Archives for चौपाल

चौपाल

16 नवंबर को बड़े पर्दे पर नटखट पीहू का ‘विनोद’ और रोमांच

सत्येंद्र कुमार यादव 2016 की बात है । उस वक्त मेरा बेटा अथर्व करीब 2 साल का होगा। उसकी मां कुसुम बॉथरूम में थी और अथर्व ने खेल-खेल में बाहर…
और पढ़ें »
चौपाल

पूंजी में #Me Too की कुंजी

ब्रह्मानंद ठाकुर घोंचू भाई  दोपहर में खाना खा कर आराम करने के लिए  बिछौना पर लेटबे किए थे कि मनकचोटन भाई अपने रिश्ते के एक मामू को साथ लिए उनके…
और पढ़ें »
चौपाल

पुरखों को याद करें, लेकिन बुजुर्गों की इज्जत करना ना भूलें

फोटो- अजय कुमार, कोसी , बिहार ब्रह्मानंद ठाकुर घोंचू भाई  आज साइकिल से बाजार गये हुए थे। लौटने में देर हो रही थी। हम मनोकचोटन भाई के तिनटंगा चउकी पर…
और पढ़ें »
चौपाल

अखबार के जरिए यथार्थ से जुड़ना, एक मुगालता- आलोक श्रीवास्तव

पशुपति शर्मा पत्रकारिता में वैश्वीकरण के बाद एक नया बदलाव आया है। वो समाज के बड़े मुद्दों पर बात नहीं करती, समाज सापेक्ष न हो कर वो सिविक समस्याओं पर…
और पढ़ें »
चौपाल

हिन्दी की चिंता ऊपर से नहीं, नीचे से कीजिए

फाइल चित्र ब्रह्मानंद ठाकुर हिंदी दिवस से एक दिन पहले मैंने पूरा दिन 11-4 बजे तक एक उच्च विद्यालय में बिताया। हिन्दी की तीन कक्षाएं लीं। विद्यालय के प्रधान मुझे…
और पढ़ें »
चौपाल

राजनीतिक गणित में बुरी तरह से उलझ कर रह गई हिन्दी

डॉ संजय पंकज हिन्दी को राजभाषा का दर्जा देकर सरकार भूल गई। १४ सितम्बर १९४९ से हर वर्ष हिन्दी दिवस मनाने की जो औपचारिकता शुरू हुई वह एक सरकारी परम्परा बन…
और पढ़ें »
चौपाल

सेवाग्राम का सबक- स्वच्छता, प्रार्थना और स्वावलंबन

संदीप नाईक बहुत सारी खराब बातों के बावजूद बहुत सारी अच्छी बातें सेवाग्राम के आश्रम में मौजूद हैं, इनमें से प्रमुख हैं - स्वच्छता , प्रार्थना और स्वावलंबन। पूरे परिसर में…
और पढ़ें »
चौपाल

मानव जाति का पहला वैज्ञानिक आविष्कार क्या था ?

ब्रह्मानंद ठाकुर फोटो सौजन्य- अजय कुमार कोसी बिहार आई का बतकही बिलकुले एक नया लुक में  था। असल में हुआ यह कि साउनीघड़ी पवनिए के दिन 15 अगस्त वाला परब…
और पढ़ें »
चौपाल

मीडिया को फिर से पत्रकारिता बनाने की लड़ाई कलम के नाम उधार है

ब्रह्मानंद ठाकुर अपने देश के मीडिया जगत में इन दिनों जो घटनाएं घट रही हैं, वह आकस्मिक नहीं कही जा सकती। इसका ताना-बाना तो काफी पहले ही बुना जा चुका…
और पढ़ें »
चौपाल

वीरेन नंदा की किस्सागोई पार्ट-7

सांकेतिक फोटो वीरेन नंदा किस्सागोई के पिछले अंक में आपने पढ़ा कि कैसे कहानीकार को लेखक की कीताबों की समीक्षा का सुझाव मिलता और उसपर अमल भी शुरू हो जाता…
और पढ़ें »