बदलाव प्रतिनिधि, देवरिया

बदलाव बाल क्लब की कहानी कार्यशाला- आओ पढ़े सुने और सुनाएं किस्से का समापन औपचारिक रुप से तो 18 जून को दिल्ली-गाजियाबाद और मुजफ्फरपुर में हो गया, लेकिन यूपी के देवरिया में छात्रों और स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए संचालक अनिल यादव ने कार्यशाला को 22 जून तक चलाने का फैसला किया । देवरिया में बदलाव बाल क्लब की कार्यशाला की शुरुआत 14 जून को हुई थी जिसमें बच्चों की उत्सुकता देखते ही बन रही थी । पहले दिन जो बच्चे कार्यशाला में खड़े होकर बोलने से हिचक रहे थे 22 जून तक आते-आते वो खुलकर अपनी बात ना सिर्फ रखने लगे बल्कि उनमें सबसे पहले अपनी बात कहने की होड़ सी लग गई ।

संचालक अनिल यादव ने इन 9 दिनों में कहानी के साथ ही बच्चों के भीतर की छिपी प्रतिभा को निखारने का भी काम किया । कार्यशाला के दौरान बच्चों से अभिनय भी कराया गया। जिसमें बच्चों को काफी मजा आया। साथ ही बच्चों ने डांस का भी लुत्फ उठाया। बच्चे जमकर मस्ती करते और परिवार के लोग देखते ही रहते। गांवों में अमूमन डांस या अभिनय को लेकर लोगों में कोई खास रुचि नहीं रहती। आलम तो ये होता है कि अगर बच्चा गाना गुनगुनाते या डांस करते नजर आ गया तो अभिभावक उनका उत्साह बढ़ाने की बजाय उन्हें डाट लगा देते हैं, जिससे चाहकर भी बच्चों के भीतर की प्रतिभा बाहर नहीं आ पाती। बदलाव बाल क्लब ने ऐसे बच्चों को एक प्लेटफॉर्म दिया और बच्चों को खुली आजादी भी दी ।

बदलाब बाल क्लब के समापन समारोह से एक दिन पहले बच्चों से पेंटिंग्स बनवाई गई । बच्चों की कला देख हर कोई हैरान था। किसी बच्चे ने फूल बनाए तो किसी ने घरौंदा, किसी ने बाजारों में बिकने वाले कागज के खिलौने बनाए तो किसी ने पशु और पक्षियों को अपनी पेंसिल से कागज पर उकेरा। छोटे-छोटे बच्चों की कागज पर बनाई पेंटिंग ने हर किसी का मन मोह लिया। यही नहीं कार्यशाला के दौरान बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी पर भी ध्यान दिया गया। बच्चों से पारंपरिक खेल, खो-खो, कबड्डी, दौड़ का आनंद उठाया। 9 दिन की इस कार्यशाला में आस-पास की महिलाओं ने भी संचालक अनिल यादव का पूरा साथ दिया। 80 साल की दादी अम्मा दुलारी देवी ने बच्चों को कहानी सुनाई तो वहीं 65 साल की मंजू ने अपने समय की कहानियों से बच्चों का मन मोहा।

22 जून को देवरिया में बदलाव बाल क्लब की कार्यशाला का औपचारिक रूप से समापन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर्ड पुलिस अधिकारी चंद्रिका यादव ने बच्चों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया और बदलाव बाल क्लब की मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं हर गांव में लगनी चाहिए । साथ ही चंद्रिका यादव ने अपने गांव में बदलाव बाल क्लब की कार्यशाला के आयोजन की इच्छा भी जाहिर की। समापन समारोह में शिरकत करने आए देवरिया के चौरिया ग्राम के रहने वाले शिक्षक अवधेश जी बच्चों का उत्साह देख काफी खुश हुए और उन्होंने भी अपने गांव में बदलाव बाल क्लब की कार्यशाला लगाने की इच्छा जाहिर की। बदलाव बाल क्लब फिलहाल गर्मी की छुट्टियों में ही देश के अलग-अलग राज्यों में कार्यशाला का आयोजन करता रहा है। हमारी कोशिश है कि हर गांव में बदलाव बाल क्लब की एक लाइब्रेरी बने, बच्चों का अपना स्पेस बना, जिससे हर दिन बच्चे आएं और सार्थक दिशा में आगे बढ़ें।

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