Archives for माटी की खुशबू

माटी की खुशबू

नौकरी की तेरहवीं

पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार आज तेरहवीं हैकोई नहीं हैउसके साथवो अकेले सोच रहा हैअब क्या? उसनेनहीं रखाकोई'श्राद्ध भोज'! बची ही नहींकोई श्रद्धान ऊपरवाले परन साथ वालों परऔर…
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माटी की खुशबू

ग्रीस मेट्रो में ‘गायब पर्स’ और ‘जय हिंद’ के हिलोरे

सच्चिदानंद जोशी पुणे जाना था। हमेशा की तरह आफिस से निकलते निकलते देर हो गयी। शाम के समय फ्लाइट पकड़ना हो खास कर सात साढ़े सात वाली तो ये यक्ष…
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माटी की खुशबू

विकास की अंधी दौड़ में प्रकृति से दूर होता इंसान

  ब्रह्मानंद ठाकुर गांधी और व्यावहारिक अराजकवाद सिरीज के अन्तर्गत  अभी तक आप विभिन्न अराजकवादी  चिंतकों के विचारों   से अवगत हुए।  महात्मा गांधी के व्यवहारिक अराजकवाद पर भी उनके विचारों…
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माटी की खुशबू

मुझे कश्मीर में प्लॉट नहीं, कश्मीरी दोस्त चाहिए

फाइल फोटो पुष्य मित्र आजकल कभी कभी मन होता है कि हर मुद्दे पर क्यों बोला जाये। अपनी राय जाहिर करते रहना कोई जरूरी है क्या? और क्या लोग मेरी…
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माटी की खुशबू

भारतीय समाज का आईना है कुली लाइन्स और माटी माटी अरकाटी

पुष्यमित्र इन दोनों किताबों को एक साथ पढ़ना चाहिये और मुमकिन हो तो पहले कुली लाइन्स को पढ़ना चाहिये फिर माटी माटी अरकाटी को। मगर मेरे साथ दिक्कत यह हुई…
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माटी की खुशबू

मुजफ्फरपुर के ‘देवदूतों’ से मिलिए

टीम बदलाव मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार और शासन की लापरवाही ने 150 से ज्यादा मासूमों की जान ले ली, बिहार में शुरू हुई बारिश इस आपदा के बीच थोड़ी राहत…
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माटी की खुशबू

गांधी और ग्रामीण पत्रकारिता पर चर्चा के लिए कल पटना आइए

पुष्यमित्र आप लोगों को याद होगा कि कुछ दिन पहले इस आयोजन की चर्चा की थी। यह कल है। विनय तरुण अपना साथी था। ठीक वैसा ही पत्रकार था, जैसे…
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माटी की खुशबू

मुजफ्फरपुर आइए और मदद कीजिए

पुष्यमित्र मुजफ्फरपुर को लेकर आप बहुत परेशान हैं? अगर हां तो इनमें से एक काम कीजिये- 1. सीधे मुजफ्फरपुर आईये, किसी गांव में रुक कर गरीब लोगों को कुछ थर्मामीटर…
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सबूत मांगने पर हाय तौबा मचाने वालों को रामायण से सीख लेने की जरूरत

पीयूष बबेले के फेसबुक वॉल से साभार सबूत पर चिढ़ने वालों को भारतीय परंपरा का ज्ञान नहीं है और कम से कम रामायण का तो उन्हें रत्ती भर अंदाजा नहीं…
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दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है कोल्हापुर का वालवे खुर्द गांव

शिरीष खरे कोल्हापुर के बाकी गांवों की तरह दिखने में यह एक साधारण गांव है। यहां के लोगों को यह बात भी अब साधारण ही लगने लगी है कि कुश्ती…
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