Archives for बिहार/झारखंड - Page 3

बिहार/झारखंड

पूर्णिया के ‘ड्रीम कैचर’ का सपना सच होने को है!

एपी यादव ड्रीम कैचर के निर्देशक संतोष शिवम, अभिनेता धर्मेंद्र के साथ आम इंसान हो या फिर खास, गरीब या फिर अमीर हर किसी में एक समानता जरूर होती है…
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बिहार/झारखंड

महानंदा के ठांव, दो चदरा की नाव

भूषण चौंकिए मत। यह जो चित्र आपके सामने है यह एक नाव का है। एक बड़ी नाव जितना काम कर सकती है उतनी ऊर्जा और उतने समय में उस से…
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बिहार/झारखंड

पूर्णिया के धनखेता बन गए मक्का लैंड

पुष्यमित्र अगर आज हमारे कोसी के इलाके में दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे की शूटिंग हुई होती तो शाहरुख और काजोल सरसों के बदले मक्के के खेतों में रोमांस करते नजर…
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बिहार/झारखंड

सतीश अब गाय नहीं पालेगा !

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारे देश की सियासत कुछ ऐसी हो चली है कि अब वो आपके निजी जीवन में दखल देने लगी है । हम क्या खाएंगे, क्या पीएंगे, क्या पहनेंगे…
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अतिथि संपादक

जीवन के संघर्षों से जिसने सीखा समाजवाद का पाठ

ब्रह्मानंद ठाकुर आम, कटहल,नींबू और अमरुद की घनी छांव तले एक छोटा सा घर । जिसका नाम है चमेला कुटीर । प्रकृत की गोंद में बना चमेला कुटीर किसी ऋषि…
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अतिथि संपादक

मजहब नहीं सिखाता, ‘गांधीवाद’ से बैर रखना!

ब्रह्मानंद ठाकुर बिहार के मुजफ्फरपुर का मझौलिया गांव कभी हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता था। आज यहां काफी कुछ बदल गया है। एक-दो परिवार हैं जो हथकरघा को जिंदा रखे…
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बिहार/झारखंड

गांधीवाद ही है आखिरी विकल्प- सच्चिदानंद सिन्हा

ब्रह्मानंद ठाकुर पूरी दुनिया आज बाजार बन गयी है। पूंजीवाद ने पूरी दुनिया को बारूद की ढेर पर लाकर खड़ा कर दिया है। मानवता खतरे में है। लोक से निरपेक्ष…
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अतिथि संपादक

चंपारण के 100 साल, आज तो कर लो गांधी को याद

ब्रह्मानंद ठाकुर मौसम भी है और मौका भी।  इसमें जो चूक गया, वह पछताएगा। भले ही गांधी की हत्या किसी एक ने की थी लेकिन पिछले 70 सालों से उनके…
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अतिथि संपादक

जानिए मशरूम की खेती का आसान तरीका

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारे देश का अन्नदाता बदहाल है, लेकिन सरकारें खुशहाल । कोई किसानों की कर्जमाफी का वादा करता है तो कोई बिजली का बिल माफ करने का भरोसा देता…
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अतिथि संपादक

बदलाव के पहले अतिथि संपादक ब्रह्मानंद ठाकुर

ब्रह्मानंद ठाकुर का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जनवरी 1952 में निम्न मध्यम वर्ग परिवार में हुआ । पढ़ने के साथ पत्र-पत्रिकाओं में लिखने का शौक बचपन से रहा है…
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