Archives for यूपी/उत्तराखंड - Page 3

परब-त्योहार

देहरादून में साहित्य का समारोह और कुछ यादें

सुमन केशरी इस साल देहरादून लिट फ़ेस्ट में भाग लेने का सुयोग हुआ। शुक्रिया गीता गैरोला…शुक्रिया समय साक्ष्य! देहरादून लिट फ़ेस्ट इस मायने में बेहद महत्त्वपूर्ण आयोजन रहा कि इसमें…
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यूपी/उत्तराखंड

6 दिसंबर का वो दिन, जब भीड़ ने छीना कैमरा

एसके यादव 6 दिसंबर 1992, आजाद हिंदुस्तान का एक  दिन, जिसने ना सिर्फ देश के धर्मनिरपेक्ष भावना को बिगाड़ा बल्कि मुल्क को सांप्रदायिक हिंसा की आग में झोंक दिया। मर्यादा…
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मेरा गांव, मेरा देश

महोबा में खुले आसमान के नीचे संवरता देश का भविष्य

आशीष सागर यूपी के बुंदेलखंड का नाम नाम आते ही हर किसी के जेहन में भुखमरी, बेरोजगारी, बदहाल किसान और सूखे की आपता जैसी तस्वीर कौंधने लगती है, कभी आल्हा-उदल…
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मेरा गांव, मेरा देश

हंसिये मत… ये खुशहाली के बीज हैं!

फिलिपींस में डूब क्षेत्र में धान की नई किस्म का उद्घाटन । जीवन में हास्य बोध का अपना महत्व है, मगर जब हम गंभीर बातों पर भी चुटकुला बनाने लगें…
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मेरा गांव, मेरा देश

हम बदलेंगे और जमाना बदलेगा – IPS विकास कुमार

पुलिस हमारी सुरक्षा करती है, एक अच्छे समाज के लिए एक अच्छे सुरक्षातंत्र का होना बेहद ही जरूरी है। ये अलग बात है कि हमारे देश का पुलिस-तंत्र हमेशा संदेह…
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मेरा गांव, मेरा देश

इंदिरा-फिरोज गांधी के रिश्तों की अनसुनी कहानी पार्ट-2

फ़ाइल फोटो अजीत अंजुम फिरोज-इंदिरा और नेहरु के रिश्तों के कई उलझे तार इंदिरा और फिरोज पर लिखी किताबों में दिखते हैं। कहीं-कहीं फिरोज के वर्ताव से ऐसा मतलब भी…
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मेरा गांव, मेरा देश

क्यों जिंदगी से हताश थे इंदिरा गांधी के पति ?

फ़ाइल एक गांधी तो वो भी था, सांसद, देश के प्रधानमंत्री का दामाद था, देश की होने वाली प्रधानमंत्री का पति का था. सत्ता के शीर्ष पर बैठे सबसे ताकतवर…
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यूपी/उत्तराखंड

मुंबई में कानून का राज है या राज ठाकरे का ?

आप में से कितने लोग इस कदर गांधीवादी हैं कि कोई आपको एक गाल पर तमाचा मारे तो आप दूसरा गाल बढ़ा देंगे ? मुझे जवाब दीजिए या न दीजिए,…
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मेरा गांव, मेरा देश

जनाब को मोहब्बत की निशानी से नफ़रत क्यों है?

अजीत अंजुम जिस ताजमहल को मोहब्बत की निशानी मानकर न जाने कितने गीत-गजल और कहानियां लिखी गई। जिसे देखने न जाने कितने लोग हर रोज आगरा जाते हैं। जिसको आंखों में…
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यूपी/उत्तराखंड

मी लॉर्ड! कुछ ‘गुनाहों’ का हिसाब अभी बाकी है!

धीरेंद्र पुंडीर अब बौने (हम पत्रकार) किसकी चरित्र हत्या करेंगे। केस में अभी सुप्रीम कोर्ट की दहलीज बाकि है। आरूषि और हेमराज का कत्ल तो कातिल या कातिलों ने किया…
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