Archives for गांव के रंग

गांव के रंग

बिहार का स्लीपर सेल और छठ पर्व पर गरथैया

अनुशक्ति सिंह के फेसबुक वॉल से साभार कभी किसी को कहते सुना था, जहाँ न जाये रवि वहाँ जाये बिहारी. एक बार कश्मीर के किसी सुदूर गाँव में ठेले वाले…
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फाउंटेन पेन का लालच और चवन्नी की चोरी

ब्रह्मानंद ठाकुर तस्वीर- अजय कुमार कोसी बिहार     घोंचू भाई आज खूब प्रसन्न मुद्रा में थे। मनकचोटन भाई के दलान में तिनटंगा चउकी पर ज्योंही घोंचू भाई ने अपना आसन…
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महिलाओं की सेहत, सैनेटरी नैपकिन और जागरूकता के ‘ढाई आखर’

टीम बदलाव बिहार के औरंगाबाद में गरीब और जरूरत मंदों के लिए शिक्षा की अलख जगा रहे ढाई आखर फाउंडेशन ने एक और पहल की है । ढाई आखर की…
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ओम बाबू ! आपकी हर अदा के हम कायल हैं

पशुपति शर्मा नशे में है कौन नहीं और किसमें है नशा नहीं है नशा उन्हीं में जो कहते मुझमें नशा नहीं। नवोदय विद्यालय पूर्णिया का वो छरहरा साथी, जिसकी जुबान/लेखनी…
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बादशाह खान के प्रति

- अरुण कमल फोटो सौजन्य- अजय कुमार कोसी बिहार बुढ़ापे का मतलब है सुबह शाम खुली हवा में टहलना बूलना बुढ़ापे का मतलब ताजा सिंकी रोटियाँ शोरबे में डबो डबो…
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गांव के रंग

हाईब्रिड की माया और किसानों की मुश्किल

फाइल फोटो ब्रह्मानंद ठाकुर उतरइत उत्तरा नक्षत्र में मेघ बरस जाने से घोंचू भाई के मुरझाएल चेहरा पर जब तनिका हरियरी छाया तब घोंचू भाई आज दुपहरिया बाद नहीं खा कर…
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आलोक श्रीवास्तव की दो कविताएं

एक दिन आएगा एक दिन आएगा जब तुम जिस भी रास्ते से गुजरोगी वहीं सबसे पहले खिलेंगे फूल तुम जिन भी झरनों को छुओगी सबसे मीठा होगा उनका पानी जिन…
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शिक्षक नहीं, मल्टीपर्पस ड्राइवर

डॉ. सुधांशु कुमार जी हां ! हम शिक्षक नहीं, ड्राइवर हैं । मल्टीपर्पस, मल्टीटैलेंट । इसीलिए खिचड़ी से लेकर बत्तख गणना, पशुगणना, चुनाव कार्य, वोट गिनती, प्रातः काल में लोटाधारी…
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देश के गांधी अड्डों की सूरत बदलनी चाहिए

संदीप नाईक एक ही है सेवाग्राम देश में, एक है कस्तूरबाग्राम इंदौर में और फिर देशभर में फैले हैं - गांधी चबूतरे और गांधी आश्रम , पीठ, अध्ययनकेन्द्र और पुस्तकालय…
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हुजूर, हमारी कई ज़िंदगियों से बड़ा है उनका मान-सम्मान

पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार मित्रो इन दिनों कुछ लोगों का सम्मान आम लोगों की ज़िंदगी से लाखों-करोड़ों गुना ज्यादा अहम हो गया है। शायद यही वजह है…
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