Archives for गांव के नायक - Page 3

एक यारबाज अफ़सर की वीरगति को सलाम

विकास मिश्रा साभार-विकास मिश्रा के फेसबुक वॉल से मुकुल द्विवेदी का यूं जाना खल गया। मेरठ में मैं जब दैनिक जागरण का सिटी इंचार्ज था तब मुकुल द्विवेदी वहां सीओ…
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महीनों का काम घंटों में… कमाल है डीएम साहब!

अरुण यादव अगर आपके जिले के आलाधिकारी आपकी समस्या का निपटारा घर बैठे कर दें, तो कैसा लगेगा ? जरा सोचिए आप अपने घर पर हों और अधिकारी आपको फोन…
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तनाव से मुक्ति के लिए एक पत्रकार बन गया योगगुरु

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर कोई व्यस्त है । किसी के पास वक्त नहीं । खासकर युवाओं के पास तो बिल्कुल नहीं । ना अपने लिए और ना ही…
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आओ कि कोई ख्वाब बुनें कल के वास्ते…

चंदन शर्मा जहां टॉयलेट में जंजीर से मग और बैंक में रस्सी से पेन बांध कर रखने की नौबत हो, उस देश में करप्शन क्या खाक खत्म होगा? यहां ईमानदार…
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बुंदेलखंड के लिए एक उम्मीद है दशरथ का कुआं

आशीष सागर -हमारे देश में सूखा सियासत नहीं करता बल्कि सूखे पर सियासत जरूर होती है । शायद यही वजह है कि सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड तक मोदी सरकार…
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सीमांचल में ‘वर्चुअल दुनिया’ से रियल फाइट

पुष्यमित्र सोशल मीडिया ने आज पूरी दुनिया को एक सूत्र में बांध दिया है, किसी को पुराने दोस्त की तलाश करनी हो तो फेसबुक, किसी को अपने मन की बात…
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मैनपुरी का ‘मास्टर्स इन फ्लावर’

दिल्ली के कृषि मेले में फूलों के बीच युवा किसान रवि पाल अरुण यादव बदलाव की बयार कब और कहां से निकलेगी ये कोई नहीं जानता । क्या आप सोच…
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‘पुलिस’ को ‘दोस्त’ बनाने का संकल्प… मुबारक हो!

सत्येंद्र कुमार यादव गांवों में आज भी पुलिस कमोबेश 'दहशत' और 'दमन' की छवि से उबर नहीं पाई है। ख़ास कर ऐसे लोग जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें…
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बालमगढिया की छात्राएं गढ़ रही हैं सपनों की दुनिया

रूपेश कुमार अपनी कक्षा में विजयी मुद्रा में छात्राएं और छात्र। सभी फोटो-रुपेश एक ओर जब देश में स्कूलों की स्थिति को लेकर विश्व बैंक की रिपोर्ट को लेकर कुछ…
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चंपारण आंदोलन और गांधी के स्कूल का अनकहा पाठ

चंपारण में महात्मा गांधी ने निलहे प्लांटर्स के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन किया था, यह कहानी तो सबको ज्ञात है। मगर, उन्होंने सत्याग्रह ख़त्म होने के बाद छह माह रुक कर…
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