Archives for यूपी/उत्तराखंड - Page 2

मेरा गांव, मेरा देश

वक़्त ने तीसरी मोहलत नहीं दी

रंजीत कुमार बिल्कुल ठीक-ठीक याद तो नहीं जब पहली बार तुम मिले थे, चैनल लांचिंग से पहले ट्रेनिंग का दौर था जब पहली बार नोटिस किया था मैंने। एक पतला-दुबला…
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मेरा गांव, मेरा देश

बजट में गांव और गरीबों के लिए क्या है खास ?

प्रियंका यादव 8 करोड़ गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिलेगा 4 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली देने का ऐलान स्वस्छता मिशन के तहत 2…
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यूपी/उत्तराखंड

“पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” की 40वीं साहित्य गोष्ठी सम्पन्न

बदलाव प्रतिनिधि 28 जनवरी’ 2018, रविवार, वैशाली,गाजियाबाद। “68वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर देश भक्ति व सामाजिक सौहार्द ” पर गीतों , कविताओं और गजलों से परिपूर्ण “पेड़ों की छांव…
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यूपी/उत्तराखंड

इंसाफ़ के ‘राजर्षि’ का संकल्प, कोई फरियादी मायूस न लौटे

इंसाफ़ ही जिनका मकसद और जीवन- जज राजर्षि शुक्ल बदलना अगर स्वभाव है तो बदल डालने की मुहिम का हिस्सा बन जाओ। इसे करने में थोड़ा कष्ट तो होगा परन्तु…
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यूपी/उत्तराखंड

जौनपुर के मोहिद्दीनपुर गांव ने लिया बदलाव का संकल्प

विजय  प्रकाश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों का भारत तभी बनेगा जब गांव खुशहाल होंगे और शिक्षा, स्वास्थ्य समेत तमाम सुविधाएं गांव तक पहुंचेंगी। गांव की असल समस्या उनके बीच…
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माटी की खुशबू

… और मां के साथ मर गया मनुष्य

देवांशु झा बेटे ने बूढ़ी मां से कहा मां चलो, सूर्य नमस्कार करते हैं लगभग अपंग मां सहज तैयार हुई बहू ने खुश होकर दरवाजा खोला बेटे ने मां को…
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माटी की खुशबू

सुधीर जी आपका ये कदम ‘भलु लगद’

कार्टूनिस्ट भाटी के फेसबुक वॉल से हर इंसान के जीवन में एक ना एक फुंसुख वांगड़ू जैसा किरदार जरूर होता है जो होता जीनियस है पर उसके आस-पास के सीमित…
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परब-त्योहार

देहरादून में साहित्य का समारोह और कुछ यादें

सुमन केशरी इस साल देहरादून लिट फ़ेस्ट में भाग लेने का सुयोग हुआ। शुक्रिया गीता गैरोला…शुक्रिया समय साक्ष्य! देहरादून लिट फ़ेस्ट इस मायने में बेहद महत्त्वपूर्ण आयोजन रहा कि इसमें…
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यूपी/उत्तराखंड

6 दिसंबर का वो दिन, जब भीड़ ने छीना कैमरा

एसके यादव 6 दिसंबर 1992, आजाद हिंदुस्तान का एक  दिन, जिसने ना सिर्फ देश के धर्मनिरपेक्ष भावना को बिगाड़ा बल्कि मुल्क को सांप्रदायिक हिंसा की आग में झोंक दिया। मर्यादा…
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मेरा गांव, मेरा देश

महोबा में खुले आसमान के नीचे संवरता देश का भविष्य

आशीष सागर यूपी के बुंदेलखंड का नाम नाम आते ही हर किसी के जेहन में भुखमरी, बेरोजगारी, बदहाल किसान और सूखे की आपता जैसी तस्वीर कौंधने लगती है, कभी आल्हा-उदल…
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