मनीष कपूर

narad muniपिछले कुछ दिनों से मेरे सपने में हर रोज भगवान आते हैं और एक ही बात कहते हैं- ‘तुम मेरा काम करो’। भगवान को देखते ही मेरी बोलती बंद हो जाती है इसलिए पूछ नहीं पाता हूं कि वो मुझसे कौन सा काम करवाना चाहता हैं। खुद से समझने की कोशिश करता हूं तो लगता है कि कर्मकांड का जानकार नहीं हूं इसलिए घरों और मंदिरों में पूजा नहीं करवा सकता। थोड़ा डरपोक किस्म का इंसान हूं इसलिए भगवान के लिए लड़ाई-झगड़ा, गाली गलौज और मार-धाड़ भी नहीं कर सकता। गौ-पालन से दूर-दूर तक कभी वास्ता नहीं रहा, इसलिए नहीं जानता कि गौरक्षा का मतलब क्या है और कैसे की जाती है, शायद इसके लिए भी मारपीट करना होता है। तो वो कर नहीं पाऊंगा।

बड़ी दुविधा में फंसा हूं, समझ नहीं पा रहा हूं कि आखिर भगवान मुझसे अपना कौन सा काम करवाना चाहते हैं। शायद आपलोग मेरी मदद कर पाएं। मुमकिन है, आपमें से कई लोग भगवान के ‘क्लोज कॉन्टैक्ट’ में होंगे, तो पूछ कर बताइएगा। साथ ही एक और सवाल का जवाब पूछिएगा कि जब भगवान खुद सर्वशक्तिमान हैं तो हम इंसानों से अपना काम क्यों करवाना चाहते हैं?

सपने का दूसरा दौर

gaur aksha dalकल रात फिर भगवान मेरे सपने में आए (अब ये मत पूछिएगा कि कौन से- बाबा विश्वनाथ, सोमनाथ या वैद्यनाथ)। और छूटते ही मुझसे बोले, ‘आज तुम मुझसे सवाल पूछ सकते हो, मुझसे बात कर सकते हो क्योंकि मैंने तुम्हारा पिछला फेसबुक पोस्ट पढ़ लिया है’। मुझे हैरानी हुई कि अब ‘ऊपर’ भी सोशल मीडिया का क्रेज बढ़ रहा है और भगवान ने भी फेसबुक और ट्वीटर पर नजरें गड़ा ली हैं। मैंने अपने आपको थोड़ा कंट्रोल किया और सामने खड़े भगवान से पूछ लिया, ‘हे भगवन! क्या अब आपलोग भी सोशल मीडिया फॉलो कर रहे हैं?’

मेरा सवाल सुनकर भगवान थोड़ा हंसे और बोले– ‘हां, सोशल मीडिया छोड़ो हमलोगों ने तो मीडिया पर भी अपनी नजरें गड़ा रखी है और ये देख लिया है कि तुम लोग गाय और भैसों का इंटरव्यू करने लगे हो, ये समझ लिया है कि पत्रकारों को बेजुबान कहे जाने वाले जानवरों की भाषा समझ में आने लगी है। पहले उनकी परेशानी या तो हम समझ पाते थे या फिर गौरक्षक, लेकिन अच्छा है अब तुम लोग भी समझ पा रहे हो। ये नेक काम जारी रखो और दूसरे जानवरों की भाषा समझने की कोशिश में लगे रहो। क्योंकि तब वाकई क्रिएटिविटी दिखेगी।’

भगवान की बातें सुनकर मैं अवाक रह गया। फिर पूछा, ‘अच्छा अब सोशल मीडिया के बारे में बताइए।‘ वो थोड़ा दुखी होकर बोले, ‘एक वक्त था जब तुमलोग हमें ‘फॉलो’ किया करते थे लेकिन आज मैं तुमलोगों को ‘फॉलो’ कर रहा हूं, नहीं तो ‘ऊपर’ ये पता ही नहीं चल पाता है कि हमारे लिए मार-काट कहां मची है और कहां गाली गलौज हो रही है? सोशल मीडिया की वजह से हमें पता चल जाता है कि कौन ‘भक्त’ है और कौन नहीं?’

modi-cow charaभगवान ने अपनी बातें खत्म की तो मैंने पूछ लिया कि आपलोगों ने तो सोशल मीडिया टीम भी बना ली होगी। भगवान बोले- ‘हां, हमारी अपनी टीम है और नारद जी उसके इंचार्ज हैं। लेकिन आजकल वो बड़े परेशान रहते हैं, कहते हैं कि नीचे के ‘महानारदों’ के आगे उनकी काबलियत कुछ भी नहीं है।’  इतना सब कुछ बताने के बाद भगवान ने मुझसे पूछ लिया- ‘अच्छा ये बताओ कि तुमने मेरा काम किया या नहीं?’ मैंने जवाब दिया- ‘भगवन, मैं तो समझ ही नहीं पाया कि आप मुझसे करवाना क्या चाहते हैं?’ भगवान बोले- ‘तू मूढ़ था, मूढ़ है और मूढ़ ही रहेगा। अब मैं ट्वीट करुंगा और बताऊंगा कि आखिर तुझे मेरा कौन सा काम करना है। चल, मुझे फॉलो कर-@bolnewalebhagwan ।

तो मित्रों, पत्रकारों का दम देखिए। जानवर क्या अब वो भगवान से बातें करने लगे हैं। हमें ये पता चल चुका है कि भगवान भी सोशल मीडिया पर हैं। अब इंतजार कीजिए उस दिन का जब आपको सोशल मीडिया पर बेजुबान जानवरों के भी एकाउंट नज़र आएंगे।


manish kapoorमनीष कपूर। नेतरहाट, बिहार के पूर्व छात्र। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची और दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। स्टार न्यूज (आज का एबीपी), न्यूज 24 के बाद इन दिनों आजतक में कार्यरत। एक दशक से भी ज्यादा वक्त से पत्रकारिता में सक्रिय।

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