ये दिल मांगे मोर …

साभार- विनोद कापड़ी
साभार- विनोद कापड़ी

साभार- विनोद कापड़ी

अगर आपके घर के बाहर मोर नजर आए तो दिल झूम उठेगा । शायद आपके बचपन की यादें ताजा हो जाएंगे जब गांव की गलियों और खेत खलियानों में मोर अक्सर आया करते और जब वो नाचते तो मन आनंतित हो उठता, लेकिन आज मोर सिर्फ चिड़ियाघर तक सिमट कर रह गए हैं, फिर भी गांवों में कभी-कभार दिख जाया करते हैं, लेकिन जब नोएडा जैसी प्रदूषण युक्त सिटी में अगर मोर दिख जाए तो फिर क्या कहना। सावन की फुहार के बीच मोर को अपनी छत पर देखना कैसा लगता है ये विनोद कापड़ी से बेहतर भला कौन समझ सकता है जिनके घर पर रिमझिम सावन के बीच मोर और मोरनी नजर आए तो उनका दिल से निकल उठा ये दिल मांगे मोर ।

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