Archives for गांव के नायक - Page 7

छात्रों की कामयाबी ही गुरु का सबसे बड़ा सम्मान

दलजीत सिंह बिष्ट, प्रवक्ता, भौतिक विज्ञान पुरुषोत्तम असनोड़ा रविवार हो या कोई छुट्टी का दिन, गुरुजी रोज विद्यालय जाएंगे, पढायेंगे और अच्छे नम्बरों के टिप्स अपने विद्यार्थियों को देंगे। हां,…
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बॉर्डर की जंग से कमतर नहीं है गांव का ‘विकास-युद्ध’

देश की आन-बान और शान के लिए मर मिटने वाला एक फ़ौजी जब समाजसेवा की ठान लेता है तो उसकी जो परिणति होती है वो बतौर अन्ना हजारे के रूप…
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हुनरमंद बेटियों के हाथ गांव की ‘सरकार’

नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान डॉ आकांक्षा और प्रियंका यादव टीम बदलाव 13 दिसंबर को यूपी के गांवों की 'सरकार' बन गई। काफी उठापटक के बाद लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से ग्राम पंचायत चुनाव…
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गांव नया, ठांव नया… श्रेया का अंदाज नया

नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान श्रेया प्रियंका यादव यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तरह इस बार पंचायत चुनाव में भी महिला ब्रिगेड ने इतिहास रचा है। घर के बड़े बुजुर्गों ने पंचायत चुनाव…
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बस्ती की एक बेटी ने उठा ली है गांव की जिम्मेदारी

रुपम शर्मा, नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान, डुहवा मिश्र, बस्ती देश के सबसे बड़े सूबे यानी उत्तर प्रदेश में ग्राम संसद के लिए हुए आम चुनाव के नतीजे ये बताने के लिए…
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वजीफन ने हौसलों से जीती हर जंग

विपिन कुमार दास वजीफन खातून। दरभंगा के लालबाग की वजीफन खातून ने नारी शक्ति की एक बड़ी मिसाल पेश की है। वो छपरा के मढ़ौरा (सारण) से रोजी-रोटी की तलाश में दरभंगा पहुंची।…
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अमेरिका से लौटी ‘भक्तन’ बदल रही है गांव

सत्येंद्र कुमार यादव सपनों ने उड़ान भरी और वो पहुंच गई अमेरिका, लेकिन पिता का दिल बेटी की कामयाबी विदेश में नहीं, अपने गांव में देखना चाहता था। अपनी माटी…
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इस दीवाली उसके घर रिद्धि-सिद्धि आई हैं!

पशुपति शर्मा काजू-किशमिश। कोमल फिलहाल इन्हें इसी नाम से पुकारती हैं। आज दीवाली है। आज के दिन हम हमेशा मां से रिद्धि-सिद्धि के किस्से सुनते आए हैं। लेकिन आज बात…
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मुज़फ़्फ़रनगर की ‘भारत मां’

अश्विनी शर्मा मीणा मां के घर में पूरा 'हिंदुस्तान' जिस मुजफ्फरनगर में धर्म के नाम पर मारकाट मची। जब लोग हिंदू-मुस्लिम  के नाम पर मरकट रहे थे, मासूम बच्चों पर…
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तुम निडर डरो नहीं, तुम निडर डटो वहीं

झगरी गांव, मध्य प्रदेश अरुण प्रकाश डीएम साहब सुनते नहीं, सचिव महोदय के पास फुरसत नहीं, सीईओ (मुख्य कार्यपालन अधिकारी ) को परवाह नहीं। अब मैं किसके सामने अपने गांव…
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