बदलाव प्रतिनिधि, देवरिया

देश में आम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं । राष्ट्रवाद के शोर में जमीनी मुद्दे दबाने की कोशिश की जा रही है । सियासी दल देश के अन्नदाता की आय दोगुना करने का दावा और वादा तो कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर किसानों की मुश्किलें दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं । इस चुनाव में सत्ताधारी दल राष्ट्रवाद का दंभ भर रहा है और विपक्ष गरीबों को 12 हजार रुपये महीने देने का वादा कर रहा है, लेकिन किसानों की जो असल जरूरतें हैं वो कैसे दूर होंगी इस बात पर किसी का ना तो ध्यान है और ना ही जोर । शायद हमारे नेता ये मानकर चल रहे हैं कि किसान और गरीब वोट बैंक है और उसमें से जब चाहे वोट निकाल सकते हैं, लेकिन ये राजनेता इस बात को भूल जाते हैं कि जब बैंक कंगाल होगा तो ‘कैश’ कैस निकल पाएगा । एक दौर था जब जय प्रकाश नारायण से लेकर चौधरी चरण सिंह शरीके राजनेता किसानों के मुद्दे सिर्फ उठाते ही नहीं थे बल्कि उसे दूर भी करने की कोशिश करते थे, लेकिन आज तो जैसे हमारे राजनेताओं को जमीन की बजाय हवा में बातें करने की आदत सी पड़ गई है, यही वजह है कि देवरिया के पिंडी में किसानों की फसल कटकर तैयार है, लेकिन उसे बेचने के लिए सरकारी गोदाम तैयार नहीं हैं । पिंडी का इकलौता फसल क्रय केंद्र बरसों से बंद पड़ा है, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं । देवरिया ने केंद्र सरकार को मंत्री भी दिया फिर भी पिंडी के इस क्रय केंद्र की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ, लिहाजा स्थानीय लोगों ने फसल खरीद के लिए विरोध-प्रदर्शन का फैसला किया है ।

किसान संघर्ष समिति पिंडी की अगुवाई में रविवार शाम 5 बजे पंचायत समिति भवन पिंडी में शांति पूर्ण प्रदर्शन का किया जाएगा । लिहाजा किसान भाइयों से समिति ने गुजारिश की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में भागीदारी निभाने के लिए समय से पंचायत भवन पहुंचे ताकि प्रशासन को जगाया जा सके और किसानों की फसल खरीद के लिए क्रय केंद्र को खोला जा सके  । क्षेत्र के किसानों की इस मांग को लेकर युवा समाजसेवी प्रसेनजीत सिंह ने सोशल मीडिया के जरिये जागरुकता अभियान भी चला रहे हैं । प्रसेनजीत का माननता है कि सरकार और प्रशासन की इसी उदासीनता के कारण अटल जी एवं लालबहादुर जी के जय जवान,जय किसान एवं जय विज्ञान का सपना अधूरा पूरा नहीं हो सका है ।किसानों की मांग को लेकर प्रसेनजीत ने बताया कि किसानों की इस मांग को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। ज्यादा जानकारी के लिए आप प्रसेनजीत के मोबाइल नंबर +91 97852 71361 पर संपर्क कर सकते हैं ।