Archives for बिहार/झारखंड - Page 2

बिहार/झारखंड

‘भोजपुरी दर्शकों की सोच को समझने की ज़रूरत’

धनंजय कुमार सीतामढ़ी की मुखिया रितु जायसवाल भोजपुरी फ़िल्मों के दर्शक पूरे बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तो हैं ही, मुम्बई से लेकर विदेशों में भी हैं, लेकिन…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

20 हज़ार के लिए 10 साल के मासूम का क़त्ल

सूर्यमणि  राजधानी दिल्ली और उसके आसपास हत्या और रेप की दिल दहलादेने वाली ख़बरें आम बात है, लेकिन जब ऐसी ख़बरें गांवों से भी आने लगे तो हमें समाज में…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

बदलाव पाठशाला : नौनिहालों में जगाती शिक्षा की अलख

तस्वीर जो बदलेगी देश की तकदीर टीम बदलाव गांव और निचले तबके का विकास राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्राथमिकताओं में हमेशा सबसे ऊपर रहा। लिहाजा बापू के आदर्शों को जीवन…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

बिहार के गर्व रामशरण शर्मा को कभी तो याद कर लें

पुष्यमित्र यह कैसी विडंबना है कि हम साहित्यकारों को तो याद रखते हैं, इतिहासकारों को भूल जाते हैं। उन इतिहासकारों को जिन्होंने हमारी स्मृतियों और धरोहरों को पढ़कर हमें ऐतिहासिक…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

पूर्णिया के सरवर ने छत पर ला दी बहार

बासु मित्र कहते हैं जहां चाह होती है, राह खुद ब खुद मिल जाती है। बिहार के पूर्णिया जिले के सबसे व्यस्ततम इलाके लाइन बाजार में जहां इंच-इंच जमीन की…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

हाईब्रिड से पैदावार बढ़ी, लेकिन जमीन की उर्वरता पर असर

ब्रह्मानन्द ठाकुर 21वीं सदी का हिंदुस्तान तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश का किसान इस रेस में पिछड़ता जा रहा है यही नहीं किसानों के साथ-साथ जमीन की…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

समय ‘वाचाल’ है और कवि ‘मौन’!

पशुपति शर्मा 'समय वाचाल है' इसी शीर्षक से आजतक में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार साथी देवांशुजी का काव्य संग्रह हाथ में आ गया है। इस बार 'साहित्य आजतक' में सम्मिलित होने…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

‘तालाबंदी’ से संकट में एशिया के सबसे बड़े पशु मेले का वजूद

फोटो साभार- ईटीवी पुष्यमित्र एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला यानी सोनपुर मेला आज बंद है। दिलचस्प है कि मेले के सभी दुकानदारों ने यह बंदी खुद की है ।…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

पूंजीपति रहेंगे मस्त तो किसान रहेंगे पस्त

ब्रह्मानंद ठाकुर तमिलनाडु के किसानों का आंदोलन और मध्य प्रदेश के मंदसौर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनकारी किसानों पर पुलिसिया जुल्म के बाद तमाम किसान संगठन एक मंच पर…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

संवाद की कोशिश में एक महिला का ‘सरेंडर’!

सुदीप्ति एक ही ससुराल है अपना तो। अब मायके से ज्यादा अपना। भई हम सुतली बम में सच्ची यकीन नहीं करते। जैसे हैं वैसे को बाहें फैला अपनाया है लोगों…
और पढ़ें »