Archives for आईना - Page 2

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सजा छात्र को दी गई और दर्द गांधीजी को हुआ

सत्य के प्रयोग पार्ट -2 पहली कड़ी में आपने पढ़ा कि महात्मा गांधी ने  दक्षिण अफ्रीका में जेल की सजा काट रहे सत्याग्रहियों  के आश्रितों का भरण पोषण और उनके…
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कौशलेंद्र- एक धीमी मौत के लिए आश्वस्त हैं हम सभी

कौशलेंद्र प्रपन्ना पशुपति शर्मा शनिवार, सुबह… एक मित्र से सुना था उसका नाम-कौशलेंद्र। बहुत कुछ नहीं जानता, उसके बारे में। मित्र ने बताया- शिक्षा के क्षेत्र का 'एक्टिविस्ट' था। किसी…
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‘साक्षात्कार अधूरा है’- गुरु से गुरु तक की यात्रा

पशुपति शर्मा बंसी दा के साथ काम करने का अपना अनुभव है। रचना-कर्म के दौरान एक आत्मीय रिश्ता रहता है और यही गुरु-शिष्य परंपरा का अपना अनूठापन है। शिक्षक दिवस…
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रंगकर्मी प्रसन्ना को ‘कारवां-ए-हबीब सम्मान’

वर्ष 2019 के 'कारवां-ए-हबीब सम्मान' के लिये हम सबके प्रिय रंगकर्मी, निर्देशक, गांधीवादी चिंतक एवं एक्टिविस्ट प्रसन्ना को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। कारवां-ए-हबीब तनवीर और विकल्प साझा मंच, दिल्ली द्वारा…
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नेमिजी के होने न होने के 100 बरस

रवीन्द्र त्रिपाठी नेमि शती समारोह के दौरान पुस्तक विमोचन। किसी बड़े रचनाकार की जन्मशती के मौके पर ये सवाल उठ सकता है कि उसे किस रूप में याद रखा जाए?…
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गोवा का एक अनोखा स्कूल

शिरीष खरे आमतौर पर घर, खेत, खलिहान और दुकानों पर काम करने वाली महिलाओं के काम को काम नहीं माना जाता है। बच्चों को पालने और उन्हें बड़े करने के…
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गांधी और दलित उत्थान

पिछले हफ्ते पटना के विद्यापति भवन सभागार में “गांधी और दलित” विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में मुख्य अतिथि थे बिहार के माननीय उप-मुख्यमंत्री श्री…
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समांतर सिनेमा की राह बनाने वाले फिल्मकार की नज़र

अरविंद दास साल 2010 की गर्मियों के मौसम में हम पुणे स्थित फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआइआइ) में फिल्म एप्रीसिएशन कोर्स करने गए थे। उस दौरान समांतर सिनेमा के अग्रणी…
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ना कह के भी, सब कहना है

अर्चना रीत जब उमड़े ज्वार सवालों केजब शब्दों में कहना हो मुश्किलजब कहना चाहो, अंदर का सबजब लगे कौन समझेगा, ये सबजब उलझन खुद ही, उलझी खुद में जब गिरह के…
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फूल और पत्तियां

पशुपति शर्मा/ आज फूल कर रहे थे बातें गुलाब, अपने रूप पर इतरा रहा था गेंदा, अपने गुणों का बखान कर रहा था सूरजमुखी, सूरज को ताक रहा था बाग…
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