Archives for मेरा गांव, मेरा देश - Page 61

मुज़फ़्फ़रनगर की ‘भारत मां’

अश्विनी शर्मा मीणा मां के घर में पूरा 'हिंदुस्तान' जिस मुजफ्फरनगर में धर्म के नाम पर मारकाट मची। जब लोग हिंदू-मुस्लिम  के नाम पर मरकट रहे थे, मासूम बच्चों पर…
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बाय-बाय बनैनिया ! तेरी हाय की फिक्र किसे है?

पुष्यमित्र महज पांच साल पहले कोसी नदी के किनारे एक खूबसूरत और समृद्ध गांव था बनैनिया। मिथिलांचल और कोसी के इलाकों को जोड़ने के लिए जब महासेतु बना तो बनैनिया…
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नेताजी, गांवों को जो कहना था कह गए

सत्येंद्र कुमार जयापुर में तो जय-जय करवाते पीएम साहब। पंचायत चुनावों में एक सबक। यूपी पंचायत चुनाव के नतीजे सियासी दलों को आईना दिखाने के लिए काफी हैं । इस…
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समंदर में एक गांव ‘प्यासा’

समंदर मे बसे घारपुरी गांव की एक झलक एक ऐसा गांव जो समंदर के बीच खड़ा है। सूरज की रोशनी, बारिश का पानी और समंदर की मछलियों से ही जिसकी जिंदगी…
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गैरसैंण का मुकद्दर अमरावती सा क्यों नहीं?

पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तर और दक्षिण में सचमुच अंतर है। न केवल जलवायु, भाषा और संस्कृति का बल्कि कार्य पद्धति का भी। आर्य सभ्यता के वंशज द्रविड़ों को कितना ही हेय…
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बिहार के रण में मीडिया के रणबांकुरे

एपी यादव चुनाव प्रचार करते अनुरंजन झा। बिहार की चुनावी चासनी में हर कोई डूबा है। बस इंतजार है तो 8 नवंबर का जब इस चासनी में पककर बिहार का…
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ग़रीबी के जाल में मछली से तड़फड़ा रहे हैं मछुआरे

पुष्यमित्र मचान पर बिछा जाल, अब जाल का यही इस्तेमाल रह गया है। फोटो -पुष्यमित्र जातियों के नाम पर लड़े जा रहे इस चुनाव में निषाद जाति की बड़ी चर्चा…
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सूखे खलिहान, कौन लाएगा ‘हरिहर विहान’ ?

पुष्यमित्र मुरझाए खेतों में मुरझाया सा किसान। फोटो-पुष्यमित्र इन दिनों पटना समेत बिहार के सभी शहरों और कस्बों में चौक-चौराहे लाल, पीले और हरे रंगे के होर्डिंग्स से अटे पड़े हैं।…
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‘रावणों’ ने किया एक बेटी का ‘जिंदा-दहन’!

उमरपुर गांव, प्रतापगढ़, यूपी हरिगोविंद विश्वकर्मा वह सपने देखने वाली लड़की थी। देहात और ग़रीब परिवार की लड़की। करियर बनाने का दृढ़ संकल्प ले रखा था। वह पढ़-लिखकर किसी स्कूल…
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