बांदा के बंदों की सेहत का ‘रखवाला’ कौन?

आशीष सागर दीक्षित बेदम सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से कराह रहा है बुंदेलखंड का पूरा क्षेत्र। बिना फार्मेसिस्ट के चल रहे मेडिकल

और पढ़ें >

कोसी की बोलती तस्वीरों का चितेरा-अजय

सत्येंद्र कुमार बिहार के फारबिसगंज विधानसभा सीट से 1972 में फणीश्वर नाथ रेणु ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा

और पढ़ें >

गांव के खुराफातियों का बहाना क्यों मंत्रीजी?

हरि अग्रहरि 23 और 24 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने की एक योजना ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ पर

और पढ़ें >

रवीश, सोशल मीडिया के ‘बायकॉट की पॉलिटिक्स’ क्या है?

धीरेंद्र पुंडीर “आप मेरी नहीं अपनी चिंता करे क्योंकि अब बारी आपकी है। आप सरकारों का हिसाब कीजिए कि आपके

और पढ़ें >

जब राइन से मिलने जर्मनी पहुंची गंगा!

सत्येंद्र कुमार गंगा को हम सब मां, जीवनदायिनी,  मोक्षदायिनी और कई नामों से पुकारते हैं। गंगा जल के बिना हिंदुओं

और पढ़ें >

‘बंजर जमीन’ पर उम्मीद की एक बूंद!

एपी यादव की रिपोर्ट भादो का महीना अपनी ढलान पर है, किसान आसमान में टकटकी लगाए बैठा है, धरती फटती

और पढ़ें >

गंगा का आंगन बुहारती पूर्वोत्तर की बेटियां

सत्येंद्र कुमार ट्विटर पर टेमसुतुला इमसोंग की टीम की तस्वीरें करीब एक साल से देख रहा हूं। ये अपनी टीम

और पढ़ें >

बिहार में होगी ‘अच्छे दिन’ की बड़ी आजमाइश

देवेंद्र शुक्ला दिल्ली के बाद विधानसभा चुनावों का अगला पड़ाव बिहार। और सवाल ये कि बिहार में बयार किसकी या अच्छे

और पढ़ें >