सत्येंद्र कुमार यादव

आदर्श ग्राम धौरहरा में मैरेज हॉल भूमि पूजन करते हुए सांसद कलराज मिश्र

यूपी के देवरिया लोकसभा सीट से जनता ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र को अपना सां सद चुना। वो केंद्र में 3 साल तक मंत्री भी रहे। यूपी में बीजेपी की राजनीति के बड़े चेहरों में से एक हैं। पीएम मोदी की अपील पर कलराज मिश्र ने भी गांव को गोद लिया। कलराज मिश्र देवरिया के रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के पयासी गांव (सलेमपुर के पास) और कुशीनगर जिले के फाजिलनगर ब्लॉक के गांव धौरहरा, जो कि देवरिया संसदीय क्षेत्र में पड़ता है, को गोद लिया है । यानी कलराज मिश्र ने दो गांव पयासी और धौरहरा को गोद लिया है । जब सांसद कलराज मिश्र ने इन दोनों गांव को गोद लिया तो लोगों में विकास को लेकर एक उम्मीद जगी। पयासी के लोग तो काफी उत्साहित थे। लेकिन क्या लोगों की उम्मीदों पर सांसद कलराज मिश्र खरे उतरे ? क्या जिस गांव को वो गोद लिए हैं वो आदर्श गांव बन पाया है। इन बातों को जानने के लिए दोनों गांवों में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया गया।

आदर्श गांव पर आपकी रपट- चार

मुहिम के साझीदार- AVNI TILES & SANITARY

85-A, RADHEPURI EXTENTION, NEAR BUS STOP

M-9810871172,858598880

सांसद आदर्श गांव पर अगली रिपोर्ट जयंत सिन्हा की होगी। वो गृहमंत्री राजनाथ सिंह के गोद लिए गांव की तस्वीर हमसे साझा करेंगे। 

पयासी में विकास की प्यास कब बुझेगी ?

पयासी गांव को कलराज मिश्र ने 5 नवंबर 2014 को गोद लिया। एक विकसित गांव का मॉडल तैयार करने की बात कही थी । देवरिया जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर इस गांव में सांसद के आने से एक उम्मीद तो जगी थी लेकिन मोदी सरकार के 4 साल बीत जाने के बावजूद इस गांव में बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ।

कैसी हैं सड़कें ?
पयासी गांव को गोद लेने के बाद सांसद ने इस गांव में सड़क और इंटरलॉकिंग का कार्य कराया । कहीं कहीं नालियां दुरुस्त की गईं लेकिन मई 2018 की तस्वीर बता रही है कि नालियों का रख रखाव नहीं हो रहा है । सड़क किनारे गंदगी है । पानी निकास की व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है । हालांकि ग्राम प्रधान को इस पर नजर रखनी चाहिए।

आदर्श गांव पयासी की तस्वीर । फोटो- अभिषेक ।

बिजली की व्यवस्था
यूपी के गांवों में मिलने वाली बिजली यहां भी पहुंचती है । लेकिन इसके अलावा सांसद की तरफ से जो काम किया गया है उसमें सोलर लाइट्स भी हैं । ग्रामीणों का कहना है कि सोलर लाइट्स बड़े लोगों के घरों के सामने लगी है, झोपड़ियों के सामने आज भी अंधेरा है । गांव में कुल 52 सोलर लाइट्स लगी हैं लेकिन अधिकांश अंधेरे में ही घुम हैं । यानी काम नहीं करती हैं ।

गांव में अस्पताल की व्यवस्था
6 हजार से ज्यादा जनसंख्या वाले पयासी गांव में 5 टोले हैं और करीब 4 हजार यहां पर मतदाता हैं। लोगों की सेहत का ख्याल रखने के लिए यहां एक अस्पताल भी है लेकिन अक्सर बंद रहता है । यही नहीं यहां पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारी मौके पर नहीं मिलते हैं । आरोप है कि कर्मचारी अपनी ड्यूटी को लेकर गंभीर नहीं हैं ।

साफ पानी के लिए RO प्लांट और नई योजनाएं

सांसद कलराज मिश्र के ट्विटर अकाउंट @KalrajMishra पर नजर डालेंगे तो प्यासी में किए गए कार्यों को लेकर जिक्र मिलेगा । रोजगार परक योजनाओं की जानकारी लेने आए दिल्ली से व्यक्तिगत सहायक की तस्वीर भी मिलेगी । लेकिन जब से मंत्री पद से हटे हैं, ग्रामीणों का कहना है कि सभी योजनाएं ठप हैं । किसी तरह का कोई काम नहीं हो रहा है । पानी के लिए जो आरो प्लांट लगा है वो पिछले 8 महीने से काम नहीं कर रहा है । पानी के लिए वाटर टैंक भी बनाया गया है लेकिन अभी तक सप्लाई नहीं हो रही है। गांव वालों को रोजगार का आश्वासन मिला था लेकिन वो भी वादा पूरा नहीं हुआ । गांव में ज्यादातर शौचालय लोगों ने खुद बनवाए हैं । कुछ लोगों को शौचालय मिले हैं लेकिन ज्यादातर लोग गांव के बाहर शौच के लिए जाते हैं ।

पयासी गांव में शिक्षा
6000 की जनसंख्या के बीच एक प्राइमरी स्कूल है जहां पर वो ही बच्चे पढ़ने जाते हैं जिनके माता-पिता के पास प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है। इस स्कूल में रेगुलर क्लासेज नहीं चलती हैं । लोगों को उम्मीद थी कि सांसद जी गांव के बच्चों के लिए एक अच्छा स्कूल देंगे लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है । ग्रामीणों का यहां तक कहना है कि ग्राम प्रधान के कार्यों को सांसद जी का कार्य बताया जाता है । साथ ही ये भी कहते लोग मिले कि जब से सांसद जी मंत्री पद से हटे हैं गांव का विकास प्रभावित हुआ है । हालांकि सांसद कलराज मिश्र करीब 5 बार इस गांव का दौरा कर चुके हैं ।

पयासी गांव की महिलाओं से बातचीत करते दिल्ली से आए सांसद के व्यक्तिगत सहायक ।

सांसद कलराज मिश्र के आदेर्श गांव पयासी की यही रपट है लेकिन क्या उनके द्वारा लिए गए दूसरे गांव धौरहरा में भी ऐसा ही हाल है ? जी नहीं, इस गांव में विकास का पहिया बड़ी तेजी से चल रहा है । एक तरह से कह सकते हैं कि कलराज मिश्र का जितना फोकस धौरहरा गांव पर है उतना पयासी गांव पर नहीं । आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि उनके ट्विटर अकाउंट पर ज्यादातर तस्वीरें धौरहरा गांव की मिलेगी, जिसमें किए गए विकास कार्यों की झलक दिखाई देगी । इस गांव को गोद लेने के एक साल के अंदर यहां पीने के लिए साफ पानी, सड़क, बिजली, मैरेज हॉल के लिए भूमि पूजन तक कर दिया गया था । यही नहीं कई योजनाओं की शुरुआत कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कोशिश भी शुरू हो गई थी । फिलहाल अगर आप धौरहरा गांव का जायजा लेंगे तो आपको लगेगा कि सांसद कलराज मिश्र ने यहां पर काम किया है। देवरिया जिले के आस-पास के संसदीय क्षेत्र सलेमपुर, बलिया, घोषी, कुशीनगर के सांसदों की तुलना में कलराज मिश्र ने धौरहरा गांव में बेहतरीन काम किया है ।

धौरहरा गांव में सड़क और बिजली
12 छोटे-बड़े टोलों वाले धौरहरा गांव की आबादी करीब 5 हजार है । सलेमपुर के पास पयासी गांव को गोद लेने के करीब डेढ़ साल बाद 30 अप्रैल 2016 को कलराज मिश्र ने धौरहरा गांव को गोद लिया था। गांव को गोद लेने के 6 महीने के अंदर ही इस गांव की सड़कें दुरुस्त होने लगीं । सड़क के किनारे सोलर लाइट्स लगाई गईं । और धीरे धीरे इस गांव में विकास परक योजनाएं शुरू की गईं । धौरहरा गांव के 12 टोलों में बिजली की व्यवस्था की गई । हालांकि अभी भी कई घरों में बिजली नहीं है जिसके लिए प्रयास जारी है । गांव की अधिकांश सड़कें पक्की हो गई हैं ।

आदर्श गांव धौरहरा। गांव के लोगों से बातचीत करते दिल्ली से आए सांसद के व्यक्तिगत सहायक।

पीने के लिए साफ पानी
शुद्ध पेयजल परियोजना के तहत धौरहरा गांव में आरओ प्लांट लगाया गया है । जिसकी क्षमता प्रति घंटा 2 हजार लीटर है जो 5 हजार जनसंख्या वाले गांव के लिए काफी है । लेकिन टोलों के बीच दूरी होने की वजह से कई टोलों के लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं । फिर भी ही सांसद की ये कोशिश सराहनीय है।

धौरहरा गांव में RO प्लांट और सड़कों के शिलान्यास शिलापट ।

शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग
धौरहरा गांव में पहले से ही 12वीं तक का एक कॉलेज और एक हाई स्कूल है । इसलिए ग्रामीण यहां पर किसी स्कूल की जरूरत नहीं महसूस करते हैं । चूंकि राष्ट्रीय राजमार्ग 28 से सिर्फ दो किलोमीटर की दूरी पर होने की वजह से यहां के छात्र आस-पास के स्कूलों में भी आसानी से चले जाते हैं । परिवहन व्यवस्था अच्छी है । गांव में एक स्वास्थ्य सेंटर भी है । लेकिन यहां के लोग अपने सांसद से बैंक की शाखा खोलने की मांग कर रहे हैं, जिसके लिए प्रयास जारी है। सांसद कलराज मिश्र का कहना है कि “सभी गांव वाले के परस्पर सहभागिता से गांव में अच्छी स्थिति का निर्माण होगी । पानी ठीक, सफाई ठीक तो रोग छू भी न सकेगा”।

सांसद ने रखी गांव में विकास की नींव
यहां पर विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है। जिसके तहत उन्हें चरखा दिया जा रहा है । यही नहीं इस गांव को गोद लेने के तुरंत बाद सांसद कलराज मिश्र ने एक मैरेज हॉल का भूमि पूजन भी किया । इस मैरेज हॉल के होने से ना सिर्फ तिलक-विवाह में लोगों का फायदा होगा बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रम भी यहां आयोजित कर सकते हैं। सर्दी के मौसम में ग्रामीणों को कंबल भी वितरित किया गया था।

आदर्श गांव धौरहरा में सर्दी के महीनों में कंबल वितरित करते हुए सांसद कलराज मिश्र ।

यानी कुल मिलाकर देवरिया के सांसद कलराज मिश्र ने अपने दो आदर्श गांव में से सिर्फ धौरहरा गांव को ही आदर्श बनाया है। पयासी गांव में आज भी विकास का इंतजार है । हालांकि यहां पर भी उन्होंने शुरुआती प्रयास किए  लेकिन मंत्री पद से हटने के बाद कार्य करीब रुक सा गया है, फिर भी आस-पास के सांसदों की तुलना में आदर्श गांव के विकास में बेहतर हैं।


सत्येंद्र कुमार यादव, एक दशक से पत्रकारिता में । देवरिया जिले के रहने वाले हैं।

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