Archives for गांव के रंग - Page 2

गांव के रंग

‘मौलाना जोशी’ ने ‘मुल्क’ से कुछ मांगा है, दे पाओगे?

सच्चिदानंद जोशी कुछ दिन पहले बचपन का एक दोस्त मिला। मेरे रूप को देखते ही बोला "अरे यार तुम तो एकदम बदल गए "। उम्र के साथ शरीर और बाल…
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गांव के रंग

अंधविश्वास और बाज़ारवाद के मायाजाल से घिरी आस्था

ब्रह्मानंद ठाकुर धनरोपिया खतम हो जाने से घोंचू भाई अब पूरी तरह से फुर्सत में हैं। इधर दू- चार दिन से टिप-टाप और बीच-बीच में झमकउआ मेघ बरसते रहने से टोला के…
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गांव के रंग

‘देश में समान शिक्षा के लिए जन आंदोलन की जरूरत’

टीम बदलाव आजादी के 7 दशक बाद भी हम देश में समान शिक्षा और समान स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतों को भी आम जन मानस तक नहीं पहुंचा सके । हम…
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गांव के रंग

एमरी अषाढ शुक्ल पक्ष का नवमी शनिवारे को पड़ा है!

ब्रह्मानंद ठाकुर तस्वीर- अजय कुमार कोसी बिहार हमारे घोंचू भाई उस पीढी से बिलांग करते हैं जिस पीढी के अधिकांश लोग खलास हो चुके हैं या बड़ी तेजी से इस…
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गांव के रंग

मांगू मांगू मांगू दुलहा…हाथी घोड़ा गइया हे !

अभी शादी-विवाह का मौसम चल रहा है। लिहाजा इस अवसर पर नाना प्रकार के गीतों के स्वर फिजां में तैर रहे हैं। देर रात से सुबह तक ये गीत ध्वनि…
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गांव के रंग

चाँद मामा हंसुआ द

बदलाव प्रतिनिधि जैसे जैसे दिन बीतता जा रहा है..बदलाव बाल क्लब की कार्यशाली परवान चढ़ती जा रही है । मुजफ्फरपुर में बदलाव बाल क्लब की पाठशाला के तीसरे दिन बच्चों…
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गांव के रंग

कल संवारना है तो आज सुन लो अच्छे किस्से

बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले के सुदूर गांव पियर में बदलाव बाल क्लब की कहानी कार्यशाला शुरू हो गई। हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार सह जाने माने युवा कवि डाक्टर संजय पंकज…
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गांव में तकनीक

‘अंगूठा छाप’ क्रांति से बदलेगी बैंकिंग की दुनिया

सत्येंद्र कुमार यादव गांव में पहले और आज भी अनपढ़ लोगों को अंगूठा छाप ही बोला जाता है। ऐसे लोग वोट देते वक्त, बैंक से पैसे निकालते वक्त, किसी दस्तावेज…
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‘झिझिया’ से इतनी झिझक क्यों भाई !

पुष्य मित्र अगर हमें अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवित रखना है तो उसे सिर्फ दिल में सहेजने भर से काम नहीं चलेगा । उसे जुबां पर लाने की…
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गांव के रंग

भरत मिलाप, मेला और हमारा बचपन

फोटो- अजय कुमार मृदुला शुक्ला बचपन में दशहरे पर नए कपड़े मिलने का दुर्लभ अवसर आता था । हम सारे भाई बहन नए कपड़े पहन शाम को पापा के साथ…
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