Archives for परब-त्योहार - Page 8

परब-त्योहार

मधुर-मधुर मेरे दीपक जल…

महादेवी वर्मा मधुर-मधुर मेरे दीपक जल। युग-युग प्रतिदिन प्रतिक्षण प्रतिपल, प्रियतम का पथ आलोकित कर।। सौरभ फैला विपुल धूप बन, मृदुल मोम-सा घुल रे मृदु तन, दे प्रकाश का सिंधु…
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आईना

विदेशी ‘पतिदेव’ को देसी परंपरा का पाठ

सच्चिदानंद जोशी करवा चौथ और अमेरिकी चुनाव। आप भी सोचते होंगे की करवा चौथ का अमेरिका में होने वाले चुनाव से क्या सम्बन्ध है। घटना ही कुछ ऐसी है। वाराणसी से…
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बुंदेलखंड में होती है राक्षस की पूजा

कीर्ति दीक्षित परम्पराएं, custom, rituals जैसे शब्द धरती के किसी भी कोने से खड़े होकर बोलें तो इनकी समृधि में भारत का नाम सबसे पहले आएगा, भारत ही ऐसा देश…
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‘झिझिया’ से इतनी झिझक क्यों भाई !

पुष्य मित्र अगर हमें अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवित रखना है तो उसे सिर्फ दिल में सहेजने भर से काम नहीं चलेगा । उसे जुबां पर लाने की…
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गांव के रंग

भरत मिलाप, मेला और हमारा बचपन

फोटो- अजय कुमार मृदुला शुक्ला बचपन में दशहरे पर नए कपड़े मिलने का दुर्लभ अवसर आता था । हम सारे भाई बहन नए कपड़े पहन शाम को पापा के साथ…
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अब नवरात्र में जादू-टोना वाला डर नहीं

मूर्तिकार संजय कुमार । ब्रह्मानंद ठाकुर  बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का हमारा गाँव पिअर विगत 60 सालों में काफी कुछ बदल गया है । फिलहाल मैं अपने गाँव में शारदीय…
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परब-त्योहार

पोला पर्व पर बैल-दौड़ की परंपरा

शिरीष खरे हम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रावणभाठा मैदान में हैं। यहां सुबह-सुबह किसान अपने बैलों को सजा-धजाकर लाए हैं। किसी ने बैलों के सींग पर मोर पंख लगाए…
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परब-त्योहार

जन्माष्टमी मनाइए…लेकिन कृष्ण के उपदेशों को भूलिए नहीं

धीरज वशिष्ठ पूरे मानवता के इतिहास में कृष्ण अकेले ऐसे व्यक्तित्व हैं जो सभी आयामों में खिले हुएं हैं। कहीं वो बांसुरी बजाने वाले कृष्ण हैं तो कहीं सुदर्शनधारी कृष्ण,…
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परब-त्योहार

आस्था और अंधविश्वास के बीच दर्शन का आनंद

मैहर मंदिर परिसर में बरुण सखाजी (पीछे)। बरुण के सखाजी हम सपरिवार सुबह-सुबह मैहर रेलवे स्टेशन पर थे। हल्की बारिश और शारदा मंदिर की पहाड़ी कोहरे के आगोश में थी।…
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माधव का महाकाव्य- श्याम चरित मानस

महेश कुमार मिश्रा संत गोस्वामी तुलसीदास जिन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम पर राम चरित मानस महाकाव्य की रचना की । ऐसा माना जाता है कि तुलसी दास ने 1574-77 के बीच में…
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