Archives for मेरा गांव, मेरा देश

मेरा गांव, मेरा देश

क्यों विपक्ष और जनपक्ष हो जाना ही निष्पक्ष पत्रकारिता है?

पुष्यमित्रजब मैं लिखता हूं कि पत्रकार का काम शास्वत विपक्ष हो जाना है तो कई मित्र को आपत्ति होती है। उन्हें लगता है कि पत्रकारों को सरकार के काम काज…
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एग्ज़िट पोल और उसके मायने समझिए

राकेश कायस्थ साभार-ndtv 1. यह बहुत साफ था कि 2019 की लड़ाई अंकगणित बनाम केमेस्ट्री होगी। मतलब यह कि जितने भी बीजेपी विरोधी गठबंधन बने हैं, उनके वोट आप जोड़…
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गांधीजी के हत्यारे को देशभक्त बताने के पीछे की सोच को समझिए

फाइल फोटो उर्मिलेश उसने अपनी विचारधारा के अनुसार अपने 'मन की बात' ही तो कहीं है! उसके अनेक सियासी पूर्वज भी यही कहते रहे: 'नाथूराम गोडसे जी एक देशभक्त थे!'यही…
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दीपक चौरसिया- सफरनामे में तालियों का शोर और सन्नाटा

पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार। दीपक चौरसिया। पत्रकारिता का एक बड़ा नाम। मैं और मेरे हम-उम्र साथी जिस दौर में पत्रकारिता में प्रवेश का द्वार तलाश रहे थे,…
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मेरा गांव, मेरा देश

काम पूरा लेंगे, लेकिन दाम अधूरा देंगे…वाह रे हमारी लोकतांत्रिक सरकार !

सुधांशु कुमार वर्षों की सुनवाई,  उसके दौरान शिक्षकों के प्रति जजों की पूरी सहानुभूति,  शिक्षकों के खून-पसीने की कमाई के करोड़ों रुपये वकीलों पर खर्च ! इन सबके बाद लगभग…
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चौपाल

क्या राजीव की आड़ में सरकार की नाकामी छिपाने में सफल होंगे मोदी?

पुष्यमित्र राजीव गांधी कोई राजनीति के सन्त नहीं थे। आजकल जो उन्हें सन्त बनाने पर तुले हैं, वे या तो भोले हैं या राजनीति की दुनिया के मक्कार। यह ठीक…
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आईना

2019 चुनाव का सबसे धमाकेदार इंटरव्यू

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के फेसबुक वॉल से पत्रकारिता के छात्रों और नये-पुराने तमाम पत्रकारों को NDTV पर प्रणय रॉय का सातवीं में पढ़ने वाली मोहनलालगंज(यूपी) की सुनयना का इंटरव्यू जरुर…
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फसल खरीद ना होने पर देवरिया के पिंडी गांव में चुनाव बहिष्कार का फैसला

सत्येंद्र कुमार यादव लोकसभा  चुनाव में गांव के स्थानीय मुद्दे नदारद हैं । कोई राष्ट्रवाद के नाम पर चुनाव लड़ रहा है तो कोई गरीबी के नाम पर, लेकिन राष्ट्र…
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सहिष्णुता और गांधी

पशुपति शर्मा दक्षिण अफ्रीका में जोहांसबर्ग से प्रिटोरिया तक की रेल यात्रा। पीटरमारित्जबर्ग में ट्रेन से धक्का देकर गांधी को उतार दिया गया। गांधी ने यहीं तय किया कि वो…
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बदलते दौर में पत्रकारिता के चाल-चरित्र और चेहरे की झलक

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के फेसबुक वॉल से साभार मेरा मानना है, किसी लेखक, बुद्धिजीवी, एकेडेमिक, सामाजिक या राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह एक सक्रिय पत्रकार, खासतौर पर रिपोर्टर या एंकर को…
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