Archives for परब-त्योहार - Page 2

परब-त्योहार

स्त्री सृजन के ‘आयाम’ का दूसरा साल

इति माधवी "सुलगते चूल्हे पर स्त्री जब रांधती है भात बटलोही के अदहन से पकते चावल की खदबदाहट हर स्त्री की सृजनात्मकता है" ये कविता का बदलता काल है जो…
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परब-त्योहार

मीडि‍या, बच्‍चे और असहि‍ष्‍णुता पर ओरछा में होंगी बातें

बदलाव प्रतिनिधि साल 2015 में झाबुआ में विकास संवाद कार्यक्रम में जुटे पत्रकार साथी। मीडिया के साथियों के साथ बैठकर कुछ महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर नया जानने, आपसी समझ बनाने, एक—दूसरे के विचारों…
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परब-त्योहार

जो समाज से लिया, वो कभी तो लौटा सकें हम

बदलाव प्रतिनिधि ग़ाजियाबाद के वैशाली में आज बदलाव के साथियों की कृषि क्षेत्र के कुछ शोधकर्ताओं के साथ मीटिंग हुई।आशुतोष कुमार, चंद्रेशखर सिंह और रूचा बिहार, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में…
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परब-त्योहार

मीडिया का राष्ट्रवाद ‘पनछुछुर’ है- विनीत कुमार

एम अखलाक कारोबारी मीडिया का राष्ट्रवाद पनछुछुर है। इसका राष्ट्रवाद आर्थिक गलियारों से होकर गुजरता है। इस राष्ट्रवाद में मुगालते और गलतफहमियां हैं। इस पनछुछुर राष्ट्रवाद को फिर से परिभाषित…
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परब-त्योहार

बच्चों में रचनात्मकता का बीज डालना ज़रूरी- रवींद्र त्रिपाठी

बदलाव प्रतिनिधि बदलाव बाल क्लब की कहानी कार्यशाला जिस उत्साह के साथ शुरू हुई थी उसका समापन उतना ही मनमोहक रहा। गाज़ियाबाद के वैशाली सेक्टर 6 के मिलिंद अकादमी स्कूल…
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मुजफ़्फ़रपुर के पियर गांव में भी किस्सों की कार्यशाला

सर्बानी शर्मा बदलाव की ओर से मुजफ्फरपुर में इस बड़ी पहल के लिए श्री ब्रह्मानंद ठाकुर बधाई के पात्र हैं। उन्होंने बदलाव का मान बढ़ाया है। 'आओ पढ़ें, सुनें और…
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परब-त्योहार

थियेटर म्यूज़िक- अंजना पुरी की साधना और प्रयोग के सुर

संगीत नाटक अकादमी के अवॉर्ड्स की घोषणा हुई। अलग-अलग कैटगरी में कई नाम सामने आए। इनमें एक नाम अंजना पुरी का भी है। वो अंजना पुरी जो पिछले ढाई दशकों…
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मां की ‘ख़ामोशी’ की भाषा समझते हैं हम

सर्बानी शर्मा माया शर्मा, सर्बानी शर्मा की मां मेरी मां। मां नहीं भाभी। वो हमारी मां नहीं बन पाईं कभी। हम उसे बचपन से ही भाभी कहकर पुकारते रहे हैं।…
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मदर्स डे- महिलाओं की रचनात्मकता का उत्सव

जूली जयश्री बदलाव और वुमनिया  के संयुक्त प्रयास से गाजियाबाद के वैशाली में महिलाओं के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। ये आयोजन विशेष तौर पर होम मेकर्स के…
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गांव के नायक

इंटरनेट की दुनिया- ‘कुंदन’ घिसता गया, चमक बढ़ती गई

कुंदन शशिराज एक ऐसे युवा के तौर पर अपने साथियों के बीच जाने जाते हैं, जो अपने जुनून के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की…
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