Archives for सुन हो सरकार - Page 17

पूर्णिया में दहशत में क्यों है एक दलित परिवार?

बासु मित्र पूर्णिया के मरंगा गांव और न्यू सिपाही टोला के बीच के बियाबान में बने एक झोपड़े के आगे एक टैंट लगा है। इस टेंट के नीचे एक एसआई और…
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गौर करो… वहां एक रोटी की किल्लत है!

आशीष सागर दीक्षित बाँदा सदर की ग्राम पंचायत जमालपुर में ' अन्नदाता की आखत ' अभियान के तहत सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गाँव के अतिगरीब बीस अनुसूचित जाति के लोगों को…
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सात बरस बाद ‘मुंहबोले’ बाबा से मिलेंगे राहुल ?

सुनीता द्विवेदी क्या आपने कभी बुंदेलखंड में राहुल के गाँव के बारे में सुना है?  राहुल गांधी जो देश की प्रमुख पार्टी कांग्रेस के राजनीतिक वारिस हैं, उनका बुंदेलखंड के…
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अब आना इस देश लाडो!

कीर्ति दीक्षित कुछ समय पहले चुनावों के दौरान बीजेपी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी धनखड साहब ने कहा था कि अभी हरियाणा के लडके पैसे देकर बिहार की लडकियों…
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‘स्टार्टअप’ के दौर में तालाबंदी? ये वक़्त-‘वक़्त’ की बात है

फोटो- @DIPPGOI राजीव मंडल आप केंद्र सरकार की इस विरोधाभासी संकल्पना पर तालियां पीट सकते हैं लेकिन 'मेक इन इंडिया" और 'स्टार्टअप-स्टैंडअप" नीतियों की टाइमिंग पर ध्यान देना ज़रूरी है। सरकार…
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थर्ड जेंडर ने छेड़ी बराबरी के अधिकार की जंग

शिरीष खरे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाली प्रिया (बदला नाम) एक ट्रांस जेंडर हैं। उसके अपने सपने थे, वो बाकी बच्चों की तरह स्कूल जाना चाहती थीं, लेकिन…
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‘गुलाबी’ खेतों का रंग ‘लाल’ हो रहा है…

बाँदा के जसपुरा से आशीष सागर दीक्षित गरीबी और आधे पेट रोटी खाकर अपने खेत की सूखी मिटटी को नम करने की जद्दोजहद में एक और अन्नदाता ने अपने ही खेत…
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पीएम की काशी का पानी ‘काला’ है…

रुही कंधारी दुनिया के सबसे पुराने शहरों में एक गंगा के किनारे बसे वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी ने जब से पीएम का पद संभाला है, शहर का राजनीतिक महत्व…
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मुठभेड़ के नाम पर बंद हो सरकारी हिंसा

दिवाकर मुक्तिबोध आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नौकरी में लेने की पेशकश क्या राज्य में हिंसात्मक नक्सलवाद के ताबूत पर आखिरी कील साबित होगी? शायद हां, पर इसकी पुष्टि…
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‘वीरों की धरती’… लहूलुहान और वीरान क्यों ?

आशीष सागर दीक्षित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विभाजित बुंदेलखंड का इलाका पिछले कई सालों से प्राकृतिक आपदाओं का दंश झेल रहा है। भुखमरी और सूखे की त्रासदी से अब…
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