Archives for गांव के नायक - Page 2

गांव के नायक

देवरिया की लाडली का IAS बनने का सपना हुआ पूरा

अरुण प्रकाश अगर आपके भीतर कुछ करने का जुनून हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं । ये बात यूपी के देवरिया की रहने वाली प्रियंका रानी ने साबित कर दिखाया…
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यूपीएससी के टॉपर कनिष्क कटारिया- पहली बार में फतह

टीम बदलाव यूपीएससी 2018 परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित हो चुका है । IIT बॉम्बे के छात्र रहे कनिष्क कटारिया ने इस परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया है ।…
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चुनावी समर में शह-मात का खेल जारी है

राकेश कायस्थ क्या कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना ने अचानक चुनावी विमर्श को बदल दिया है? कांग्रेस जिस तरह `आय पर चर्चा' जैसे कार्यक्रमों के साथ मैदान में उतरी है,…
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देश को पूंजीवाद विरोधी किसान आंदोलन की जरूरत-सहजानंद सरस्वती

ब्रह्मानंद ठाकुर आज से 130 साल पहले उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के देवा गांव में 22 फरवरी , 1889 को महा शिवरात्रि के दिन एक साधारण किसान बेनी राय…
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घर में खुशियां आने वाली है… पिता को समझ नहीं आया बहू से क्या बताऊं ..?

भागलपुर, बिहार: शहीद रतन ठाकुर की तस्वीर के साथ पिता। वे गांव में रहते थे। साधारण किसान थे। वक़्त बदला तो अहसास हुआ कि परिवार की जिंदगी बदलनी है। शहर…
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गांधी तो अब मर रहे हैं आहिस्ता-आहिस्ता

पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार आज बापू की शहादत का दिन है। किसी सिरफिरे ने उन्हें गोली मार दी थी। लेकिन गांधी जैसी शख्सियत की हत्या महज गोली…
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लाइट, कैमरा, एक्शन और ‘कुंभ कथा’

अरुण प्रकाश रोज की तरह आज देर शाम कुछ पल के लिए फेसबुक पर सरसरी नजर डालने बैठा तो अचानक एक पोस्ट पर निगाहें टिक गईं । पोस्ट करने वाले…
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“नेहरू मिथक और सत्य” किताब 5 जनवरी को आप सबके बीच

किताब "नेहरू मिथक और सत्य" 5 जनवरी को आप सब के हाथ में आ जाएगी। किताब की भूमिका संघर्ष की पत्रकारिता का चेहरा बन चुके वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने लिखी…
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संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा की ओर बढ़ते कदम

शिरीष खरे/ हर कक्षा में 'मूल्यवर्धन' की गतिविधियों को संचालित करने के लिए दो प्रकार की गतिविधि पुस्तिकाएं होती हैं। पहली पुस्तिका कक्षा के शिक्षक के लिए होती है। इसकी…
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जब देश के पहले राष्ट्रपति को झेलना पड़ा दहेज प्रथा का दंश

ब्रह्मानंद ठाकुर बात आज से   102  साल पहले की है। राजेन्द्र बाबू  1916 में कलकत्ता ( अब कोलकाता ) से वकालत की पढ़ाई पूरी कर  वकालत करने पटना  आ चुके थे।…
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