गुजरात के राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली को किताब भेंट करते हुए राधे कृष्ण और हरिगोविंद विश्वकर्मा ।

जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के रास्ते अलग हो गए हैं । अब दोनों एक दूसरे के खिलाफ जुबानी जंग कर रहे हैं । लेकिन जब ये दोनों साथ थे तो बहुत बड़ी बातें करते थे । बतौर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यहां तक कहा था कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही कश्मीर समस्या का हल कर सकते हैं।” जम्मू-कश्मीर के हालात पर उन्होंने बेबाकी से बोलते हुए कहा कि “जम्मू-कश्मीर हिंदुस्तान का ताज है, लेकिन आज यह ताज खतरे में नजर आ रहा है। सीमा पार पड़ोसी मुल्क की तरफ से हिंदुस्तान का ताज छीनने और उसे खुर्द-बुर्द करने की नापाक कोशिश की जा रही है। पाकिस्तान केसाथ ही चीन की नजर भी अब कश्मीर घाटी पर है। जम्मू-कश्मीर को तबाह करने में जुटे पाकिस्तान को चीन से मदद मिल रही है। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही जम्मू-कश्मीर को बचा सकते हैं। मोदी जी कुछ बड़े और साहसिक फैसले लेकर कश्मीर को फिर से जन्नत बना सकते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रधानमंत्री मोदी जी से बहुत उम्मीदें हैं और वे मोदी जी की तरफ बहुत उम्मीदों के साथ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं।” जब दोनों दल सत्ता में एक साथ थे तो ऐसी बातें करते थे हालांकि अब इस तरह की बातें गौंण हो चुकी हैं ।

वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “जम्मू-कश्मीर ही नहीं समूचा कश्मीर भारत का हिस्सा है। प्रधानमंत्री मोदी पर जनता को भरोसा, देश सही तरीके से आगे बढ़ रहा है। कश्मीर को लेकर हमारी नीति हमेशा स्पष्ट रही है। जम्मू-कश्मीर ही नहीं समूचा कश्मीर भारत का हिस्सा है। पाकिस्तान ने कश्मीर के बहुत बड़े भू-भाग पर अनधिकृत कब्जा कर रखा है। पाकिस्तान को चाहिए कि वह कश्मीर से अपना अनधिकृत कब्जा हटाकर उसे भारत को सौंप दे। जम्मू-कश्मीर में स्थायित्व, विकास, खुशहाली और आतंकवाद से मुक्ति के लिए राज्य से धारा 370 खत्म होनी चाहिए। मोदी सरकार के काम-काज की तारीफ करते हुए संघ प्रमुख ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अच्छा काम कर रही है। सरकार के सुधार कार्यक्रमों से देश में बदलाव आया है और हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पर देश की जनता को पूरा भरोसा है। मोदी जी के नेतृत्व में देश सही तरीके से आगे बढ़ रहा है।”


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के चार साल पूरे होने के अवसर पर उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और राजनीतिक सफरनामे पर प्रकाशित हुई एक नई पुस्तक “नरेन्द्र मोदीः द ग्लोबल लीडर” में संघ प्रमुख मोहन भागवत और महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर मसले पर खुलकर अपने विचार रखे । सत्ता में साथ रहते हुए भले ही बीजेपी ने 370 और कश्मीरी विस्थापितों को लेकर अपना रुख स्पष्ठ ना किया हो लेकिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने उस दौरान भी अपने रूख को साफ कर दिया था । संघ प्रमुख ने कहा कि “पहले आतंकवाद से पीड़ित होकर जो कश्मीरी पंडित अपना घर छोड़कर चले गए थे, उनकी घाटी में वापसी होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित अपने घरों में सम्मानपूर्वक वापस लौटें। जम्मू-कश्मीर में हिंसा और आतंकवाद के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है। हर कोई जानता है कि पाकिस्तान आतंकवाद का पोषक है और विश्व में आतंकवाद फैला रहा है। पाकिस्तान के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं है क्योंकि उसकी नीयत में खोट है। पाकिस्तान से अब कोई बातचीत तब होनी चाहिए जब पहले वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे। पाकिस्तान को आतंकवाद का साथ छोड़ना होगा। बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।”

वरिष्ठ पत्रकार राधेकृष्ण और हरि गोविंद द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई पुस्तक “नरेन्द्र मोदीः द ग्लोबल लीडर” पुस्तक में राजनीतिक दिग्गजों से लेकर उद्योगपतियों के प्रधानमंत्री मोदी के प्रति क्या नजरिया है, का जिक्र है । पुस्तक के लेखक राधेकृष्ण ने बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने में उन्हें दो साल से ज्यादा का समय लगा। इस सिलसिले में उन्होंने अहमदाबाद, गांधीनगर और प्रधानमंत्री के गृहनगर वडनगर में कई माह तक प्रवास किया। इसके अलावा उन्होंने पुस्तक के लिए सामग्री जुटाने और लोगों का साक्षात्कार करने के लिए दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद भोपाल, रायपुर, पटना, रांची, श्रीनगर, कोलकाता, देहरादून, जयपुर, शिमला की यात्राएं कीं। पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके अब तक के राजनैतिक सफर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ ही उनके बड़े सोमभाई मोदी ने कई अहम जानकारी दी ।

हिंदी में प्रकाशित इस किताब को राधेकृष्ण और हरगोविंद विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई मोदी को भेंट की । इस किताब में आप पढ़ेंगे कि कैसे वडनगर का एक नौजवान सेना में भर्ती होना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं पाया । सोमनाथ मोदी बताते हैं कि “सन् 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नरेन्द्र मोदी फौज में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन उनकी कम उम्र इसमें आड़े आ गई और वे फौज में नहीं भर्ती हो सके। कम उम्र की वजह से चाहकर भी वह फौजी के रूप में देश की सेवा नहीं कर सके, लेकिन इससे उनकी देश भक्ति के जज्बे में कोई कमी नहीं आई। अपने महान वतन के लिए लड़ने वाले सैनिकों की सेवा करने का उन्हें जब भी मौका मिला, उन्होंने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। नरेन्द्र मोदी को खाने-पीने का कभी कोई खास शौक नहीं रहा। मां के हाथों का बना हुआ उन्हें जो कुछ भी मिल जाता था, वह बिना कोई ना-नुकुर किए खा लेते थे। उन्हें खाने में ढोकला, खाखरा, खिचड़ी, आलू की सब्जी खूब पसंद था। आज जबकि वह देश के प्रधानमंत्री हैं तब भी खाने में उन्हें यही सब पसंद है। पीएम मोदी की शादी को लेकर भी इस किताब में महत्वपूर्ण जानकारी है जिसे आप जानना चाहेंगे ।

किताब पढ़ते हुए पीएम मोदी के बड़े भाई सोमनाथ मोदी

आप सोचते होंगे कि पीएम मोदी की पत्नी का क्या रुख है वो भी इस किताब में पढ़ सकते हैं । गुजरात में सोहराबुद्दीन एनकाउंटर पर खुल कर बात की गई है । बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कई मुद्दों पर साफ-साफ जवाब दिया है ।
विरोधी नेताओं के नजर में मोदी का कद काफी ऊंचा है । समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने पीएम मोदी के बारे में बड़ी बातें कहीं । “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दृढ़ इच्छाशक्ति वाले राजनेता हैं। उनकी नीति और नीयत दोनों ठीक है। इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि वह देश के मान-सम्मान पर कोई आंच नहीं आने देंगे। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और संघर्षों के दम पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को इस मुकाम (केंद्र के साथ ही 21 राज्यों में भाजपा की सरकार) तक पहुंचाया है। यह सही है कि वैचारिक स्तर पर हमारा मोदी जी के साथ हमेशा वैचारिक मतभेद रहा है, लेकिन हमने उनके अच्छे कामों की हमेशा तारीफ की है। मोदी जी ने लोकसभा चुनाव- 2014 में सबका साथ, सबका विकास का नारा दिया था, अब जबकि वह देश के प्रधानमंत्री हैं तो उन्हें सबको साथ लेकर चलना चाहिए। मोदी जी को चाहिए कि वह जनता से किए हुए अपने चुनावी वादों को पूरा करें क्योंकि जनता से किए हुए वादे पूरे नहीं करना धोखा-धड़ी है। पूर्व सैनिकों की वर्षों से लंबित वन रैंक वन पेंशन की मांग मानकर उसे लागू करना मोदी सरकार का बड़ा फैसला है। इससे 21 लाख से ज्यादा पूर्व सैनिक लाभान्वित होंगे। मोदी जी ने इजराइल का दौरा करके देश के लिए कुछ खास हासिल नहीं किया है बल्कि देश का नुकसान किया है। बेहतर विदेश नीति का मतलब है कि हमारे देश के मित्रों की संख्या अधिक हो, जितने ज्यादा आपके मित्र होंगे, उतनी ज्यादा आपकी ताकत बढ़ेगी। जितने ज्यादा आपके शत्रु होंगे, उतनी आपकी ताकत घटेगी। नरेन्द्र मोदी को इजराइल का दौरा करने से बचना चाहिए था, क्योंकि उनके इस दौरे ने कम से कम 30 देशों को भारत से अलग कर दिया है।”

मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता
“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातें सुनकर ऐसा लगता है कि भारत के विकास में कांग्रेस पार्टी का कोई योगदान नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि मोदी जी अभी तक जिन परियोजनाओं का फीता काटकर करके उद्घाटन कर रहे हैं,वाह-वाही लूट रहे हैं, उन सभी परियोजनाओं पर काम कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के शासनकाल में शुरू हुआ था। मोदी जी ने जनता से झूठे वादे करके लोकसभा का चुनाव जीता और सत्ता में आए। यह सही है कि लोकसभा चुनाव के दौरान नरेन्द्र मोदी अपने झूठे वादों से जनता को बहलाने, फुसलाने और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने में कामयाब रहे, जिससे चुनाव में हमारी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। मोदी जी को बताना चाहिए कि उनकी सरकार ने अब तक देश और जनता के हित में विकास के कौन-कौन से काम किए हैं। मोदी जी के शासनकाल में देश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है।”
कमलनाथ, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता
“देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि अगर आप मोदी सरकार के किसी फैसले का विरोध करते हैं, अपनी आवाज उठाते हैं तो आप देशद्रोही हैं। मोदी जी ने जिस तरह से हड़बड़ी में जीएसटी को लागू किया, उस पर जब हमने ऐतराज जताया तो हमें राष्ट्रद्रोही और विकास विरोधी बता दिया गया। आज जीएसटी का सारा श्रेय नरेन्द्र मोदी ले रहे हैं, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि देश में जीएसटी को लागू करने का फैसला कांग्रेस ने लिया था। यूपीए सरकार ने जीएसटी का जो ड्राफ्ट तैयार किया था, उसमें टैक्स की अधिकतम सीमा 14 प्रतिशत थी, लेकिन मोदी सरकार ने उसे बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा।”

उत्तराखंड सरकार की मंत्री रेखा आर्या ।

इस किताब में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन, टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, फेसबुक के फाउंडर सीईओ मार्क जुकरबर्ग, योग गुरु स्वामी रामदेव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के सीएम डॉ. रमन सिंह, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विस्तार से अपनी राय रखी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पुस्तक में खुद कई मुद्दों पर पूछे गए सवालों के एक्सक्लूसिव जवाब दिए हैं।

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि “दुनिया के लोगों को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीखना चाहिए कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करें? नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया का बेहतर इस्तेमाल करके अपनी बातों को प्रभावी ढंग से दुनिया के लोगों तक पहुंचा रहे हैं। आजकल लोग चुनाव खत्म होने के बाद भी नेता से मुद्दों और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जुड़े रहते हैं। सोशल मीडिया ही ऐसा फोरम है जो जनता को उनके नेताओं के साथ सीधे संपर्क में रहने में मदद करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने मंत्रियों को फेसबुक पर जानकारी शेयर करने की सलाह देते हैं ताकि इससे लोगों का सीधे फीडबैक मिल सके। 21वीं शताब्दी में सोशल नेटवर्किंग साइट्स ने टेलीविजन की जगह ले ली है। अब लोग कोई जानकारी हासिल करने के लिए टेलीविजन नहीं देखते हैं बल्कि सोशल नेटवर्किंग साइट्स सर्च करते हैं।

मुकेश अंबानी, चेयरमैन, रिलायंस इंडस्ट्रीज

“समय के साथ बदलाव जरूरी है। समय ज्यादा इंतजार नहीं करता है। देश में तेजी से विकास के लिए तेज गति बेहद जरूरी है। खासकर, तब देश को और ज्यादा तेज गति की जरूरत है, जब न्यू इंडिया की बुनियाद रखी जा चुकी है। हर क्षेत्र में सुधारों को लागू किया जा रहा है और बदलाव हो रहा है। विकास की राह में हम दूसरों के मुकाबले बहुत पीछे रह गए हैं, इसलिए हमारे पास अब धीरे-धीरे आगे बढ़ने का वक्त नहीं है। देश में जितनी तेजी से सुधारों को लागू किया जाएगा, उतनी ही तेजी से बदलाव होगा और न्यू इंडिया का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत का नाम विश्व में जिस तरह से ऊंचा किया है, उससे वे ग्लोबल लीडर बन गए हैं। वे दुनिया में जहां कहीं भी जाते हैं भारत के समृद्ध इतिहास और भारतीयों की प्रतिभा, कार्य कुशलता के बारे में बात करते हैं। व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चर्चा के दौरान उनका पूरा फोकस इस बात पर रहा कि भारत के गांवों को कैसे सूचना प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने जबसे प्रधानमंत्री का पद संभाला है, देश को सुपर पॉवर बनाने का काम कर रहे हैं।”

अमिताभ बच्चन, महानायक, भारतीय सिनेमा

“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है। सुधारों से देश का माहौल बदला है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शानदार व्यक्तित्व का ही करिश्मा है कि उन्होंने स्वच्छता अभियान को जन अभियान में बदल दिया। उन्होंने देश और देश की जनता की समृद्धि और खुशहाली के लिए कई महत्वपूर्ण और साहसिक फैसले लिए हैं। उनके फैसलों की वजह से देश में तेजी से बदलाव हो रहा है। मोदी जी ने सबका साथ-सबका विकास का जो नारा दिया है, उसे हकीकत में बदलने के लिए वे कड़ा परिश्रम कर रहे हैं। मैं उनका प्रशंसक हूं। उनके नेतृत्व में न्यू इंडिया का निर्माण हो रहा है। न्यू इंडिया के निर्माण के लिए उन्होंने डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं।”

मोरारी बापू, देश के सुप्रसिद्ध संत और रामकथा वाचक

“प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी में देश को आगे बढ़ाने की ललक है। उन्होंने जबसे देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला है, देश को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। मोदी जी के कुशल नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों में देश ने विकास के मामले में लंबी छलांग लगाई है। देश का बुनियादी ढ़ांचा मजबूत हुआ है। मोदी जी देश के गरीबों, पिछड़ों, दबे-कुचले लोगों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करके उन्हें आगे बढ़ा रहे हैं। वे बिना किसी भेद-भाव के सबको साथ लेकर चल रहे हैं। उनकी ईमानदारी, निष्ठा, लगन और देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता है। नरेन्द्रभाई मोदी ने विश्व बिरादरी में जिस तरह से भारत का मान बढ़ाया है, उससे वे ग्लोबल लीडर बन गए हैं।”

रतन टाटा, टाटा एंड संस के पूर्व अध्यक्ष

“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्लोबल लीडर हैं। दुनिया ने उनका लोहा माना है। उनके नेतृत्व में भारत महाशक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। जबसे उन्होंने देश की बागडोर संभाली है, देश में चारों तरफ बदलाव हुए हैं और वे बदलाव नजर आ रहे हैं। हर मोर्चे पर नरेन्द्र मोदी को आशातीत सफलता मिल रही है तो उसकी वजह यह है कि उनकी नीतियां ठीक हैं और नीयत साफ है।”

योग गुरु स्वामी रामदेव, अध्यक्ष, पतंजलि योगपीठ

“प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी ग्लोबल लीडर हैं। अब इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यों से भारत के गौरवशाली दिन लौटाए हैं और विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया है। वह भारत के गौरव और विश्व के नायक हैं, जिन्होंने भारत को गौरवान्वित किया है। नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत का निर्माण हो रहा है।”

तकरीबन 360 पेज की इस पुस्तक में 35 अध्याय हैं। जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचपन, शादी और संन्यास, हिमालय प्रवास, आरएसएस से जुड़ाव, आपातकाल के दिनों में भूमिगत रहकर जेल में बंद संघ के लोगों के परिवारों की देखभाल करना, संघ से भाजपा में प्रवेश, गुजरात के मुख्यमंत्री पद को संभालने के साथ ही भूकंप से तबाह हो चुके राज्य का पुनर्निर्माण करके देश का नंबर वन राज्य बनाने, कट्टरवादी हिंदू नेता से विकास पुरुष बनने, भारत का प्रधानमंत्री बनने और उसके बाद उनके ग्लोबल लीडर बनने तक की पूरी कहानी शामिल है। पुस्तक में सरदार सरोवर बांध के निर्माण पर एक अध्याय है। जिसमें गुजरात के सीएम विजय रूपानी ने कहा है कि अगर नरेन्द्रभई मोदी पीएम नहीं बनते तो सरदार सरोवर बांध का निर्माण कभी पूरा नहीं होता। राधेकृष्ण ने बताया कि यह पुस्तक अंग्रेजी में प्रकाशित होगी। बाद में इस पुस्तक को गुजराती और मराठी में भी प्रकाशित किया जाएगा। इस किताब को आप अमेजन पर भी खरीद सकते हैं ।


सत्येंद्र कुमार यादव, टीवी पत्रकार। 

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