Archives for चौपाल - Page 2

चौपाल

शिक्षा तंत्र के श्राद्ध कर्म के बीच नारद कमीशन

ब्रह्मानंद ठाकुर जिन लोगों ने श्रीलाल शुक्ल का राग दरबारी पढा है, उन्हें नारद कमीशन भी पढना चाहिए। राग दरबारी जहां स्वातंत्रोत्तर भारत के  तत्कालीन सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक…
और पढ़ें »
चौपाल

हिक्की, हरीश चंद्र मुखर्जी और कोलकाता की पत्रकारिता

पुष्यमित्र इस साल पत्रकार और मित्र विनय तरुण की याद में आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए हमलोग 24 जून को कोलकाता में जुट रहे हैं। विषय है, ‘अतिवाद के दौर…
और पढ़ें »
चौपाल

अतिवादों के दौर का जनक है पूजीवादी अर्थतंत्र-ब्रह्मानंद ठाकुर

ब्रह्मानंद ठाकुर विनय तरुण स्मृति व्याख्यान 2018 का विषय है- अतिवादों के दौर में पत्रकारिता और गांधीवाद। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि साहित्य, कला, संस्कृति, नीति-नैतिकता, चिंतन और…
और पढ़ें »
चौपाल

अतिवादों के दौर में पत्रकारिता और गांधीवाद

मोनिका अग्रवाल जब हम किसी से पूछे कि  वर्तमान में हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता का काल कैसा है ? शायद जो जवाब मिले वो ऐसा हो- पतनशील, विकासहीन, लक्ष्यविहीन, अराजकतापूर्ण…
और पढ़ें »
चौपाल

18 साल की उम्र में ‘बजाया राजा का बाजा’

अनिल तिवारी वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल तिवारी की ये सीरीज फेसबुक पर आ  रही है और उसे देर-सवेर हम भी बदलाव पर साझा कर रहे हैं। वो इस सीरीज में 50…
और पढ़ें »
चौपाल

LIFE OF AN OUTCAST-गरीब का कोनो जात नहीं

किसलय झा दिल्ली में स्क्रीनिंग के दौरान रवि 29 मई 2018 की शाम। फिल्म्स डिविजन ऑडिटोरियम, महादेव रोड, नई दिल्ली में फिल्म “Life of An Outcast” का प्रीमियर था। फिल्म…
और पढ़ें »
आदर्श गांव पर रपट

अनिल सहनी के गोद लिए गांव पिलखी का हाल

ब्रह्मानंद ठाकुर अनिल सहनी, पूर्व राज्यसभा सांसद आदर्श गांव पर आपकी रपट सीरीज में हुकुम देव नारायण यादव और अनुप्रिया पटेल के गोद लिए गांव पर हमने अब तक रिपोर्ट…
और पढ़ें »
आदर्श गांव पर रपट

हुकूमदेव नारायण यादव के गोद लिए गांव दामोदरपुर का हाल

जूली जयश्री  टीम बदलाव ने मई महीने में आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गांवों की स्टोरी  पर फोकस करने का फैसला किया है। इसके लिए ‘आदर्श गांव पर आपकी रपट’ सीरीज…
और पढ़ें »
चौपाल

कुंअर सिंह- सन् सनतावन के अगिया बैताल

कुमार नरेंद्र सिंह ‘कुंअर सिंह एक ऐसा आदमी है, जिसने हमें 80 साल की अवस्था में एक पूर्ण पराजय का त्रासद घाव दिया, जिसने बेलगाम विद्रोहियों से ऐसी हुक्मबरदारी हासिल…
और पढ़ें »
चौपाल

मैं जेल जाना चाहता हूं !

सांकेतिक जी हां ! मैं जेल जाना चाहता हूं !! इसमें कौतूहल वाली कोई बात नहीं, क्योंकि जेल तो हमारी मानव सभ्यता के विकास की चिर संगिनी है । बड़ी…
और पढ़ें »