Archives for चौपाल - Page 3

चौपाल

अतिवादों के दौर में पत्रकारिता और गांधीवाद

मोनिका अग्रवाल जब हम किसी से पूछे कि  वर्तमान में हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता का काल कैसा है ? शायद जो जवाब मिले वो ऐसा हो- पतनशील, विकासहीन, लक्ष्यविहीन, अराजकतापूर्ण…
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18 साल की उम्र में ‘बजाया राजा का बाजा’

अनिल तिवारी वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल तिवारी की ये सीरीज फेसबुक पर आ  रही है और उसे देर-सवेर हम भी बदलाव पर साझा कर रहे हैं। वो इस सीरीज में 50…
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LIFE OF AN OUTCAST-गरीब का कोनो जात नहीं

किसलय झा दिल्ली में स्क्रीनिंग के दौरान रवि 29 मई 2018 की शाम। फिल्म्स डिविजन ऑडिटोरियम, महादेव रोड, नई दिल्ली में फिल्म “Life of An Outcast” का प्रीमियर था। फिल्म…
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आदर्श गांव पर रपट

अनिल सहनी के गोद लिए गांव पिलखी का हाल

ब्रह्मानंद ठाकुर अनिल सहनी, पूर्व राज्यसभा सांसद आदर्श गांव पर आपकी रपट सीरीज में हुकुम देव नारायण यादव और अनुप्रिया पटेल के गोद लिए गांव पर हमने अब तक रिपोर्ट…
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आदर्श गांव पर रपट

हुकूमदेव नारायण यादव के गोद लिए गांव दामोदरपुर का हाल

जूली जयश्री  टीम बदलाव ने मई महीने में आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गांवों की स्टोरी  पर फोकस करने का फैसला किया है। इसके लिए ‘आदर्श गांव पर आपकी रपट’ सीरीज…
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कुंअर सिंह- सन् सनतावन के अगिया बैताल

कुमार नरेंद्र सिंह ‘कुंअर सिंह एक ऐसा आदमी है, जिसने हमें 80 साल की अवस्था में एक पूर्ण पराजय का त्रासद घाव दिया, जिसने बेलगाम विद्रोहियों से ऐसी हुक्मबरदारी हासिल…
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मैं जेल जाना चाहता हूं !

सांकेतिक जी हां ! मैं जेल जाना चाहता हूं !! इसमें कौतूहल वाली कोई बात नहीं, क्योंकि जेल तो हमारी मानव सभ्यता के विकास की चिर संगिनी है । बड़ी…
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मैया नहीं मालगाड़ी बन गई है नर्मदा

शिरीष खरे जब पहली यात्रा समाप्त होने की कगार पर होती है तो मेरे भीतर दूसरी यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही होती है। यह होती है विचारों की यात्रा।…
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टॉयलेट का फ्लश और आंकड़ों का ‘ओवरफ्लो’?

साजिद अशरफ पीएम मोदी का दावा है कि, बिहार में एक हफ्ते में 8 लाख 50 हजार से ज्यादा शौचालय बनाए गए। अगर ये सच है तो मान लीजिये कि…
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आंदोलनों में हिंसा तो होती है, चौरी-चौरा वाला दम नहीं दिखता

अमित ओझा 5 फरवरी 1922 गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा देश अब अंगड़ाई लेने लगा था।अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ बापू के असहयोग आंदोलन की आग धीरे-धीरे पूरे मुल्क में फैलती…
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