Archives for चौपाल - Page 16

ये प्रतिरोध की संस्कृति को सलाम करने का वक़्त है

मौजूदा प्रतिरोध की गूंज के अगुआ रहे उदय प्रकाश प्रियदर्शन एक खूंखार, लथपथ समय में गलत के विरोध की हर पहल स्वागत योग्य है। जो इस पर सवाल उठाते हैं वे…
और पढ़ें »

गाय ‘माता’ के नाम पर बंद करो लड़ाई

कुमार सर्वेश गाय इस धरती पर सबसे प्यारा और पवित्र पशु है। भारतीय समाज में गाय को परिवार का एक हिस्सा माना जाता रहा है। गाय को हिंदू परंपरा में…
और पढ़ें »

किसान क जिंदगी मुआर हो गईल…!

अजय कुमार की फेसबुक वॉल से कोसी की तस्वीर सत्येंद्र कुमार यूपी में पंचायत और बिहार में विधानसभा चुनाव जारी है। हर घर बिजली, सड़क, सिंचाई, शिक्षा की बात हर…
और पढ़ें »

इस बार जवाब देगा जेपी का बिहार

अरुण प्रकाश बिहार वही है। संपूर्ण क्रांति की अलख जगाने वाला बिहार। धीरे-धीरे समाजवाद आई बबुआ। समाजवाद तो नहीं आया अलबत्ता सियासत संप्रदायवाद के सम पर ज़रुर आ गिरी। केंद्रीय…
और पढ़ें »

बांदा के बंदों की सेहत का ‘रखवाला’ कौन?

आशीष सागर दीक्षित फोटो-आशीष सागर दीक्षित बेदम सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से कराह रहा है बुंदेलखंड का पूरा क्षेत्र। बिना फार्मेसिस्ट के चल रहे मेडिकल स्टोर, गैर पंजीकृत नर्सिंग होम और झोलाछाप…
और पढ़ें »

वैष्णव जन तो तैणें कहिए… जे पीर पराई जाने रे

नोआखली में एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ बातें करते महात्मा गांधी। आज गांधी का जन्मदिन है। सत्य और अहिंसा का सबक याद करने का दिन। अहिंसा की डगर कठिन है…
और पढ़ें »

गांव की हाट में वो लगा रहा है घरौंदे की बोली

आशीष सागर दीक्षित विकास यादव पुत्र मृतक सुरेश यादव गाँव, बघेलाबारी, बुंदेलखंड। पेशे से किसान। विकास यादव की मां भी जीवित नहीं है। इलाहाबाद के यूपी ग्रामीण बैंक, शाखा फतेहगंज में…
और पढ़ें »

यारों को वीराने में छोड़ गए वीरेन

श्रद्धांजलि तहखानों से निकले मोटे-मोटे चूहे जो लाशों की बदबू फैलाते घूम रहे हैं कुतर रहे पुरखों की सारी तस्वीरें चीं-चीं, चिक-चिक की धूम मचाते घूम रहे पर डरो नहीं,…
और पढ़ें »

‘आफ़ताब’ और ‘सूरज’ से रौशन होना हो तो, खिड़कियां खोल लें

पशुपति शर्मा पटना में चल रहे अनु आनंद राष्ट्रीय रंग महोत्सव के चौथे दिन की दोपहर गांधी के आदर्शों के नाम रही। कटनी से आए नाट्य समूह संप्रेषणा के कलाकारों…
और पढ़ें »