Archives for चौपाल

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हां मैं थोड़ा स्वार्थी हूं

मोना चौहान के फेसबुक वॉल से साभार मैं भारत का नागरिक हूँहाँ मैं थोड़ा स्वार्थी हूँआज मुझे मतलब है खुद से और अपने परिवार से इनके स्वास्थ्य और आहार सेक्योंकि…
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पूंजीवादी युग में एक ‘फकीर’ का जिंदा होना !

वीरेन नंदा "कोरोना के इस गहराते संकट के समय कुछ नई किताब पढ़ने के लिए आलमारी टटोल रहा था तब एक किताब पर नजर पड़ी- "सिक्स एकड़ एंड ए थर्ड"।…
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धार्मिक दंगे भारतवर्ष का पीछा कब छोड़ेंगे ? -भगत सिंह

23 मार्च भगत सिंह का शहादत दिवस है। 1931 में इसी दिन भारतीय आजादी आंदोलन की गैरसमझौतावादी धारा के इस जांबाज क्रांतिकारी को फांसी के फंदे पर झुला दिया गया…
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एक ‘थप्पड़’ से क्या होता है, महिलाओं से ये सवाल कब तक?

बिन्दु चेरुन्गात 8 मार्च,  पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष महिला दिवस के लिए संयुक्त राष्ट्र के अभियान #EachForEqual के काफी करीब है, दस दिन पहले आयी…
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झाड़ीपट्टी के ‘सितारों’ का अपना संघर्ष है- अनिरुद्ध वनकर

अनिरुद्ध वनकर अक्सर जब हम महाराष्ट्र की लोक कला शैलियों की बात करते हैं तो हमारे जेहन में ‘तमाशा’, गोंधल, पोवाडा, और कीर्तन की परंपरा आती है। पर शायद काफी…
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नाराजगी मुक्त जीवन लेकर नए साल में प्रवेश करें

विकास मिश्रा के फेसबुक वॉल से साभार नजदीकी रिश्ते की एक भाभी थीं, दो साल बड़ी रही होंगी मुझसे। बहुत मानती थीं मुझे, मैं भी उन्हें बहुत मानता था। बहुत…
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भेड़ियों से घिरी बेटियां

पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार भेड़िया आया-भेड़िया आयावाले किस्से सेहमने बचपन मेंसीखा था सबकबार-बार का झूठकितना खतरनाक होता है! इंसानी बस्तियों सेखत्म हो गईभेड़ियों की प्रजातिये भी कम…
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गांधीजी की कल्पना का भारत और हमारा गांव

तस्वीर- आशीष सागर दीक्षित के फेसबुक वॉल से साभार। सेवाग्राम में प्रार्थना सभा। ब्रह्मानंद ठाकुर महात्मा गांधी की कल्पना का भारत स्वशासी ग्रामीण इकाइयों का था, गांधी और अराजकवाद के…
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मानसिक रोगियों की सुध कब लेगी बिहार सरकार ?

पुष्य मित्र आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस है। इस मौके पर आपसे एक सूचना साझा करना है कि रांची के कांके स्थित मानसिक आरोग्यशाला में बिहारी मरीजों का इलाज करने…
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राज व्यवस्था, जनता और गांधीवाद

सच्चिदानन्द सिन्हा प्रख्यात समाजवादी चिंतक हैं। इस वर्ष वे  अपनी जिंदगी के 90 वां वर्ष पूरा कर 91 वां वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं।  गांधी शांति प्रतिष्ठान व्याख्यान (…
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