बदलाव प्रतिनिधि, जौनपुर

अगर कुछ करने का जुनून और जज्बा हो तो आपको मंजिल तक पहुंचने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती। लड़ाई बड़ी हो या छोटी बस आप के भीतर इच्छा शक्ति होनी चाहिए। बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो अपने आस-पास फैली कुरीतियों और बुराईयों के खिलाफ आवाज उठाते हैं। ऐसे ही लोगों में एक नाम है विकास तिवारी का। विकास पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं। गोमती और सई नदी के दोआब में बसे जौनपुर के युवाओं को पिछले कई बरस से दोहरा नाम का नशीला खाद्य पदार्थ दीमक की तरह कमजोर कर रहा था। विकास ने दोहरे के खिलाफ आवाज उठाई और करीब साढ़े तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद आज जौनपुर में दोहरे के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पेश है दोहरे के खिलाफ संघर्षों की कहानी विकास तिवारी की जुबानी ।

बदलाव- सबसे पहले तो आपको दोहरे के खिलाफ मिली जीत के लिए बधाई?

विकास तिवारी- जी शुक्रिया ! ये जीत सिर्फ मेरी नहीं बल्कि पूरे जौनपुर की है। मैंने एक छोटी सी शुरुआत की थी, लेकिन समाज के हर वर्ग का साथ मिलता गया और आज हम सभी की जीत हुई ।

बदलाव- दोहरा खतरनाक है, ये आपको कब पता चला, क्या आपने कभी दोहरे का सेवन किया है ?

विकास तिवारी- जी नहीं, मैं कोई नशा नहीं करता, लेकिन मेरे कुछ दोस्त दोहरा खाते थे, शुरू-शुरू में तो वे लोग दोहरे की काफी तारीफ करते थे, लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता गया उनको मुंह से जुड़ी बीमारियां होने लगीं । जब कभी हम गोल गप्पे साथ खाने के लिए बैठते तो वे लोग इनकार कर देते,जब वजह पूछता तो बताते कि मुंह नहीं खुल पाता । तभी मुझे लगा कि कही ये सब दोहरे की वजह से तो नहीं हो रहा है ।

बदलाव- दोहरे के खिलाफ आपने लड़ाई कब शुरू की ।

विकास तिवारी- जब मैंने दोस्तों के मुंह में हो रही परेशानियों को देखा तो मुझे लगा कि जरूर ये दोहरे की वजह से ही होगा । लिहाजा मैंने कुछ डॉक्टरों से बात की और मेरा शक सही निकला । डॉक्टरों ने बताया कि दोहरे में हानिकारक पदार्थ की वजह से ही ऐसी बामारियां हो रही हैं । इसी दौरान दोहरा खाने वाले एक शख्स की मौत की ख़बर आई तो कहीं मेरे दोस्तों के साथ भी ऐसा ना हो, लिहाज साल 2014 में मैंने दोहरे के खिलाफ जंग का संकल्प लिया और कुछ साथियों के साथ मिलकर अभियान चलाने लगा ।

बदलाव- इन साढ़े तीन सालों के संघर्ष के बारे में कुछ बताना चाहेंगे ?

विकास तिवारी- शुरूआत में इस जंग में कुछ दोस्त मेरे साथ जरूर आए लेकिन तमाम ऐसे लोग भी थे जिन्होंने मेरा मजाक उड़ाया लेकिन मैं पीछे नहीं हटा । मैंने पहले जागरुरता अभियान चलाया, फिर भी कोई खास फायदा नहीं हुआ, लिहाजा मैंने डॉक्टरों से संपर्क किया और लगातार अभियान जारी रखा । इस बीच हर पांच-छ महीने में माउथ कैंसर से मरने वालों की ख़बर आने लगी तो लोगों को हमारी बात समझ में आई और धीरे-धीरे लोग हमारी इस मुहिम से जुड़ते गए ।

बदलाव- आपने लोगों को कैसे यकीन दिलाया कि दोहरा हानिकारक है ?

विकास तिवारी- दोहरे से जब मौत होने लगी तो मैंने प्रशासन से शिकायत की लेकिन शुरुआत में अधिकारियों की मिली भगत से दोहरे का सैंपल जांच में पास हो जाता फिर भी मैंने हार नहीं मानी और कैंसर संस्थानों से जौनपुर के मरीजों का डाटा निकलवाया । मुंबई से टाटा कैंसर हॉस्पिटल से भी डाटा मंगवाया तो कई चौंकाने वाले तख्य सामने आए जिसको लेकर मैंने जिला प्रशासन से लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखा । हमने दोहरे के खिलाफ प्रदर्शन भी जारी रखा । इसके लिए कभी नदी में दोहरे का विसर्जन किया तो कभी मार्च निकाला । मैं पेशे से वकील भी हूं लिहाजा बड़ी संख्या में वकील भी साथ आए तो प्रशासन पर दबाव बढ़ने लगा । इस बीच दोहरे की जांच के लिए जो 20 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे उसमें 13 रिपोर्ट पिछले दिनों आई तो सभी 13 सैंपल जांच में फेल हो गये और हमारी उम्मीद बढ़ गई । हम वो रिपोर्ट लेकर जब जिलाधिकारी और खाद्य विभाग के पास गए तब जाकर हमारी बात सुनी गई और आखिरकार 7 जुलाई को जिला प्रशासन ने जौनपुर में दोहरे के उत्पादन और बिक्री पर पूर्णतया रोक लगाने का आदेश दे दिया ।

बदलाव- पिछले एक हफ्ते में क्या दोहरे पर पाबंदी के आदेश का कोई असर दिखा ?

विकास तिवारी- हां असर हो रहा है, लेकिन अब भी कुछ दुकानदार चोरी-छुपे दोहरा बेच रहे हैं लिहाजा मैंने प्रशासन से इसकी भी शिकायत की है । खाद्य विभाग ने मुझे ऐसे दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है ।

बदलाव- दोहरे के खिलाफ आपकी लड़ाई पूरी हुई, अब आगे क्या इरादा है ?

विकास तिवारी- अभी दोहरे के खिलाफ मेरी लड़ाई पूरी नहीं हुई है । मैंने अब दोहरे की वजह से बीमार पड़े लोगों और उनके आश्रितों को मदद के लिए प्रशासन से मांग की है । ताकि जिन लोगों को दोहरे की वजह से कैंसर हुआ है उनका मुफ्त इलाज हो सके और जो लोग दम तोड़ चुके हैं उनके बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा का इंतजाम किया जाए, तभी जाकर मेरी लड़ाई पूरी होगी ।

बदलाव- समाजिक में फैली बुराईयों के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा कहां से मिली ?

क्यों खरनाक होता है दोहरा ?
दोहरे में तम्बाखू का प्रयोग होता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ।
PFA एक्ट के तहत दोहरे का कोई भी मानक निर्धारित नहीं है, जिससे दोहरे के निर्माण का कोई मानक नहीं ।                     दोहरे के पैकेट पर कोई चेतावनी अंकित नहीं की जाती थी और ना ही एक्सपायरी डेट दिया जाता था ।
दोहरे के सेवन से कैंसर, दांत की बीमारी, मुह में फाईब्रेसिस, आंत का अल्सर, मुंह का कैंसर का खतरा ज्यादा होता है

विकास तिवारी- मैं गांधी जी को अपना आदर्श मानता हूं । गांधीजी ने पहले समाज में फैली बुराईयों और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और वही आवाज धीरे-धीरे आजादी की लड़ाई में बदल गई । इसलिए बुराईयां छोटी हों या बुरी आवाज उठानी जरूरी है ।

बदलाव- सुना है आपने कोई राजनीतिक पार्टी भी ज्वाइन की है ?

विकास तिवारी- जी हां, मैंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की है, लेकिन मेरा का सिर्फ पार्टी ज्वाइन करना नहीं है बल्कि राजनेता से ज्यादा मैं अपने को समाजिक कार्यकर्ता मानता हूं और जौनपुर की जनता के लिए जो कुछ बेहतर है उसे करने का छोटी-छोटी कोशिश कर रहा हूं । मुझे नेताओं के साथ फोटो खिंचाने से ज्यादा अच्छा लोगों के अधिकार के लिए लड़ना पसंद है ।

बदलाव- हम उम्मीद करते हैं कि समाज में बदलाव के लिए आपका संषर्ष ऐसे ही जारी रहेगा ।

विकास तिवारी- जी बिल्कुल । हम उम्मीद टूटने नहीं देंगे ।


विजय  प्रकाश/  मूल रूप से जौनपुर जिले के मुफ्तीगंज के निवासी । बीए, बीएड की पढ़ाई के बाद इन दिनों सामाजिक कार्यों में व्यस्त।