Archives for परब-त्योहार - Page 3

परब-त्योहार

एक ऑटो ड्राइवर की ईमानदारी को सलाम

पशुपति शर्मा अगर आपका बैग किसी ऑटो में छूट जाए और आपकी जेब में आगे के किराये के लिए पैसा भी ना हो तो सबसे पहले आपकी जेहन में क्या…
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अतिथि संपादक

आओ गांधी-गांधी खेलें !

ब्रह्मानंद ठाकुर देश महात्मा गांधी के चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष मना रहा है तो जाहिर है कि मुजफ्फरपुर इस आयोजन में बढ़चढ़ का हिस्सा लेगा । मुजफ्फरपुर में 10 अप्रैल…
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परब-त्योहार

कल का लम्पट सामंत कहीं आज का सम्मानित वीसी तो नहीं?

संदीप सिंह फ़िल्म का पहला दृश्य उत्तर भारत के सामंती गाँवों के धूल-धुसरित रास्तों पर स्मृति की दूधिया स्याही से लिखी उन अनगिनत सच्ची घटनाओं पर आधारित है जहाँ कभी…
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परब-त्योहार

अंग-अंग में बोल गया फागुन

संजय पंकज बोल गया फागुन अंग अंग में जाने कैसा रस घोल गया फागुन ! रंग नयन में गंध सांस में प्राण बंध अनुबंध हास में तैर गगन में उतर…
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परब-त्योहार

बेटियां अक्खज होती हैं, उनको भी कोई सीसा-बक्सा में भरती कराता है?

प्रभात खबर के पत्रकार पुष्यमित्र को नॉदर्न और इस्टर्न रीजन का ‘लाडली मीडिया अवार्ड’ मिला है। उन्हें जिस स्टोरी पर यह अवार्ड मिला है, वह वर्ष 2016 में प्रकाशित हुई…
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परब-त्योहार

बदलाव के पहले मिलन में जम गया होली का रंग

सर्बानी शर्मा दिल्ली से सटे नोएडा में बदलाव, ढाई आखर फाउंडेशन और दस्तक की ओर से आयोजित पहले होली मिलन कार्यक्रम में 50 से ज्यादा परिवार शामिल हुए। रविवार के…
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परब-त्योहार

समाजवादी आस्था के मुखिया शिव का विवाह

ब्रह्मानंद ठाकुर आज महाशिवरात्रि है। आदिम समाजवादी परिवार के मुखिया शिव के विवाह का दिन । हां, आदिम समाजवादी व्यवस्था, जहां परस्पर दो विपरीत प्रवृतियों वाले जीव साथ रहा करते…
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परब-त्योहार

मूक बधिर अभिनेता और मंच का नैसर्गिक आकर्षण

संगम पांडेय अपनी निःशब्द प्रस्तुति ‘लव योर नेचर’ में निर्देशक युमनाम सदानंद सिंह ने मंच पर एक छोटा-मोटा जंगल ही उतार दिया है। किसी पहाड़ी जगह पर इस जंगल में…
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परब-त्योहार

गिरहथिन से मोहब्बत का नाता हर दिन का है !

अपनी गिरहथिन संग पुष्यमित्र पुष्यमित्र वेलेंटाइन डे पर उन सभी प्रेमिकाओं को शुभकामनाएं जिन्होंने मेरे जीवन में कभी भी एक क्षण के लिये भी प्रेम की ऊष्मा को जगाया. इस…
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बाज़ार के क्रूर दौर में नई उम्मीद है तमाशा-ए-नौटंकी

सुमित सारांश "तमाशा-ए-नौटंकी" कला की एक विधा को बचाने की मौलिक कोशिश है। 19वें भारत रंग महोत्सव में "तमाशा-ए-नौटंकी" का मंचन बहुत हद तक उस कोशिश में कामयाब नज़र आता…
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