहा , सम्यक विकास में सामाजिक कुरीतियां एक बडी बाधा है। नीतीश कुमार आगामी 21  जनवरी को फिर एक बार ऐतिहाहिस मानव श्रृंखला बनाने का  न्योता भी दे गये।सूर्यमणि कुमार/ बिहार के मुजफ्फरपुर के निवासी। एक दशक से लेखन कार्य में सक्रिय । दैनिक आज, प्रभात ख़बर समेत कई अखबारों से जुड़े रहे हैं । सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यों में रुचि ।

One thought on “8 साल बाद लौटे सीएम साहब तो बदली जारंग गांव की सूरत

  1. चलो भाई आठ साल में सी. एम. साहब लौट तो आये . यहाँ तो लोग इन्तजार में पूरी उम्र गुजार देते हैं। हमारे देश के किसान सत्तर बर्षो से इन्तजार ही तो कर रहे हैं। जो आता है वही ऊँचे. ऊँचे चुनावी सपने दिखाता है भोले भाले किसान देवता शिव से भी ज्यादा आशुतोष हैं हर एक की लोकलुभावन छ्लना के शिकार होते हैं ၊ दुर्दैव की विड़म्बना है कि सब का अन्नदाता आज तक लोगों के द्वारा हमेशा छला गया। काश! कोई गाँधी आज इनकी अगुवाई करता।

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