Archives for चौपाल - Page 2

चौपाल

‘निंदक’ से इतनी नफरत ठीक नहीं मोदीजी

ब्रह्मानन्द ठाकुर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने पिछले दिनों केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों की जो आलोचना की है उसे लेकर पार्टी के एक…
और पढ़ें »
चौपाल

कुंदन शाह को ‘जाने भी दो यारों’

मयंक सक्सेना कुंदन शाह से दिल्ली में एक पत्रकार के तौर पर मिलना हुआ। पहली बार जब मिला था, तो छात्र था। दूसरी बार पत्रकार।ऑफ द रिकॉर्ड चाय पीते हुए, उनसे…
और पढ़ें »
चौपाल

‘तुलसीदास’ कविता और सांप्रदायिकता का सवाल

देवांशु झा कवि अज्ञेय ने अपने संस्मरण में लिखा है "निराला के प्रति मेरी धारणा तब तक पूरी तरह बदल चुकी थी। ऐसा 'राम की शक्तिपूजा' और 'सरोज स्मृति' जैसी…
और पढ़ें »
चौपाल

देनहार कोहू और है …

सच्चिदानंद जोशी नवरात्रि की शुभकामनाओं के बीच एक किस्सा कुछ अलग सा। हम जानते हैं कि नवरात्रि के पहले अमावस्या आती है। सर्वपितृमोक्ष अमावस्या। इसका बहुत महत्व है। इस दिन…
और पढ़ें »
चौपाल

गौपालन का अर्थशास्त्र कुछ तो कहता है!

संतोष कुमार सिंह देश के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों गाय को लेकर खूब चर्चा हो रही है। गाय से नफे-नुकसान की भी बात हो रही है। गाय के कुछ…
और पढ़ें »
चौपाल

शाइनिंग इंडिया टू सेलिंग इंडिया

फ़ाइल फोटो राकेश कायस्थ सरकारी तंत्र यानी नकारापन। प्राइवेट सेक्टर यानी अच्छी सर्विस और एकांउटिबिलिटी। यह एक आम धारणा है, जो लगभग हर भारतीय के मन में बैठी हुई है…
और पढ़ें »
चौपाल

बच्चे फटकार की नहीं प्यार की भाषा समझते हैं

अरुण प्रकाश बच्चे का मन गंगा की तरह पवित्र और निर्मल होता है। उसमें ना कोई छल होता है और ना ही कपट। उसके मन में जो कुछ चलता है…
और पढ़ें »
चौपाल

खुदगर्जी में हम खुद के लिए खोद रहे खाई

ब्रह्मानंद ठाकुर विजय पत सिंघानिया टूटते-बिखरते रिश्ते, दरकता विश्वास । इस महीने के शुरू में हमारे देश में अलग-अलग जगहों पर जिन तीन घटनाओं ने हमारे अंतर्मन को झकझोर दिया।…
और पढ़ें »
चौपाल

बाढ़ की आपदा में क्या करें हम

पुष्यमित्र इन दिनों उत्तर बिहार भीषण किस्म की बाढ़ आपदा के सामना कर रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 14 जिलों की 73 लाख से अधिक आबादी इससे प्रभावित है।…
और पढ़ें »
चौपाल

‘राष्ट्रवाद’ के सियासी छलावे में उलझता देश

ब्रह्मानंद ठाकुर आज देश में चारों तरफ राष्ट्रीयता और देशभक्ति की होड़ मची हुई है। ऐसा लगता है आजादी के 7 दशक तक देश के लोगों में राष्ट्र के प्रति…
और पढ़ें »