बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर

अरुणाचल प्रदेश की हिन्दी लेखिका जोराम यालाम नावाम को उनके उपन्यास ‘ जंगली फूल’ और कथा संग्रह ‘साक्षी है पीपल’ के लिए 12 वां अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान प्रदान किया गया। नार्थ-ईस्ट की   इस पहली हिन्दी लेखिका को रविवार 24 नवम्बर को  मुजफ्फरपुर  के मयूर भवन में  अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति समिति की ओर से आयोजित एक भव्य समारोह में  प्रशस्तिपत्र, मोमेंटो और 11,111 रूपये  का चेक देकर सम्मानित किया गया ।

 सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने सम्बोधन में डाक्टर जोराम यालाम ने कहा कि अबतक मैं   एक लेखिका के रूप में सम्मानित होने का विरोधी रही हूं लेकिन अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति समिति के संयोजक डाक्टर वीरेन नन्दा ने मुझे बताया कि समिति ने यह सम्मान उन्हें उनकी पुस्तक साक्षी है पीपल और जंगली फूल के लिए देने का निर्णय किया है तो मैं ना नहीं कह सकी। यह सम्मान प्राप्त कर मैं अपने होने की सार्थकता महसूस कर रही हूं।  उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का आपना एक अलग जीवन दर्शन है। पूर्वोत्तर के वारे में लोगों की यह रोमांटिक धारणा है  कि वहां की लडकियां आसानी से सुलभ होती हैं यह धारणा बिल्कुल गलत है। किसी उत्सव में नार्थ-ईस्ट के लड़के- लड़कियां आपस में हाथ पकड़ कर नृत्य करते हैं। नार्थ-ईस्ट के बाहर के लोग इसे दूसरे रूप में लेते हैं, जबकि उत्सव में शामिल  लड़के – लडकियों को इस बात का तनिक भी अहसास नहीं होता कि वे किसका हाथ पकड़े हुए हैं , वे उत्सव के उत्साह में डूबे रहते हैं। 

अपनी पुस्तक जंगली फूल और साक्षी है पीपल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार और अरुणाचल की स्त्रियों की स्थिति सर्वथा अलग-अलग है। नार्थ-ईस्ट में महिला-पुरुष में काफी समानता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में यदि कोई पुरुष अपनी स्त्री को एक थप्पड़ मारता है तो पहले वह रोती है और फिर उस पुरुष को भी थप्पड़ जड़ने से परहेज नहीं करती। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से उनका हौसला बढ़ा है। सम्मान राशि का चेक उन्होंने समिति के संयोजक को यह कहते हुए भेंट कर दिया कि यह राशि समिति भविष्य के  अपने कार्यक्रमों में  खर्च करे।

इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय में विभागाध्यक्ष रहे डाक्टर वीर भारत तलवार, महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डाक्टर प्रमोद मीणा, मिजोरम यूनिवर्सिटी, मिजोरम के सहायक प्राध्यापक अमीष वर्मा,बिहार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाक्टर रवीन्द्र कुमार रवि  उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता वीर भारत तलवार और संचालन अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति समिति के संयोजक डाक्टर वीरेन नन्दा ने की। धन्यवाद ज्ञापन समिति के कोषाध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद सिंह दिनेश ने किया।