Archives for आईना - Page 2

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छुट्टियों में घर गया तो समेट लाया कुछ प्यारी यादें

सुबोध कांत सिंह मंजिल यूं ही नहीं मिलती राही को जुनून सा दिल में जगाना पड़ता है पूछा चिड़िया को की घोंसला कैसे बनता है वो बोली तिनका तिनका उठाना…
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पाठकों को मिलेगा ‘नारद कमीशन’ का आनंद

डा.सुधांशु कुमार ... बात यदि मानवों तक की रहती तो एक बात थी किंतु यहां तो 'छिच्छकों' का अति पेचीदा मामला था। देखने- सुनने में मनुष्य के आकार-प्रकार की तरह…
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रंगकर्म की दुनिया, निजी ज़िंदगी और स्त्री पात्र

अनिल तिवारी वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल तिवारी अपने रंगकर्म के 50 बरस के अनुभवों को फेसबुक पर साझा कर रहे हैं। हम इस सीरीज को बदलाव के पाठकों के साथ साझा…
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दुलहिन तनी लम जा

डॉ. प्रीता प्रिया गर्मियों की शादी के मौसम में एक अजीब सा खालीपन होता है, एक उदासी सी होती है, एक खलिश होती है मानो मौसम बोझिल सा उदास सा…
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बचपन की मुस्कान

डॉक्टर प्रीता प्रिया बचपन के दिन  बिताए हैं मैंने  सूरज की किरणों की डोली पर चंदा के पलने पर मैंने  बचपन की रात गुजारी है  बचपन में मैंने जीवन की …
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लड़की खोजो अभियान में दर-दर भटका रंगकर्मी

अनिल तिवारी छोटे शहरों में नाटकों के लिये महिला कलाकारों की हरदम कमी रही है। इस भीषण कमी का सामना एक समय बीआईसी को भी करना पड़ा। यह बीआईसी के…
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स्वच्छ भारत मिशन और बिहार

10 अप्रैल 2018, दिन मंगलवार । पीएम मोदी ने चंपारण की धरती से सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह को धार दी और सफाई अभियान को और तेज करने की अपील की ।…
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गांधी और अंबेडकर के बीच की कड़ी थे लोहिया

डॉक्टर भावना आजादी के सात दशक बाद भी हिंदुस्तान में जाति, धर्म की सियासत हो रही है। जिन नेताओं पर समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी होती है. वही समाज में…
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पूरे शंख और पुष्प की आभा से कवि केदारनाथ को प्रणाम

यतीन्द्र मिश्र एक शानदार कविता ने जैसे अपना शिखर पा लिया हो। कथ्य की आभा से छिटककर तारे की द्युति सी चमक। केदारनाथ सिंह के निधन का आशय बस इतना भर…
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न्यूज़ संस्थान अपनी विचारधारा सार्वजनिक कर दें-अजय कुमार

चित्रा अग्रवाल  “अगर न्यूज़ ऑर्गनाइजेशन्स को अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखनी हैं, तो उन्हें अपनी आईडियोलॉजीस, अपनी विचारधारा को सार्वजनिक कर देना चाहिए। क्योंकि हम माने या ना माने, एक पत्रकार…
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