बदलाव प्रतिनिधि, सेहमलपुर

फूलों की खेती के फायदों से आम किसानों को अवगत करवाने के लिए टीम बदलाव ने जौनपुर के सेहमलपुर गांव में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जिसके मुख्य अतिथि पुष्प कृषि विशेषज्ञ रवि पाल थे। देश के किसान आम तौर पर गेहूं, धान, मक्का जैसे अनाजों की खेती करते हैं। इसके अलावा कुछ किसान दलहन, तिलहन औऱ सब्जियों भी बोते हैं। लेकिन इन पारंपरिक फसलों के अलावा किसान नए प्रयोग कम ही करते हैं। फूलों की खेती एक ऐसा विकल्प है जो किसानों के ज्यादा लाभकारी हो सकता है।

अगर फूलों की खेती ठीक तरीके से की जाए और उसकी मार्केटिंग का उचित प्रबंध हो तो किसानों की जिंदगी में भी खुशियों के फूल खिल सकते हैं।रवि पाल खुद मैनपुरी में 25 बीघे खेत में फूलों की खेती करते हैं। उन्होंने एमबीए करने के बाद नौकरी करने के बजाय खेती को अपना व्यवसाय बनाया और सफलतापूर्वक फूलों की खेती करके एक मिसाल कायम की। आज उनके साथ करीब 500 किसान जुड़े हैं।नटीम बदलाव के निमंत्रण पर रवि पाल जौनपुर आए। उनकी कार्यशाला में तीन सत्र आयोजित किए गए। पहले सेशन में रवि पाल ने आम किसानों को फूलों की खेती के बुनियादी तौर तरीकों के बारे में बताया।

दूसरे सत्र में पुष्प कृषि विशेषज्ञ रवि पाल ने प्रायोगिक विधि से किसानों को समझाया। उन्होंने खुद खेत में फूलों के बीज डाल कर डेमोंस्ट्रेशन किया। सूखे और गीले खेत में बीज कैसे डालना है, इसका विस्तार से वर्णन किया। रवि पाल ने किसानों को बताया कि फूलों की फसल को लेकर क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। तीसरे सत्र में किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया। खेती से जुड़े उनके प्रश्नों के उत्तर दिए गए। रवि पाल ने किसानों को बताया कि फूलों की फसल की मार्केटिंग कैसे की जाए। फूलों को तैयार होने के बाद उसे अच्छे दामों पर कैसे बेचा जाए ताकि अधिकतम मुनाफा मिले।

सेहमलपुर में टीम बदलाव की इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खरपत्तू यादव ने की जबकि संचालन मंगलदेव ने किया। इसमें टीम बदलाव के एसपी यादव, अरुण प्रकाश, हरि प्रकाश और विजय प्रकाश ने भी शिरकत की।

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