Archives for माटी की खुशबू - Page 8

माटी की खुशबू

ऑस्ट्रेलिया में पूर्णिया के ‘ईयान बाबू’!

दीवार पर रेणु, चौकी पर ईयान बाबू। सभी चेहरों पर मुस्कान। ये पूर्णिया की माटी है भाई। सत्येंद्र कुमार शानदार, जबरदस्त, जिंदाबाद इनके लिए भी आप बोल सकते हैं। बहुत…
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फेसबुकिया दोस्तों, दो लफ़्ज़ों में नहीं होती कोई ‘क्रांति’

धीरेंद्र पुंढीर आज़ादी की जंग इतनी आसान नहीं थी जितनी वो फेस बुक पर दिखाई देती है। तिंरगा लगाने या फिर एक नारा दे देने से हासिल नहीं हुई है…
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अराधना, मीठी यादें और सखियों से ठिठोली यानी ‘मधुश्रावनी’

विपिन कुमार दास की रिपोर्ट सखियों संग शिव शक्ति की पूजा। फोटो- विपिन कुमार दास सावन जिसे सिंगार और भक्ति का अदभुत महीना माना जाता है। मिथिलांचल के सांस्कृतिक जीवन…
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क्योंकि मैं किसान हूँ….

मैं तो दबा , कुचला एक इन्सान हूँ... फोटो स्रोत- wikipedia नेताजी पूछे तुम कौन हो...? मैंने बोला,  इन्सान हूँ.... क्या तेरे पास गाड़ी है...? हाँ मेरे पास बैलगाड़ी है…
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बकरी तेल लगाती है, कंघी करती है… !

झाबुआ के डुंगरा धन्ना गांव में पहली-पहली ग्राम सभा!- फोटो- राकेश मालवीय शीर्षक को समझने के लिए आपको यह लेख पूरा पढ़ने की ज़हमत उठानी होगी। यह रिपोर्ट जो मैं…
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समाजवादी सादगी का सियासी पाठ

29 जून 2015, संघर्ष के प्रयोग पुस्तक का विमोचन। सोमवार को नई दिल्ली में एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जो देश की सियासत में गाहे-बगाहे ही मिलती है। देश…
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