लड़कियों की सुरक्षा के लिए शिकायत पेटी । फोटो- एसपी राजीव मल्होत्रा के ट्विटर वॉल से ।

न्यूज चैनल, अखबार, सोशल मीडिया में पुलिस के नाकारात्मक पक्ष की खबरें ज्यादा चलती हैं । वजह भी साफ है लेकिन जब कोई पुलिसवाला अच्छी पहल करता है तो उसकी तारीफ तो बनती है। अगर उसमें कंजूसी होगी तो पुलिस का मनोबल कैसे बढ़ेगा ? आज से 12 साल पहले तक मैं गांव में रेगुलर रहता था । फिर जब नौकरी में आया तो कभी कभार जाना होता है । बहुत सी शिकायतें मिलती थीं/है कि फलाना लड़के ने उनकी बेटी से अभद्रता की, छेड़खानी की, रेप की कोशिश की । लेकिन जब पूछा जाता था कि क्या उसने पुलिस में शिकायत की…तो टका सा जवाब मिलता है- बदनामी हो जाएगी, बेटी की शादी में दिक्कत होगी, पुलिस वाले सुनेंगे नहीं । अगर कोई हिम्मत बांध कर पुलिस के पास चला भी गया और कार्रवाई नहीं होती थी तो उसके बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ जाती थीं/हैं। फिर मनचलों का मन और बढ़ जाता था । उधर पीड़ित परिवार बिल्कुल असहाय, लाचार हो जाता था/है। लोगों में एक तरह से पुलिस के प्रति विश्वास खत्म हो गया है । मैंने खुद कई मामलों में कई लोगों से फोन करवाने के बाद छेड़खानी जैसे केस को दर्ज करवाया है। इसके पीछे कारण ये है कि स्थानीय नेता आरोपियों को बचाने के लिए भ्रष्टाचार करते हैं । पैसे ले दे कर मामले को रफा दफा कराने की कोशिश करते हैं । ऐसे में पीड़ित के साथ न्याय नहीं हो पाता और हर घटना के साथ लोगों का विश्वास पुलिस से उठता जाता है।

खोए विश्वास को पाने के लिए कई पुलिसवाले संघर्ष करते हुए दिख रहे हैं । यूपी के देवरिया जिले के एसपी राजीव मल्होत्रा भी जबसे कमान संभाले हैं लोगों को जागरुक करने की कोशिश कर रहे हैं । हालांकि देवरिया में एसपी प्रभाकर चौधरी के बाद जितने भी IPS अधिकारी आए कुछ ना कुछ सुधार किए । हाल ही में एसपी राजीव मल्होत्रा ने एक नई पहल शुरू की है । दरअसल बहुत से लड़कियां अपने साथ होने वाली अभद्रता की शिकायत ना तो घर के लोगों से करती हैं और ना ही किसी और को बताती हैं । ऐसी लड़कियों की मदद करने के लिए एसपी ने बिना डरे शिकायत करने की व्यवस्था शुरू की है । सभी स्कूल और कॉलेज के बाहर शिकायत पेटी लगवाई गई है । शिकायत पेटी पर एसपी ने अपना मोबाइल नंबर भी दे दिया है ताकि लड़कियां सीधे एसपी तक अपनी बात पहुंचा सकें । कोई लड़की इस बात से डरती है कि शिकायत पेटी में अगर वो कोई पत्र डालती है तो शायद कोई देख लेगा तो ऐसी लड़कियां एसपी के मोबाइल पर फोन कर मदद मांग सकती हैं। इस शिकायत बॉक्स को हर कोई नहीं खोल सकता । इसकी चाबी स्थानीय थाने की महिला इंस्पेक्टर के पास है । हर हफ्ते शिकायत पत्रों को निकाला जाएगा, फिर एक रजिस्टर में कंप्लेंट दर्ज की जाएगी और आरोप के मुताबिक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । अगर कोई लड़की अपना परिचय छिपाना चाहती है तो उसे गुप्त रखा जाएगा । कोई लड़की अपना फोन नंबर और पता नहीं भी देती है तो भी उसकी शिकायत का संज्ञान लिया जाएगा ।

एसपी ने एक नेक पहल शुरू की है लेकिन चुनौतियां बड़ी हैं । क्योंकि मामलों का निपटारा स्थानीय पुलिस को करनी हैं जिस पर लोगों को भरोसा नहीं है । हो सकता है कि एसपी राजीव मल्होत्रा जब तक देवरिया में हैं इस पहल पर गंभीरत से काम करेंगे । लेकिन उनके जाने के बाद क्या होगा ? तो ऐसे में एसपी मल्होत्रा को ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि वो देवरिया में रहें या ना रहें वो सिस्टम काम करता रहे । आने वाले अधिकारी भी नजर रखें और स्थानीय पुलिस ईमानदारी से लड़कियों की शिकायतों पर काम करे ।


satyendra profile imageसत्येंद्र कुमार यादव,  एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय । माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र । सोशल मीडिया पर सक्रिय । मोबाइल नंबर- 9560206805 पर संपर्क किया जा सकता है।

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