देवरिया जिले की रुद्रपुर तहसील के 52 गांव बाढ़ से की जद में हैं । बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए सीएम का दौरा था । लेकिन भारी बारिश की वजह से सीएम योगी नहीं जा सके ।

रुद्रपुर के सतासी इंटर कॉलेज में राहत सामग्री रखी हुई थी । राहत सामग्री बांटने के लिए सीएम के कार्यक्रम में 52 गांवों में से 6 गांवों के लोगों को बुलाया गया था । लेकिन जब सीएम नहीं पहुंचे तो ग्रामीण खाद्य समाग्री लूटकर ले गए । जिस तरह से राहुल गांधी की खाट इस गांव में लूटी गई थी उसी तरह से खाद्य सामग्री भी लेकर भाग गए ।

लोगों का आरोप है कि सिर्फ छह गांवों के लोगों के लिए ही राहत सामग्री लाई गई थी जबकि बाकी गांवों के लोग अब भी खाने और पानी के लिए बेहाल हैं । कोई भी अधिकारी उनकी सुध लेने के लिए नहीं पहुंच रहा है । चारों तरफ पानी ही पानी, घरों में पानी घुस गया है, पानी से एकौना थाना भी घिरा हुआ है । एनडीआरएफ के जवान लोगों को बचाने में जुटे हैं। लेकिन इनकी संख्या बहुत कम होने की वजह से राहत कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा है और न ही यहां के प्रशासन द्वारा पीड़ितों के खाने पीने की व्यवस्था की गई ।

अभी तक की सबसे अधिक तबाही रुद्रपुर तहसील क्षेत्र में हुई है । करीब 52 गांवों को खाली करा दिया गया है । सबसे अधिक तबाही पचलडी सङक मार्ग पर दिखी जहां राप्ती और गोर्रा नदी के पानी के कारण तीस फीस से अधिक सङक बाढ के पानी में वह गयी है । पानी की धार से लगातार कटान जारी है, वहीं एकौना थाना जाने वाली सङक मार्ग पर पानी लग गया है ।

बाढ़ के पानी से खोपा पुल भी वह गया है । पीड़ितों का कहना था कि अभी तक कोई सरकारी मदद नहीं मिली है न ही खाने को कुछ मिल रहा है । सीएम के कार्यक्रम में जो सामग्री आई थी उसे लूट लिया गया और सीएम भी बाढ़ प्रभावितों को देखने नहीं आए । सीएम का दौरा रद्द होने से ग्रामीण निराश हैं । उन्हें लगा था कि सीएम आएंगे तो प्रशासन की निंद खुलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ ।


प्रदीप श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार। करीब डेढ़ दशक मीडिया से जुड़े हुए हैं। देवरिया जिले के गांव, देहात और कस्बों की समस्याओं पर लिखते रहते हैं। 

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