Archives for सुन हो सरकार - Page 3

चौपाल

सांगली का मादलमुठी शाला- एडुकेशन मॉडल के 8 दशक

शिरीष खरे "देश भर के गांवों में ऐसा स्कूल मिलना मुश्किल है।"- यह दावा है मादलमुठी शाला (सांगली, महाराष्ट्र) के मुख्य अध्यापक बालासाहेब नाथाजी आडके का। उन्हें अपनी बात पर…
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मेरा गांव, मेरा देश

क्या जंगलों में आदिवासियों का होना अच्छे पर्यावरण का प्रतीक नहीं?

शिरीष खरे शिरीष खरे की बतौर पत्रकार यात्रा की ये पांचवीं किस्त है। मेलघाट का अनदेखा सच पाठकों तक शिरीष की नजरों से पहुंच रहा है। उनकी विचार यात्रा में…
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मेरा गांव, मेरा देश

सरकार को एहसास नहीं-भूख क्या होती है?

शिरीष खरे शिरीष खरे की बतौर पत्रकार यात्रा की ये चौथी किस्त है। मेलघाट में उन्होंने महसूस किया कि भूख क्या होती है? विचार यात्रा का सिलसिला फिर से शुरू…
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चौपाल

मेलघाट में भूख से मरते बच्चे और 90 के दशक का सन्नाटा

शिरीष खरे मेलघाट में शिरीष, साल 2008 शिरीष खरे की बतौर पत्रकार यात्रा की ये तीसरी किस्त है। मेलघाट से लौटते हुए ट्रेन में उनकी विचार यात्रा का सिलसिला फिर…
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मेरा गांव, मेरा देश

‘मोदीकेयर’- महंगे इलाज का दंश कौन झेलेगा?

बब्बन सिंह हमने टीवी चैनलों पर विशेषज्ञों को नई स्वास्थ्य सुरक्षा नीति (मोदीकेयर) पर बड़ी-बड़ी बातें करते सुना. स्वाभाविक रूप से हमें भी लगा कि चुनावी कारणों से सरकार खेती…
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मेरा गांव, मेरा देश

चुनावी साल में चलो गांव के विकास का शोर तो है!

बब्बन सिंह मित्रो, हम एक सामान्य व्यक्ति हैं जो संयोग से पत्रकारिता के पेशे में हैं, जैसे आप किसी और पेशे में. हम किसी प्रकार का दंभ नहीं पालते कि…
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मेरा गांव, मेरा देश

बजट में किसानों के लिए क्या हुआ ऐलान ?

प्रियंका यादव 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य फसल की उत्पादन लागत का उचित मूल्य देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुना तय किया जाएगा बाजार…
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मेरा गांव, मेरा देश

कहां हैं हिंसा की जड़ें सरकार ?

राकेश कायस्थ सांप्रादायिक हिंसा की किसी घटना के बाद होनेवाली प्रतिक्रियाओं पर ठीक से गौर कीजिये, आपको समझ में आ जाएगा कि इसकी जड़े कहां हैं? हर सांप्रादायिक हिंसा इस…
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मेरा गांव, मेरा देश

किसान को सक्षम बनाए बिना मेक इन इंडिया अधूरा है

ब्रह्मानंद ठाकुर किसानों की बात सुनिए वित्त मंत्रीजी के पहले भाग में हमने दिल्ली में आयोजित संसद में किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने को लेकर पास हुए प्रस्ताव पर…
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मेरा गांव, मेरा देश

बजट से पहले किसानों के मन की बात सुनिए वित्त मंत्रीजी

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारे देश में किसानों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है, फिर भी सरकारी योजनाओं और बजट में किसानों की हमेशा से अनदेखी होती रही है । किसानों…
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