Archives for सुन हो सरकार - Page 2

मेरा गांव, मेरा देश

अब तो अविरल गंगा के लिए ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करो सरकार !

गंगापुत्र स्वामी साणंद ने जिस गंगा को बचाने के लिए अपनी शहादत दी है, उसी गंगा को बचाने के लिए हमारी सरकारें बरसों से भागीरथ प्रयास का दंभ भरती रही…
और पढ़ें »
मेरा गांव, मेरा देश

गुजरात से पलायन और सियासत का मकड़जाल

राकेश कायस्थ गुजरात में भड़की हिंसा और यूपी-बिहार के मजदूरों के पलायन के पीछे की असली वजह क्या है? सरसरी तौर पर देखने पर एक बड़ी वजह कांग्रेस विधायक अल्पेश…
और पढ़ें »
आईना

तारीख़

तारीख दर तारीख वो मांग रहा था अपने हिस्से की धूप-छांव तारीख दर तारीख  वो मांग रहा था अपने हिस्से का दाना-पानी तारीख दर तारीख वो मांग रहा था अपने हिस्से का…
और पढ़ें »
यूपी/उत्तराखंड

पहले हम पापा के साथ रहते थे, अब पापा हमारे साथ रहते हैं…

दयाशंकर आपके परिवार में कौन-कौन है. मैं पत्‍नी और दो बच्‍चे. अब परिवार का यह सामान्‍य परिचय हो गया है. हर कोई कुछ इसी तरह से अपने परिवार के बारे…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

मधेपुरा में विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर बच्चों ने भावुक कर दिया

बदलाव प्रतिनिधि बदलाव और ढाई आखर फाउंडेशन की साझा पहल को मधेपुरा के वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोगधर्मी रुपेश कुमार ने आगे बढ़ाया। उन्होंने 'कल और आज-…
और पढ़ें »
मेरा गांव, मेरा देश

कल और आज – कुछ अपनी कहें, कुछ हमारी सुनें’

महानगरीय जीवन में परिवार सिकुड़ता जा  रहा है और रिश्तों में दूरिया बढ़ती जा रही हैं। आलम ये है कि आज ना अपने लिए वक्त है ना अपनों के लिए।…
और पढ़ें »
मेरा गांव, मेरा देश

विज्ञापन का चाबुक और पत्रकारों का संकट

पुष्यमित्र अमूमन ऐसे मौके कम ही आते हैं, जब पत्रकारों के संकट के बारे में बातें होती हैं। हालांकि पत्रकारिता का संकट इन दिनों जेरे-बहस है और इस देश में…
और पढ़ें »
मेरा गांव, मेरा देश

मजदूरी को मजबूर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री का परिवार

पुष्यमित्र के फेसबुक वॉल से साभार पूर्णिया शहर के मधुबनी बाजार की ये तस्वीर वैसी ही है जैसी किसी भी शहर में काम की तलाश खड़े रहने वाले मजदूरों की…
और पढ़ें »
परब-त्योहार

मौसम का बदलता मिजाज और सियासत का चढ़ता पारा

संजय पकंज मौसम बदल रहा है। वातावरण में सर्दी उतरने के लिए उसाँसें भर रही है । बहुत धीमी चाल से आता है नया मौसम। सर्दी बड़ी नजाकत से दबे…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

आस्था के नाम पर मूर्ख बनाने का घनघोर विश्वास गजब का है

राकेश कायस्थ के फेसबुक वॉल से साभार मेरे गृह राज्य झारखंड में एक मशहूर शिव तीर्थ है। बैजनाथ धाम। जिस तरह किसी भी लोक परंपरा में तीर्थों को लेकर कई…
और पढ़ें »