पीएम मोदी के गांव वडनगर का शिव मंदिर ।

सत्येंद्र कुमार यादव

“सन् 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान फौज में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन उनकी कम उम्र इसमें आड़े आ गई और वे फौज में नहीं भर्ती हो सके। कम उम्र की वजह से चाहकर भी वह फौजी के रूप में देश की सेवा नहीं कर सके, लेकिन इससे उनकी देश भक्ति के जज्बे में कोई कमी नहीं आई। अपने महान वतन के लिए लड़ने वाले सैनिकों की सेवा करने का उन्हें जब भी मौका मिला, उन्होंने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। नरेन्द्र मोदी को खाने-पीने का कभी कोई खास शौक नहीं रहा। मां के हाथों का बना हुआ उन्हें जो कुछ भी मिल जाता था, वह बिना कोई ना-नुकुर किए खा लेते थे। उन्हें खाने में ढोकला, खाखरा, खिचड़ी, आलू की सब्जी खूब पसंद था। आज जबकि वह देश के प्रधानमंत्री हैं तब भी खाने में उन्हें यही सब पसंद है।” और बहुत ऐसी बातें जो दुनिया नहीं जानती है । ये किसने कहा इसके बारे में आप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके राजनीतिक सफरनामे पर शीघ्र ही प्रकाशित हो रही एक नई पुस्तक “नरेन्द्र मोदीः द ग्लोबल लीडर” में पढ़ सकते हैं । तकरीबन 360 पेज की इस पुस्तक में 35 अध्याय हैं। जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचपन, शादी और संन्यास, हिमालय प्रवास, आरएसएस से जुड़ाव की कहानी पढ़ने के लिए मिलेगी ।

दुनिया के सबसे चर्चित शख्सियतों में से एक ने कहा कि, “दुनिया के लोगों को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीखना चाहिए कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करें? नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया का बेहतर इस्तेमाल करके अपनी बातों को प्रभावी ढंग से दुनिया के लोगों तक पहुंचा रहे हैं।”

महानायक अमिताभ बच्चन ने किताब के लेखक से बातचीत में कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है। सुधारों से देश का माहौल बदला है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शानदार व्यक्तित्व का ही करिश्मा है कि उन्होंने स्वच्छता अभियान को जन अभियान में बदल दिया। उन्होंने देश और देश की जनता की समृद्धि और खुशहाली के लिए कई महत्वपूर्ण और साहसिक फैसले लिए हैं। उनके फैसलों की वजह से देश में तेजी से बदलाव हो रहा है।”

देश के सबसे बड़े उद्योगपति में से एक का मानना है कि “पीएम मोदी दुनिया में जहां कहीं भी जाते हैं भारत के समृद्ध इतिहास और भारतीयों की प्रतिभा, कार्य कुशलता के बारे में बात करते हैं। व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चर्चा के दौरान उनका पूरा फोकस इस बात पर रहा कि भारत के गांवों को कैसे सूचना प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने जब से प्रधानमंत्री का पद संभाला है, देश को सुपर पावर बनाने का काम कर रहे हैं।”

इस किताब में कश्मीर को लेकर भी कई तरह की बातें हैं । जम्मू-कश्मीर के राजनीति का वो कौन सा चेहरा है जिसका मानना है कि “आज यह ताज खतरे में नजर आ रहा है। सीमा पार पड़ोसी मुल्क की तरफ से हिंदुस्तान का ताज छीनने और उसे खुर्द-बुर्द करने की नापाक कोशिश की जा रही है। चीन की नजर भी अब कश्मीर घाटी पर है। जम्मू-कश्मीर को तबाह करने में जुटे पाकिस्तान को चीन से मदद मिल रही है। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही जम्मू-कश्मीर को बचा सकते हैं। मोदी जी कुछ बड़े और साहसिक फैसले लेकर कश्मीर को फिर से जन्नत बना सकते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रधानमंत्री मोदी जी से बहुत उम्मीदें हैं और वे मोदी जी की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं।”

लेखक और वरिष्ठ पत्रकार हरिगोविंद और राधे कृष्ण ।

वरिष्ठ पत्रकार व लेखक राधेकृष्ण और हरि गोविंद द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई पुस्तक “नरेन्द्र मोदीः द ग्लोबल लीडर” में कश्मीर को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत का रुख पढ़ सकते हैं । धारा 370 और पाकिस्तान के साथ बातचीत के मुद्दे पर उन्होंने अपनी विस्तृत राय रखी है । वहीं विश्व में भारत की बढ़ती धाक को रेखांकित करते हुए मीडिया के एक बड़े सूरमा ने कहा है कि “यूपीए सरकार के क्रिया-कलापों की वजह से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति लगातार कमजोर हुई। यूपीए सरकार के दस वर्षों के शासनकाल में हमारी विदेश नीति बेहद लचर थी। उस दौर में पड़ोसी राष्ट्रों के साथ हमारे संबंध बहुत खराब थे। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी पार्टी के हाईकमान से जैसा दिशा-निर्देश मिलता था, वे वैसा ही करते थे। उनका कहना है कि नरेन्द्र मोदी के भारत का प्रधानमंत्री बनने के बाद विश्व समुदाय में भारत की स्थिति में बदलाव आया है। दुनिया का कोई भी देश आज की तारीख में भारत की अनदेखी करने की स्थिति में नहीं है। नोटबंदी और जीएसटी को मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसला बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे आने वाले समय में देश को भारी फायदा होगा।”

देश के सुप्रसिद्ध संत और रामकथा वाचक मोरारी बापू, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, टाटा एंड संस के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा, लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ और योग गुरु स्वामी रामदेव के नजर में पीएम मोदी क्या हैं, का विस्तार से जिक्र है ।

नरेन्द्र मोदीः द ग्लोबल लीडर पुस्तक के लेखक राधेकृष्ण ने बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने में उन्हें दो साल से ज्यादा का समय लगा। इस सिलसिले में उन्होंने अहमदाबाद, गांधीनगर और प्रधानमंत्री के गृहनगर वडनगर में लगभग छह माह तक प्रवास किया। इसके अलावा उन्होंने पुस्तक के लिए सामग्री जुटाने और लोगों का साक्षात्कार करने के लिए दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद भोपाल, रायपुर, पटना, रांची, श्रीनगर, कोलकाता, देहरादून, जयपुर, शिमला की यात्राएं कीं। पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई सम-सामयिक मुद्दों पर पूछे गए सवालों के एक्सक्लूसिव जवाब दिए हैं।

इस किताब में आपातकाल के दिनों में भूमिगत रहकर जेल में बंद संघ के लोगों के परिवारों की देखभाल करना, संघ से भाजपा में प्रवेश, गुजरात के मुख्यमंत्री पद को संभालने के साथ ही भूकंप से तबाह हो चुके राज्य का पुनर्निर्माण करके देश का नंबर वन राज्य बनाने, कट्टरवादी हिंदू नेता की छवि तोड़कर विकास पुरुष बनने, भारत का प्रधानमंत्री बनने और उसके बाद उनके ग्लोबल लीडर बनने तक की पूरी कहानी शामिल है। पुस्तक में सरदार सरोवर बांध के निर्माण पर एक अध्याय है। जिसमें गुजरात के सीएम विजय रूपानी ने कहा है कि अगर मोदी जी पीएम नहीं बनते तो सरदार सरोवर बांध का निर्माण कभी पूरा नहीं होता। राधेकृष्ण ने बताया कि सबसे पहले यह पुस्तक हिन्दी में और उसके बाद अंग्रेजी में प्रकाशित होगी। इस पुस्तक को गुजराती और मराठी में भी प्रकाशित किया जाएगा।


सत्येंद्र कुमार यादव। एक दशक से पत्रकारिता में । देवरिया जिले के रहने वाले हैं।

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