Archives for मेरा गांव, मेरा देश - Page 77

देवरिया में लगी ‘बदलाव की चौपाल’

अनिल कुमार उत्तर प्रदेश के जौनपुर से ‘बदलाव की चौपाल’ का जो सफर शुरू हुआ वो दिल्ली होते हुए नेपाल की सीमा तक पहुंच चुका है । आप सभी के…
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मेरा गांव, मेरा देश

“सही चीज पीते तो मैं खुद पैग बनाकर देती”

बच्चों के साथ बैठी सरस्वती देवी, पति की शराब की आदत ने परिवार को तबाह कर दिया। पुष्यमित्र कहानी मुजफ्फरपुर के एक गांव की, जहां की औरतों का जीवन शराब…
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नंद गांव की गौशाला, जहां रंभाती हैं सवा लाख गायें

पथमेडा गौशाला, राजस्थान। फोटो- भव्य श्रीवास्तव भव्य श्रीवास्तव राजस्थान के सांचौर जिले में पथमेडा गौशाला है, जो विश्व की सबसे बड़ी गौशाला मानी जाती है। मैं हाल ही में यहाँ…
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अंबेडकर, संविधान और अनकहा सच !

सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन ने बाबासाहेब को इस तरह श्रद्धांजलि दी। फोटो- पीआईबी हरिगोविंद विश्वकर्मा क्या आप जानते हैं कि बाबासाहेब के नाम से लोकप्रिय दुनिया के सबसे बड़े संविधान के…
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बाबा साहेब की तरह रूख हवाओं का बदल दो…

फोटो- अजय कुमार, कोसी बिहार जय सिंह अब बाबा साहेब नहीं हैं, बाबा साहेब का संदेश ही हम लोगों के पास है। बाबा साहेब की असली जयन्ती मनाने का मतलब…
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बुंदेलखंड में बिन पानी सब सून !

समीर आत्मज मिश्रा के फेसबुक वॉल से अगले कुछ दिनों तक बुंदेलखंड में रहूंगा। इस इलाके में प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक खूबसूरती भी भरपूर मात्रा में…
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एक किताब जिसने बदली सोच

बसंत कुमार जब गांव में था तो आसपास थी पति से पिटती औरतें, पति और बच्चों के सपने को अपना सपना मानकर जीने वाली औरतें, समाज के डर से हंसी…
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भितिहरवा गांव, जिसने याद रखा कस्तूरबा का ‘ककहरा’

पुष्यमित्र पहली बार जिस खपरैल में गांधी का स्कूल शुरु हुआ था, उसे सुरक्षित रखा गया है। सभी फोटो-पुष्यमित्र लोगों ने इस स्कूल को जिंदा रखने के लिए तीन-तीन बार…
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कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पे !

हंसा कोरंगा 'तेरे दिल में मेरी सांसों को पनाह मिल जाए...तेरे इश्क में मेरी जान फना हो जाए… '  क्या आज भी इश्क की यही परिभाषा होती है? एक-दूसरे के प्रति…
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साइकिल चलाओ, बिजली बनाओ…पावर का डबल डोज!

पेंडल दबाओ, बिजली बनाओ सत्येंद्र कुमार यादव साइकिल बड़ी काम की सवारी है। गांव, कस्बों और छोटे शहरों में गेहूं पिसवाने, धान कुटवाने से लकरे स्कूल तक पहुंचाने का काम…
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