Archives for सुन हो सरकार - Page 22

‘जनता की राजधानी’, ये लड़ाई इतनी आसान भी नहीं

गैरसैंण, उत्तराखंड पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तराखण्ड की 'जनता की राजधानी' के नाम से विख्यात गैरसैंण में 2 नवम्बर से आयोजित विधान सभा सत्र पक्ष-विपक्ष के हो-हल्ले, आरोप-प्रत्यारोप से आगे नहीं बढ…
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गैरसैंण का मुकद्दर अमरावती सा क्यों नहीं?

पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तर और दक्षिण में सचमुच अंतर है। न केवल जलवायु, भाषा और संस्कृति का बल्कि कार्य पद्धति का भी। आर्य सभ्यता के वंशज द्रविड़ों को कितना ही हेय…
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‘रावणों’ ने किया एक बेटी का ‘जिंदा-दहन’!

उमरपुर गांव, प्रतापगढ़, यूपी हरिगोविंद विश्वकर्मा वह सपने देखने वाली लड़की थी। देहात और ग़रीब परिवार की लड़की। करियर बनाने का दृढ़ संकल्प ले रखा था। वह पढ़-लिखकर किसी स्कूल…
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रमन राज में नक्सलियों से आखिरी लड़ाई

फोटो- दिवाकर मुक्तिबोध की फेसबुक वॉल से  दिवाकर मुक्तिबोध छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने हाल ही में नई दिल्ली में ये कहा था कि राज्य में नक्सली समस्या…
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काए गुड़िया नईं चिन्हो का?

कीर्ति दीक्षित काफी सोच विचार के बाद शहर के शोरगुल से दूर अपनी कलम को आवाज देने के लिए मैंने अपने गाँव को चुना। बैग में चन्द कपड़े डाले और निकल…
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ज़हर और कहर का ‘कॉकटेल’ पीकर कैसे ज़िंदा हैं वो लोग?

पुष्यमित्र अजब है सियासत- आंखों पर 'पानी' ही नहीं। और 'ज़हरीले पानी' से मासूमों का ये हाल। फोटो-पुष्यमित्र गया पहुंचते ही मेरे मार्गदर्शक 'मगध जल जमात' के सक्रिय सदस्य प्रभात…
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बांदा के बंदों की सेहत का ‘रखवाला’ कौन?

आशीष सागर दीक्षित फोटो-आशीष सागर दीक्षित बेदम सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से कराह रहा है बुंदेलखंड का पूरा क्षेत्र। बिना फार्मेसिस्ट के चल रहे मेडिकल स्टोर, गैर पंजीकृत नर्सिंग होम और झोलाछाप…
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वैष्णव जन तो तैणें कहिए… जे पीर पराई जाने रे

नोआखली में एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ बातें करते महात्मा गांधी। आज गांधी का जन्मदिन है। सत्य और अहिंसा का सबक याद करने का दिन। अहिंसा की डगर कठिन है…
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जब राइन से मिलने जर्मनी पहुंची गंगा!

सत्येंद्र कुमार गंगा को हम सब मां, जीवनदायिनी,  मोक्षदायिनी और कई नामों से पुकारते हैं। गंगा जल के बिना हिंदुओं के घरों में कोई पवित्र काम नहीं होता। जन्म से…
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‘बंजर जमीन’ पर उम्मीद की एक बूंद!

किसानों के बीच नाना पाटेकर एपी यादव की रिपोर्ट भादो का महीना अपनी ढलान पर है, किसान आसमान में टकटकी लगाए बैठा है, धरती फटती जा रही है, जमीन बंजर…
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