Archives for गांव की गलियां - Page 3

पिंडी में गांव की गरिमा का महोत्सव

  सत्येंद्र कुमार पिंडी महोत्सव, फोटो- बृजेश धर दुबे तेरे शहर से तो कहीं अच्छा है मेरा गांव। चमक रहा है, दमक रहा है, महक रहा है। दिल्ली में रहकर…
और पढ़ें »

ओ शहर, गांव से बड़े भय के साथ लौटता हूं

अमित शर्मा अब यहां की धूल में पहले-सी वो महक नहीं। अब यहां के ‘राम-राम’ वाले संबोधन में पहले-सा अपनापन नहीं। अब यहां की बर्फी में पहले-सा वो स्वाद नहीं।…
और पढ़ें »