IAS आरपी यादव के फेसबुक से साभार

अगर आप सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या फिर करना चाहते हैं तो आप ये पोस्ट जरूर पढ़े, इस पोस्ट के जरिए मैं अपने अनुभव के आधार पर कुछ सुझाव आप तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं जिससे आपको सिविल सेवा की तैयारी में थोड़ी मदद मिल सके । आज के समय में आईएएस महज एक नौकरी नहीं बल्कि एक रुतबे और पावर का प्रतीक बन गया है, हर कोई एक बार इस क्षेत्र में दांव आजमाना चाहता है, इसी कारण पिछले कुछ वर्षों से अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है । जहाँ भीड़ ज्यादा होती है वहां प्रतियोगिता भी ज्यादा हो जाती है ऐसे में जरूरी है कि हम एक रणनीति के तहत अपनी तैयारी की रूपरेखा तैयार करें ताकि आप ना सिर्फ दूसरों से आगे निकल सकें बल्कि आईएएस के इस चक्रव्यूह को भी भेद सकें, क्योंकि कहा गया है कि “सफल व्यक्ति अलग काम नहीं करते बल्कि उनके करने का तरीका दूसरों से अलग होता है” ! आज मैं उसी रणनीति के बारे में आंकड़ों के साथ चर्चा कर रहा हूं ।

सबसे पहले आईएएस की तैयारी को दो बराबर भागों में बाँट लीजिये। एक भाग समसामयिकी का होगा जिसमें न्यूज़ पेपर, मंथली मैगज़ीन, सम्पादकीय आदि को रखें और दूसरे भाग सामान्य अध्ययन के विषयों को रखें जिसमे इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, पर्यावरण जैसे विषय शामिल हैं । समसामयिकी को लगातार 50 प्रतिशत देने की आवश्यकता इसलिए हैं क्योंकि प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू तीनों में ये बहुत उपयोगी है ।सामान्य अध्ययन के लिए विषय बहुत हैं, ऐसे में हम सबकुछ नहीं पढ़ सकते, इसीलिए हमें इस भाग में एक खास रणनीति की आवश्यकता होती है। सबसे पहले हम 4 ऐसे विषयों को चुनें जिनके प्रश्नों का योग लगभग मेरिट तक पहुंचता हो । इसीलिए सबसे पहले पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करने को कहा जाता है !

1. अगर हम राजव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था एवं पर्यावरण का ग्रुप बनाते हैं तो 2017 के पेपर में इन चारों विषयों से 56 पूछे गए थे और मेरिट लगभग 105 गयी थी अब अगर उन 56 में आप करंट के 8 प्रश्न मिला दें तो लगभग 64 प्रश्न बनते हैं जो मेरिट तो आराम से बीट करेंगे । 2016 में भी इन पांच से लगभग 78 प्रश्न पूछे गए थे और 2015 में भी इन पांच से 61 प्रश्न पूछे गए थे । जो उस वर्ष की मेरिट से काफी ज्यादा थे ।

2. बहुत से लोगों को अर्थव्यवस्था से समस्या होती है तो मैं अर्थव्यवस्था को हटाकर उसकी जगह भूगोल शामिल करके राजव्यवस्था, भूगोल, पर्यावरण और पारिस्थितिकी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का ग्रुप बनाता हूँ । इन चारों से 2017 में 47 प्रश्न पूछे गए थे और अगर करंट को शामिल कर दिया जाये तो 55 । उस वर्ष की मेरिट 105 गयी थी यानि यह भी मेरिट को आराम से बीट करता है । 2016 में इन पांच से लगभग 67 प्रश्न पूछे गए थे और 2015 में कुल 60 प्रश्न पूछे गए थे ।

वर्ष 2016 में मेरिट 116 गयी थी और 2015 में 107 । हमेशा मेरिट 105 से 120 तक रहती है इसलिए कुल मिलाकर मेरे कहने का इतना मतलब है कि सामान्य अध्ययन में कुल 9 मुख्य विषय होते हैं जिनमें आप 4 ऐसे छांट लीजिये जिनका योग लगभग 40 प्रश्नों से पार आता हो और जो आपको सहज लगते हैं और उन्हें बिलकुल परफेक्ट कर लीजिये और जो बाकी के विषय हों उनके महत्वपूर्ण चैप्टर्स पर ध्यान दीजिये इसके जो थोड़े भी प्रश्न ना आते होंगे या गलत होंगे वो बाकी के 5 भागों के प्रश्नों से कवर हो जायेंगे और करंट को आप लगातार आधा समय दे ही रहे हैं ! इस तरह आपकी तैयारी कम समय में पूरी हो जाएगी ।

ऊपर जो भी पांच विषय मैंने लिए हैं उनमें अभी इतिहास नहीं है जो अपने आप में चार किताबों के बराबर है जिसमें प्राचीन, मध्यकालीन,आधुनिक और विश्व इतिहास शामिल है ! इसके बाद कला एवं संस्कृति, सामान्य ज्ञान और विविध वाला भाग अभी पूरा पड़ा ही है ।
यह रणनीति प्रारंभिक परीक्षा की है मुख्य परीक्षा के लिए थोड़े बदलाव के बाद मैं पुनः पोस्ट डालूंगा !अगर आप को रणनीति अच्छी लगी तो इसे आगे शेयर कीजिये और मुझे फेसबुक R.P. YADAV पर फॉलो कीजिए

आरपी यादव/यूपी के संतकबीर नगर के निवासी, 2015 बैच के आईएएस, इन दिन लखनऊ में बतौर संयुक्त सचिव कार्यरत ।