Archives for सुन हो सरकार - Page 3

मेरा गांव, मेरा देश

देश में पहले आम चुनाव से ही ‘लोकतंत्र’ पर भारी रहा है ‘अर्थतंत्र’

पहले आम चुनाव में इस्तेमाल होने वाले बैलेट बॉक्स- फाइल फोटो साभार विकिपिडिया ब्रह्मानंद ठाकुर उस चुनाव में रामवृक्ष बेनीपुरी कटरा दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार थे।…
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सुन हो सरकार

देश के पहले आम चुनाव की एक झलक

ब्रह्मानंद ठाकुर भारत में लोकतंत्र का महापर्व ( 17 वां लोकसभा चुनाव )  चल रहा है। इस पूंजीवादी राजसत्ता में पूंजीपतियों को खुश रखने के लिए कौन सा दल सरकार…
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मेरा गांव, मेरा देश

टीवी की डिबेट का स्तर चौक-चौराहे की चर्चा से भी बदतर-सच्चिदानंद जोशी

बदलाव प्रतिनिधि, गाजियाबाद प्रेस की स्वतंत्रता एवं मीडिया का आत्म नियमन विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया संगोष्ठी गाजियाबाद के वैशाली में हुई। निस्कार्ट मीडिया कॉलेज, वैशाली गाजियाबाद और यूरेका…
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मेरा गांव, मेरा देश

सियासी तस्वीर बदलने के लिए आधी आबादी का एक और कदम

पुष्यमित्र पिछले दिनों चुनावी यात्रा के दौरान जब मैं पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल मुख्यालय में किरण देवी से मिल रहा था, तब तृणमूल कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में 40…
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चौपाल

टिकट सवर्ण वर्ग को और नारा सबका साथ सबका विकास !

पुष्य मित्र बिहार में लोकसभा चुनाव 2019 के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हो गयी है। खगड़िया लोकसभा सीट को छोड़ बाकी 39 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गयी…
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चौपाल

बिहार में किसका गठबंधन मजबूत

पुष्यमित्र लम्बे समय से चल रहे मंथन, संवाद, विवाद और तीखे बयानों के तीर के बाद कल आखिरकार बिहार में महागठबंधन ने आखिरकार सीट शेयरिंग का फार्मूला घोषित कर दिया।…
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मेरा गांव, मेरा देश

विकास के इंतजार में खड़ा किशनगंज का लौचा घाट

पुष्यमित्र किशनगंज शहर से टेढ़ागाछ प्रखंड की तरफ जाना था। दोस्तों ने मुझे दो रास्ते बताये। पहले रास्ते से 100 किमी की दूरी तय करनी थी, दूसरे रास्ते से 50-55…
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मेरा गांव, मेरा देश

मोदी जी देख लीजिए घर-घर बिजली की जमीनी हकीकत !

पुष्य मित्र बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड से करीब 10 किलोमीटर अंदर बसा है सुशासन नगर । नाम सुनकर मन किया चलो इस गांव का जायजा लिया जाए…
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आईना

प्रजातंत्र में लहलहाता राजतंत्र का ‘रक्तबीज’

संजय पंकज सब जानते हैं कि आज की राजनीति नेताओं के लिए समाज-सेवा से ज्यादा सत्ता-सुख की भोग-चाहना है। वे दिन बहुत पीछे छूट गए जब 'भिक्षुक होकर रहते सम्राट,…
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मेरा गांव, मेरा देश

बेगुसराय के गांव में एक बिटिया के दुष्कर्मी क्या ‘आज़ाद’ रहेंगे!

पशुपति शर्मा मई-जून 2018 की बात है। जेएनयू के मेरे एक साथी का फोन आया। वो बेगुसराय में अपने गांव से बात कर रहे थे। वो व्यथित थे- गांव में…
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