एक जांबाज अफसर की संदिग्ध मौत मामले की जांच के बिना खुदकुशी करार देने की इतनी जल्दबाजी क्यों हो रही है ? आखिर किस आधार पर संदिग्ध मौत को खुदकुशी बताया जा रहा है ? ये सवाल हर किसी के जुबां पर है लेकिन इसका जवाब कोई देने वाला अभी सामने नहीं आया है । यूपी सरकार ने 30 मई को सीबीआई जांच कराने की बात कही और 31 मई को सिफारिश केंद्र को भेज दी लेकिन अभी तक सीबीआई ने इस मामले को अपने हाथ में नहीं लिया है। हालांकि लखनऊ सीबीआई के टीम ने अनौपचारिक रूप से मामले से जुड़े कागजात ले लिया है । बताया जा रहा है कि जल्द ही सीबीआई इस मामले को अपने हाथ में लेने का ऐलान करेगी । वहीं दूसरी ओर लखनऊ में कुछ और खेल खेला जा रहा है ।

वरिष्ठ पत्रकार और फिल्म डायरेक्टर विनोद कापड़ी ने ट्वीट कर कुछ सवाल खड़े किए हैं । उन्होंने लिखा है कि- “कल रात से UP ATS के अफ़सर की तरफ़ से मीडिया में ख़बरें plant करवाई जा रही हैं कि राजेश साहनी ने पारिवारिक कारणों से आत्महत्या की और सूबुत के तौर पर दिखाए जा रहे हैं चार मैसेज और चार कॉल। सवाल है कि क्यों नहीं अब तक FIR हुई? CBI जाँच कब शुरू होगी? असीम को क्यों नहीं हटाया गया? ये बहुत बड़ा और गंभीर सवाल है। राजेश साहनी की मौत की जाँच क्यों नहीं हो रही ? ASP राजेश साहनी की पत्नी को नौकरी और बेटी की पढ़ाई-ये निःसंदेह अच्छे क़दम हैं लेकिन कुछ सवाल हैं,जिन पर तुरंत @myogiadityanath सरकार को देखना होगा. 1- अब तक FIR क्यों नहीं हुई? 2- CBI जाँच क्यों नहीं शुरू हुई ? 3- ATS IG असीम अरूण को क्यों नहीं हटाया गया? #JusticeForRajeshSahni “

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा ने भी आशंका जाहिर की है कि कही ना कहीं कुछ तो गड़बड़ है जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है । उन्होंने यहां तक लिखा कि फॉरेंसिक एविडेंस को नष्ट कर दिया गया है ।
यूपी पुलिस ने अभी तक सिर्फ परिवार के लोगों से ही बातचीत की है इससे आगे जांच नहीं बढ़ी है । जब से सीबाआई जांच की सिफारिश हुई है यूपी पुलिस मानो चिंता मुक्त हो गई है, उन्हें अपने एक अफसर की मौत की शायद अब चिंता नहीं है। सबसे हैरानी की बात ये है कि बिना जांच मामले को खुदकुशी बताने की कोशिश हो रही है। हो भी सकता है, लेकिन राजेश साहनी की मौत के बाद जिस तरह से अधिकारियों का रवैया रहा है वो शक के दायरे में है। क्योंकि उनकी मौत के बाद ना तो उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और ना ही फॉरेंसिक एविडेंस को सुरक्षित रखा गया । राजेश साहनी की संदिग्ध मौत के बाद इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए डीजीपी को अपना इस्तीफ भेजा- “राजेश साहनी आईजी असीम अरुण की प्रताड़ना से परेशान थे और मैं भी असीम अरुण की वजह से ही अपना इस्तीफा दे रहा हूं ।”
इस तरह की बाते सामने आने के बाद भी इस जांच में देरी क्यों हो रही है ? इधर यूपी सरकार ने राजेश साहनी की बेटी की पढ़ाई का सारा खर्च उठाने का ऐलान किया है साथ ही पत्नी को पुलिस विभाग में ओएडी का पद ऑफर किया गया है ।


सत्येंद्र कुमार यादव