मुजफ्फरपुर से सूर्यमणि कुमार की रिपोर्ट

कोरोना महामारी से जंग के दौरान देश की संसद में बैठने वाले ज्यादातर जनप्रतिनिधि अपने घरों में कैद हैं, लेकिन ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि डॉक्टर्स और पुलिसवालों की तरह अपनी जान की परवाह किए बिना अपने गांव को सुरक्षित करने में जुटे हैं । ऐसी ही एक तस्वीर बिहार के मुजफ्फरपुर में देखने को मिली । बंदरा प्रखंड में बंदरा पंचायत की मुखिया गीता गुप्ता संकट की इस घड़ी में गांव की जनता के साथ खड़ी हैं । एक महिला जनप्रतिनिधि का यह प्रयास अन्य प्रतिनिधियों के लिये मिशाल साबित  हो रही है।

 गीता गुप्ता ने सबसे पहले कोरोना जंग के जीतने के लिए सबसे पहले तो लाउडस्पीकर से पंचायत के सभी टोला कस्बा में  घूम घूम कर लोगों से घरों में लॉक डाउन रहने के लिए लोगों से अपील की और लोगों को बार बार साबुन से हाथ साफ करने के लिए प्रेरित किया । इसके बाद पूरे पंचायत में कोरोना से बचाव के लिए खुद छिड़काव किया ।

गीता गुप्ता पंचायत में सभी बैंकों एवं ग्राहक सेवा केंद्र पर जाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवा रही है । इस बारे में जब उनसे सवाल किया गया तो उनका कहना था कि वो अपने साथ चुना का पैकेट रखती हैं और जहाँ देखती है बैंक में भीड़ है वो खुद चुने से मार्किंग कर लाइन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाती है। मास्क के उपयोगिता को देखते हुए बाजार में मास्क न मिलने पर वो खुद मास्क तैयार करने में जुट गई।  अपने हाथों से सैकड़ों मास्क तैयार कर अपने पंचायत में कार्यरत पंचायत सचिव, विकास मित्र,  आशा,  आंगनबाड़ी सेविका, वार्ड सदस्य, पंच सदस्य के साथ साथ पुलिस प्रशासन,  मीडिया के अलावा जरूरतमंद लोगों के बीच मास्क बांट चुकी है।

इसके  साथ ही इन्होंने अपने पंचायत में लोगों को विशेष जानकारी देने के लिए पंचायतनामा खबर नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना कर पंचायत के सभी वार्डों के लोगों को लगातार सही सूचनाएं पहुंचा रही हैं । इसके जरिए वे प्रतिदिन दिशा निर्देश देती हैं और इसके अलावे सभी सरकारी कल्याणकारी योजना के अलावा देश व विदेश तक की जानकारी पंचायत के लोगों तक पहुंचाती हैं । इससे पहले वे पंचायत के छःगरीब बच्चों को वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज हरियाणा से बीटेक करवाने का काम किया ।