टीम बदलाव

पिछले कुछ वक्त से देश की संवैधानिक संस्थाएं विवादों के घेरे में आती रही हैं। ताजा विवाद देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी को लेकर है। सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं सीबीआई विवाद से जुड़ी अब तक की खास बातें।

 

  1. हैदराबाद के कारोबारी सतीश सना की शिकायत पर सीबीआई ने अपने ही स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और डीएसपी के खिलाफ 15 अक्टूबर को FIR दर्ज की ।

  2. सतीश सना की शिकायत के मुताबिक मोइन कुरैशी केस में अपने खिलाफ जांच रोकने के लिए उसने तीन करोड़ रुपये दुबई में रहने वाले मनोज प्रसाद नाम के शख्स को दिए। मनोज का दावा था कि सीबीआई के जांच अधिकारियों से उसकी जान पहचान है।

  3. सतीश सना से जुड़े मामले की जांच राकेश अस्थाना की अगुवाई में हो रही थी। डीएसपी देवेंद्र कुमार इस मामले में जांच अधिकारी थे, जिनको सीबीआई ने 22 अक्टूबर दोपहर बाद गिरफ्तार कर लिया।

  4. 22 अक्टूबर को ही राकेश अस्थाना ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर FIR को चुनौती दी, 29 अक्टूबर को सुनवाई तय हुई।

  5. सीबीआई अफसरों के बीच विवाद बढ़ता देख पीएमओ ने दोनों डायरेक्टरों को तलब किया। खबर है कि आलोक वर्मा अपनी जांच को लेकर तटस्थ रहे।

  6. 23 अक्टबर की आधी रात अचानक आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को जबरन छुट्टी पर भेजने का नोटिस जारी किया गया। आधी रात को ही आईपीएस नागेश्वर राव को सीबीआई का स्पेशल डायरेक्टर नियुक्त किया गया।

  7. 24 अक्टूबर को आलोक वर्मा ने सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 26 अक्टूबर को इस सुनवाई की तारीख मुकर्रर हुई।

  8. 25 अक्टूबर को प्रशांत भूषण ने अंतरिम डायरेक्टर पद पर नागेश्वर राव की नियुक्ति को चुनौती दी। इस पर भी सुप्रीम कोर्ट में 26 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर हुई।

  9. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक राकेश अस्थाना ने आलोक वर्मा के खिलाफ कैबिनेट सेक्रेटरी को चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया है कि आलोक वर्मा ने सतीश सना से 2 करोड़ रुपये की रिश्वत ली । साथ ही कुछ मामलों की जांच को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया।

  10. डीएसपी देवेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सना का कथित फर्जी बयान दर्ज किया, जिससे आलोक वर्मा के खिलाफ अस्थाना के आरोप को बल मिला।

  11. सीबीआई ने मनोज प्रसाद को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।

  12. कांग्रेस का आरोप है कि राकेश वर्मा राफेल डील को लेकर दस्तावेज जुटा रहे थे जिससे घबराकर सरकार ने उन्हें हटा दिया ।