Archives for यूपी/उत्तराखंड

मेरा गांव, मेरा देश

फिल्म से पहले पिता ने क्यों किया पीहू का स्टिंग ऑपरेशन

विनोद कापड़ी पीहू के माता-पिता रोहित विश्वकर्मा और प्रेरणा शर्मा की सहमति मिलने के बाद मैंने तय किया कि अब मुझे पीहू से रोज़ मिलना चाहिए। पीहू से दोस्ती बनाने…
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यूपी/उत्तराखंड

पहले हम पापा के साथ रहते थे, अब पापा हमारे साथ रहते हैं…

दयाशंकर आपके परिवार में कौन-कौन है. मैं पत्‍नी और दो बच्‍चे. अब परिवार का यह सामान्‍य परिचय हो गया है. हर कोई कुछ इसी तरह से अपने परिवार के बारे…
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यूपी/उत्तराखंड

लगता है इंसानियत का खेत बंजर हो गया

बदलाव प्रतिनिधि, ग़ाज़ियाबाद 26 अगस्त ’ 2018, रविवार, वैशाली,गाजियाबाद।  “प्रेम सौहार्द भाई चारे” पर गीतों , कविताओं और गजलों से परिपूर्ण “पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” की 47वीं साहित्य गोष्ठी वैशाली सेक्टर चार, स्थित हरे भरे मनोरम सेंट्रल पार्क में सम्पन्न हुई। गोष्ठी…
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मेरा गांव, मेरा देश

बिल्डिंग तैयार है… 2 साल से डॉक्टर का इंतजार

गोरखपुर में एम्स बन रहा है । देवरिया जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने का ऐलान हुआ है । हालांकि ये मेडिकल कॉलेज देवरिया जिले के सलेमपुर लोकसभा, बलिया और घोसी…
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मेरा गांव, मेरा देश

किसान एक कदम चले, मैं दो कदम साथ चलूंगा- मशरूम मैन दयाराम

विजय प्रकाश देश में मशरूम मैन के नाम से चर्चित कृषि वैज्ञानिक डॉ. दयाराम किसानों की आर्थिक सेहत सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं। मूल रूप से यूपी…
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मेरा गांव, मेरा देश

मशरूम उत्पादन से दोगुनी होगी अन्नदाता की आमदनी- डॉ. दयाराम

बीच में डॉ. हरेंद्र सिंह, बाये BDO देवेंद्र, दाहिने डॉ. दयाराम, डॉ. सतीश, डॉ. योगेश विजय प्रकाश ''किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत…
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बिहार/झारखंड

हिन्दू कहें मोहि राम पियारा, तुर्क कहें रहमाना… रे कबीरा, न बदला जमाना

श्वेता जया पांडे अगर आप कबीर को एक महान शख्सियत बताते हैं और उनकी महान ज़िंदगी से कुछ सीखने की सीख देते हैं तो सबसे पहले आपको ये सोचना होगा…
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मेरा गांव, मेरा देश

दरमा घाटी में जीवन की संघर्ष गाथा

अशोक पांडे के फेसबुक वाल से दरमा घाटी के वाशिंदों का जीवन बेहद संघर्ष भरा होता है । जिस तरह जम्मू-कश्मीर में ठंड के दिनों में राजधानी श्रीनगर से जम्मू…
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यूपी/उत्तराखंड

ASP राजेश साहनी की संदिग्ध मौत के पीछे कौन ?

एक जांबाज अफसर की संदिग्ध मौत मामले की जांच के बिना खुदकुशी करार देने की इतनी जल्दबाजी क्यों हो रही है ? आखिर किस आधार पर संदिग्ध मौत को खुदकुशी…
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मेरा गांव, मेरा देश

33 साल बाद आज तू फिर आ गया…!

ऐसे बहुत कम ननिहाल होते हैं , जहाँ ना माँ होती है। ना मामा और ना नानी होती है लेकिन मैंने आज ऐसा ही एक ननिहाल तक़रीबन 33 साल बाद…
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