Archives for गांव की गलियां - Page 2

कोसी के लिए मुरलीगंज का अलर्ट !

फोटो- अजय कुमार रुपेश कुमार यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत तमाम राज्य सूखे की मार झेल रहे हैं । यूपी का बंदेलखंड हो या महाराष्ट्र का विदर्भ, सब जगह…
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देवरिया में लगी ‘बदलाव की चौपाल’

अनिल कुमार उत्तर प्रदेश के जौनपुर से ‘बदलाव की चौपाल’ का जो सफर शुरू हुआ वो दिल्ली होते हुए नेपाल की सीमा तक पहुंच चुका है । आप सभी के…
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भितिहरवा गांव, जिसने याद रखा कस्तूरबा का ‘ककहरा’

पुष्यमित्र पहली बार जिस खपरैल में गांधी का स्कूल शुरु हुआ था, उसे सुरक्षित रखा गया है। सभी फोटो-पुष्यमित्र लोगों ने इस स्कूल को जिंदा रखने के लिए तीन-तीन बार…
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औरंगाबाद के गांव बरपा में ग्रामीण T-20 का डे-नाइट रोमांच

टीम बदलाव देश में टी-20 का रोमांच है। कोहली की गोली और माही की जय-जय जैसे उदघोष हो रहे हैं। शहरों में कैमरों के सामने हज़ारों-लाखों लोगों का जुनून कैद…
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आओ करें सब एक जतन, ची-ची फुदके घर-आंगन !

आशीष सागर दीक्षित बुंदेलखंड के बाँदा जिले की नरैनी तहसील के ग्राम पंचायत खलारी- मोहनपुर में गौरैया का ब्याह हुआ । वर पक्ष से यशवंत पटेल ( अध्यापक) और प्रधान सुमनलता…
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एमु पालन-बड़े फायदे का सौदा है लखटकिया कारोबार

कन्हैया लाल सिंह जमशेदपुर से कोई छह किलोमीटर की दूरी पर एनएच 33 किनारे स्थित गांव बागुनहातु में रिटायर्ड प्रोफेसर जेरोम सोरेंग अपने फार्म में एमु पालन करते हैं। वह…
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सेहमलपुरवालों… सोच समझकर चुनना प्रधान

अरुण यादव उत्तर प्रदेश यानी वो राज्य जो देश की सियासत की दिशा और दशा बदलने का माद्दा रखता है। उसी सूबे में इन दिनों पंचायत चुनाव का शोर-शराबा है।…
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गांवों में दरकती शादियां और बिखरती ज़िदगियां

मनीष मनोहर रौसरा निवासी कुमार गौतम की कृति। फेसबुक पेज से साभार। मैं बिहार के सुदूर उत्तरवर्ती जिला सुपौल का रहने वाला हूं और पढाई लिखाई करने के बाद पिछले 11…
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गांव शहर बना तो हम हिन्दू-मुस्लिम हो गए !

ज़ैग़म मुर्तज़ा क़रीब दो दशक पहले गांव जाना हमारे लिए अंतर्राष्ट्रीय पिकनिक से कम न था। हफ्ता भर पहले तैयारियां शुरू हो जातीं थी। गांव कोई ऐसा ख़ास दूर नहीं…
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काए गुड़िया नईं चिन्हो का?

कीर्ति दीक्षित काफी सोच विचार के बाद शहर के शोरगुल से दूर अपनी कलम को आवाज देने के लिए मैंने अपने गाँव को चुना। बैग में चन्द कपड़े डाले और निकल…
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