Archives for आईना - Page 2

आईना

गांधी और अंबेडकर के बीच की कड़ी थे लोहिया

डॉक्टर भावना आजादी के सात दशक बाद भी हिंदुस्तान में जाति, धर्म की सियासत हो रही है। जिन नेताओं पर समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी होती है. वही समाज में…
और पढ़ें »
आईना

पूरे शंख और पुष्प की आभा से कवि केदारनाथ को प्रणाम

यतीन्द्र मिश्र एक शानदार कविता ने जैसे अपना शिखर पा लिया हो। कथ्य की आभा से छिटककर तारे की द्युति सी चमक। केदारनाथ सिंह के निधन का आशय बस इतना भर…
और पढ़ें »
आईना

न्यूज़ संस्थान अपनी विचारधारा सार्वजनिक कर दें-अजय कुमार

चित्रा अग्रवाल  “अगर न्यूज़ ऑर्गनाइजेशन्स को अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखनी हैं, तो उन्हें अपनी आईडियोलॉजीस, अपनी विचारधारा को सार्वजनिक कर देना चाहिए। क्योंकि हम माने या ना माने, एक पत्रकार…
और पढ़ें »
आईना

किसानों के ‘शांति मार्च’ का पैगाम समझिए फडणवीसजी

बब्बन सिंह 12 मार्च की शाम को अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों का लॉन्ग मार्च महाराष्ट्र सरकार के लिखित आश्वासन के बाद खत्म हो गया. हाल के…
और पढ़ें »
आईना

हर ढहती हुई मूर्ति ‘गांधीजी’ की ही है

पीयूष बबेले त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति को बुल्डोज किया गया तो पहले गुस्सा और फिर दुख हुआ। जो लोग एक पार्टी विशेष का झंडा वदन पर लपेटे उस मूर्ति को…
और पढ़ें »
आईना

वीरान बिड़ला नगर में बिखरी ‘बुद्धू’ की कुछ यादें

अनिल तिवारी ग्वालियर के बिड़ला नगर में दिन बीत रहे थे। दादागीरी के साथ मेरी जिन्दगी में रंगमंच की अहमियत बढ़ती जा रही थी। यह नहीं था कि सब अच्छा…
और पढ़ें »
आईना

वो ‘लम्हे’, ‘चांदनी’ यादें और ‘सदमा’

विकास मिश्रा 13 साल उम्र रही होगी, तब गांव में रेडियो ही मनोरंजन का पूर्ण साधन था। रेडियो सिलोन पर 'बिनाका गीतमाला' सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम था। रात में ये प्रोग्राम…
और पढ़ें »
आईना

3 घंटे और 2 इंटरवल वाले नाटकों का दौर

अनिल तिवारी मेरे कुछ मित्रों ने एपीसोड 8 के बाद पूछा कि बीआईसी  किस तरह के नाटक किया करती थी? तो मैं सभी मित्रों को बता देना चाहता हूँ कि…
और पढ़ें »
आईना

फाइव स्टार सुविधाओं वाला शुरुआती रंगकर्म

अनिल तिवारी 1968 में 15 बर्ष की उम्र में 'टी पार्टी' नाटक में अभिनय करने के पश्चात मील एरिया में यह चर्चा गर्म होने लगी कि अनिल तिवारी नाटकों में…
और पढ़ें »
आईना

‘टी पार्टी’ से बन ही गये हम नचकैया

अनिल तिवारी 1968 में जब मेरी उम्र मात्र 15 वर्ष की थी तब तक मैं स्कूल के शिक्षकों के लिये सर दर्द का सबब बन चुका था। उस समय हमारे क्लास…
और पढ़ें »