मंदसौर किसान आंदोलन: सच और झूठ

संजय रोकड़े मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में किसानों के साथ जो भी हुआ वह लोकतंत्र ही नही बल्कि प्रदेश की

और पढ़ें >

रंगमंच की दुनिया में ग्वालियर शहर की धमक

संगम पांडेय ग्वालियर के नाट्य मंदिर प्रेक्षागृह में जाने से लगता है मानो आप वक्त के किसी लंबे वक्फे का

और पढ़ें >

गांवों में छत्तीसगढ़ी फिल्मों का संसार

बरुण के सखाजी सीमित संसाधन, प्रचुर व्यावसायिकता के अभाव के बावजूद व्यापक दर्शक वर्ग से बात करता छत्तीसगढ़ी फिल्मों का

और पढ़ें >

गांव की फिल्म मेकर ने जीता अवॉर्ड

रुपेश गुप्ता करीब डेढ़ साल पहले की बात है। छत्तीसगढ़ की मैनपाट और मांझी जनजाति अचानक सुर्खियों में आ गई।

और पढ़ें >

तुम्हारी जात क्या है, तुम क्या समझोगे?

प्रशांत दुबे किसी के इंतजार में खटलापुरा मंदिर में बैठा था| एक पढ़े-लिखे, सूट-वूट वाले भाईसाहब चार चके से उतरे,

और पढ़ें >

एक बालक के सवाल ने गोवर्धन को अमर बना दिया

दीपावली की अगली सुबह गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस त्यौहार

और पढ़ें >

ट्रैक्टर बिक्री में सबसे तेज बढ़ते राज्य की दुर्दशा

शिरीष खरे साल 2014 में अकेले मध्य-प्रदेश के किसानों ने 88 हजार ट्रैक्टर खरीदे थे। तब सूबे में 32 प्रतिशत

और पढ़ें >

‘भूमिका’ ने मीडिया से ज़्यादा उर्वर ज़मीन तलाश ली

किसानों और सरकारों का रिश्ता अजीब सा रहा है। सरकारें  योजनाएं बनाती हैं, खूब पैसा बहाती हैं, लेकिन न जाने

और पढ़ें >

अमेरिका से लौटी ‘भक्तन’ बदल रही है गांव

सत्येंद्र कुमार यादव सपनों ने उड़ान भरी और वो पहुंच गई अमेरिका, लेकिन पिता का दिल बेटी की कामयाबी विदेश

और पढ़ें >

तुम निडर डरो नहीं, तुम निडर डटो वहीं

अरुण प्रकाश डीएम साहब सुनते नहीं, सचिव महोदय के पास फुरसत नहीं, सीईओ (मुख्य कार्यपालन अधिकारी ) को परवाह नहीं।

और पढ़ें >