Archives for मेरा गांव, मेरा देश - Page 53

भूले नहीं भूलती मढौरा के मॉर्टन की मिठास

अनीश कुमार सिंह मढौरा की मॉर्टन फैक्ट्री, जो अब बंद पड़ी है। आर्टिकल के सभी फोटो सौजन्य- अनीश मढ़ौरा, सारण ज़िला मुख्यालय छपरा से 26 किलोमीटर दूर, उत्तर की ओर…
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आईना

शौचालय, औरतें और सबक 5 रूपये वाला

फोटो- संध्या कश्यप दुनिया से जीती, जीती खुद से हारी ...बस ध्वस्त खड़ी हूँ मैं ...!!! स्वानंद किरकिरे की ये पंक्तिया कितनी सटीक और सार्थक है नारी के सन्दर्भ में।…
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मेरा गांव, मेरा देश

फूलन देवी की मां को किस कसूर की सज़ा?

एक समय में जिस फूलन के नाम से सरकार और शासन का पसीना छूटता था और अधिकारी त्राहि-त्राहि करते थे, उसी दस्यु और पूर्व सांसद फूलन की मां की एक…
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गिर ना पड़े शिवराज की ‘सवारी’

शिरीष खरे गणेश पाटीदार को मध्य-प्रदेश केभोपाल से करीब 350 किलोमीटर दूर बड़वानी पहुंचने में कोई 8 घंटे का सफर तय करना चाहिए, लेकिन सफर 12 घंटे से भी ज्यादा…
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हम प्यासे मरेंगे और वो हमारी नदियों का पानी बेचेंगे…

मैगसेसे और स्कॉटहोम वाटर जैसे पुरस्कारों से नवाजे गए जल वैज्ञानिक राजेन्द्र सिंह का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार जनता के पानी को कंपनियों को देने की तैयारी…
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‘ग़म-ए-वोट’ में कुछ यूं बदले ‘गेम-ए-कैबिनेट’ के कायदे

प्रणय यादव फोटो सौजन्य-पीआईबी उम्मीदें बहुत थीं। बातें बहुत थीं। दावे बहुत थे। लेकिन हुआ क्या? जो हुआ वही तो होता आया है। जिसका विरोध बीजेपी करती थी। जिसके लिए…
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किसानों का संकटमोचक ‘रहट’ कहां गुम हो गया?

फोटो- शिवनारायण सिंह । कुएं से पानी निकालने की प्रचीन विधि 'रहट' अरुण यादव रहट नाम से क्या आपके जेहन में कोई तस्वीर खिंचती है। क्या आप रहट के बारे…
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‘क्षिप्रा’ और ‘नर्मदा’… नदियों के ‘जबरिया मिलन’ की अंतर्कथा

शिरीष खरे इंदौर जिले का उज्जैनी गांव 29 नवंबर, 2012 को एक ऐतिहासिक फैसले का गवाह बना था। ये वही दिन है जब सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी धूमधाम…
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सिमटती खेती, बढ़ती परेशानियां

सैयद ज़ैग़म मुर्तज़ा दोआबा... यानि दो बहते दरिया के बीच का इलाक़ा। यह 'दो' और 'आब' शब्दों के जोड़ से बना है। आब फारसी का लफ्ज़ है जिसका मतलब है…
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आदिवासियों की उपेक्षा कब तक ?

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के गायडबरी गांव की महिलाएं। सत्येंद्र कुमार यादव अगर हम सवाल करें कि दिल्ली में बैठे पत्रकार आदिवासियों के बारे में कितना समझते हैं तो शायद…
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