बदलाव प्रतिनिधि

प्रेम सौहार्द और बाल साहित्य ” पर गीतों कविताओं और गजलों से परिपूर्ण पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” की 42वीं साहित्य गोष्ठी वैशाली सेक्टर चारस्थित हरे भरे मनोरम सेंट्रल पार्क में 25 मार्च को सम्पन्न हुई। इस बार काव्य पाठ के साथ कवि अवधेश सिंह की बाल कविताओं के संग्रह नन्हें पंछी ‘ का लोकार्पण तथा मुक्ति बोध की कहानी पंछी और दीमक’ पर आधारित बाल नाटक का मंचन झारखंड के प्रशिद्ध रंगकर्मी दिनकर शर्मा ने किया

मुख्य अतिथि जयसिंह संपादक बाल भारती प्रकाशन विभाग भारत सरकारसमीक्षक कवि डॉ वरुण कुमार तिवारीसाहित्य अकादेमी भारत सरकार के विशेष कार्याधिकारी साहित्यकार देवेन्द्र देवेशबाल साहित्यकार संजीव ठाकुरकहानीकार लेखक संजय मिश्र आदि ने अवधेश सिंह रचित नन्हें पंछी” बाल कविता संग्रह का लोकार्पण किया

सुविख्यात रंगकर्मी दिनकर शर्मा द्वारा लेखक गजानन माधव मुक्तिबोध की कहानी पक्षी और दीमक पर आधारित एकांकी का मंचन हुआ। इसकी अवधि 15 मिनट थी। उपभोक्ता संस्कृति और उससे जनित आराम तलबी का मारा युवा पंछी कैसे दीमक बेचने वाले वेंडर को अपने एक-एक पंख के बदले स्वादिष्ट दीमक को घर बैठे खाने की आदत में फंसकर अपने सारे पंख गवां देता है। और अंत में पंख रहित हो कर रो रो कर पश्चाताप करता है। यह इस कहानी का सार था।

देर शाम तक चली गोष्ठी में प्रेम सौहार्द और बाल साहित्य ” पर गीतों कविताओं और गजलों ने नयी बुलंदियों से स्पर्श कराया। गोष्ठी में सर्व श्री कन्हैया लाल खरे वीरेंद्र गुप्ताके एम उपाध्याय मंजु मित्तल जय सिंह ,विष्णु सक्सेना रामेश्वर दयाल शास्त्रीअमर आनंद व मनोज दिवेदी सहित संयोजक कवि अवधेश सिंह ने कवितायें पढ़ी ।

इस अवसर पर परिंदे पत्रिका के संपादक टी पी चौबे व टीवी पत्रकार निधि कान्त पाण्डेय की उपस्थिति विशेष उल्लेखनीय रही। श्रोताओं में श्री राजदेव प्रसाद सिंह शत्रुघ्न प्रसाद एस॰पी चौधरी कपिल देव नागर रतन लाल गौतमसी॰एम झा लक्षा नागरपिंकी मिश्रा ,अनीता पंडितअनीता सिंह सौरभ कुशवाहा शोभिता सिंह हरीश चंद्र जोशी दमयंती जी व लक्ष्मी कुमारी आदि प्रबुध श्रोताओं ने रचनाकारों के उत्साह को बढ़ाया।