Archives for सुन हो सरकार - Page 2

सुन हो सरकार

मरने से नहीं लड़ने से बदलेगी दुनिया

 चंदन शर्मा जीवन संघर्ष के उतार-चढ़ाव में कई बार ऐसा क्षण आता है जब लगता है कि जिंदा रहकर कोई फायदा नहीं। ऐसे विचार आते ही संभल जाएं। बिना लड़े…
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माटी की खुशबू

आजादी की गौरवपूर्ण गाथा सिर्फ रस्म अदायगी से नहीं बचेगी

ब्रह्मानंद ठाकुर आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस की सालगिरह मना रहा है। सरकारी, अर्धसरकारी संस्थाओं से लेकर निजी संस्थानों तक इस अवसर पर समारोहों की धूम मची हुई है। सभी…
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चौपाल

कांग्रेस मुक्त भारत का थका नारा और गुजरात के सबक

राकेश कायस्थ जिस दौर में चोर को चाणक्य और तड़ीपार को तारनहार का समानार्थी मान लिया गया है। उसी दौर में गुजरात की तीन राज्य सभा सीटों के लिए वोटिंग…
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आईना

डेढ़ साल बाद लौटा तो घर में पड़ा था मां का कंकाल!

नीरज बधवार बिहार के मशहूर चित्रकार राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की कृति मुम्बई से जुड़ी एक ख़बर पढ़ी। बाद में टीवी चैनल्स पर भी उससे जुड़ी एक-आध रिपोर्ट देखी। एक शख्स…
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आईना

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वीसी का खत और 250 करोड़ रुपए का घपला ?

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार पर बवालबदलाव प्रतिनिधिये सवाल पहले से ही अंदरखाने उठ रहा था । छात्रों ने भी भ्रष्टाचार की बात उठाई थी लेकिन किसी ने इसका संज्ञान नहीं…
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चौपाल

सुनो ! कोरी बकवास नहीं है बुलेट ट्रेन

सत्येंद्र कुमार यादव जिन्हें लग रहा है कि भारत में बुलेट ट्रेन दौड़ाना कोरी कल्पना है उन्हें अपनी गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए। ये कोरी बकवास नहीं है। खबर है…
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मेरा गांव, मेरा देश

किसान आंदोलन के तरीके नहीं वजहों की फिक्र कीजिए जनाब

आशुतोष शर्मा देश के कई राज्यों में किसानों का आंदोलन चल रहा है। किसानों का दावा है कि उन्हें उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। दूसरी तरफ राजनीतिक…
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सुन हो सरकार

गांव मांगें केरोसिन से ‘आज़ादी’ ?

चंद्रशेखर सिंह भारत की कुल जनसंख्या की लगभग दो तिहाई आबादी आज भी गांवों में बसती है। 2011 की  जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक 43 फ़ीसदी ग्रामीण परिवार कैरोसीन का इस्तेमाल…
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यूपी/उत्तराखंड

देवरिया पुलिस की शानदार पहल..लेकिन कुछ सवाल हैं ?

लड़कियों की सुरक्षा के लिए शिकायत पेटी । फोटो- एसपी राजीव मल्होत्रा के ट्विटर वॉल से । न्यूज चैनल, अखबार, सोशल मीडिया में पुलिस के नाकारात्मक पक्ष की खबरें ज्यादा…
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चौपाल

दिल्ली के SDM प्रशांत, जो सेवा में ढूंढते हैं सुकून

अरुण प्रकाश आए दिन देश में धरना-प्रदर्शन हो हंगामा होता रहता है, लेकिन क्या हमने कभी समान शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए संघर्ष किया। अगर किया होता तो…
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